home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

छोटी दुद्धी (दूधी) के फायदे एवं नुकसान - Health Benefits of Dudhi

परिचय|उपयोग|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|डोसेज|उपलब्धता
छोटी दुद्धी (दूधी) के फायदे एवं नुकसान - Health Benefits of Dudhi

परिचय

छोटी दुद्धी (दूधी) क्या है?

छोटी दूधी (Dudhi) एक पौधा है, जो औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज के लिए गुणकारी माना जाता है। इसका वानस्पातिक नाम यूफॉर्बिया थाइमीफोलिया लिन (Euphorbia thymifolia Linn) है। यह यूफॉर्बिएसीए (Euphorbiaceae) परिवार से ताल्लुक रखता है। यह दुग्धिका (Dugdhikaa), नागार्जुनी (Naagaarjuni), स्वादुपर्नी (Swaaduparni) और ग्रीन लीव्ड स्पर्ज (Green leaved spurge) के नाम से भी जाना जाता है।

उपयोग

छोटी दुद्धी (दूधी) का उपयोग किस लिए किया जाता है?

पौराणिक समय से इसका इस्तेमाल खून को साफ, डायरिया, डिसेंटरी, पेट फूलना, कब्ज, पूरानी खांसी के इलाज के लिए किया जाता आ रहा है। इसमें कई ऐसे पदार्थ होते हैं, जो पेनफुल ब्लीडिंग पाइल्स, कफ, स्किन रोग और पैरासिटिक इंफेक्शन में भी यह बेहद उपयोगी है। इसमें एप्रोडिसिएक और एंटी पायरेटिक प्रॉपर्टीज होती हैं, जिस वजह से इसे क्रोनिक कोल्ड, मेंस्ट्रूअल डिसऑर्डर, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस पौधे क पीसकर हेयर ग्रोथ के लिए सिर पर लगाया जाता है। निम्नलिखित परिस्थितियों में छोटी दूधी (Dudhi) का इस्तेमाल किया जाता है।

अस्थमा और पेरोनिकिया के इलाज में कारगर (treats asthma and paronychia): इसमें एंटीवायरल प्रॉपर्टीज होती है जिस वजह से इसका इस्तेमाल अस्थमा और पेरोनिकिया रोग के लिए लाभदायक माना जाता है।

रिंग वर्म से राहत (Cure for Ring worm): दक्षिण भारत में छोटी दुद्धी के पौधे के रस को रिंग वॉर्म के इलाज के रूप में लगाया जाता है।

सांप या किसी कीड़े मकोड़े के काटने पर (snake or venomous insect bite): सांप या किसी जहरीले कीड़े मकोड़े के काटने पर इसे उपयोगी माना जाता है।

अमेनोरिया और गोनोरिया का इलाज (Helps in menorrhea and gonorrhea): इसकी जड़ में कई ऐसे पदार्थ होते हैं, जिस वजह से इसे अमेनोरिया और गोनोरिया में रिकमेंड किया जाता है।

बच्चों में कब्ज की शिकयत (relieves children in bowel complaints): बच्चों को पाचन संबंधित परेशानी में इसे बटर मिल्क के साथ रिकमेंड किया जाता है।

एरिसिपेलॉस में मददगार (Helps in treatment of erysipelas): छोटी दुद्धी के ऑयल को एरिसिपेलॉस के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

डायबिटीज में फायदेमंद (Helpful in Diabetes): छोटी दुद्धी (दूधी) में एंटीहायपरगलाइसेमिक प्रॉपर्टीज होती हैं, जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करती है। चूहों पर किए गए एक शोध में इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि इसे लेकर अधिक शोध करने की जरूरत है।

कोलन कैंसर से बचाव (Prevents colon cancer): इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री-रेडिकल्स को दूर करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट फ्री-रेडिकल्स को बेअसर कर कोलन कैंसर पनपने से रोकने में भी मदद करते हैं।

एडिमा में राहत (Relieves Edema): छोटी दुद्धी में एंटी-इनफलामेटरी गुण होते हैं जो सूजन से निजात दिलाने में मददगार है।

फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection): इसमें एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज होती हैं जो फंगल इंफेक्शन के इलाज में मदद करती हैं।

अर्थराइटिस के इलाज में मददगार (Helpful in Treating Arthritis): रूमेटाइड अर्थराइटिस में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कई ऐसे पदार्थ होते हैं जो अर्थराइटिस के लक्षण को कम करते हैं।

और पढ़ें : नागरमोथा के फायदे एवं नुकसान : Health Benefits of Nagarmotha

कैसे काम करती है छोटी दुद्धी (Dudhi)

छोटी दुद्धी (Dudhi)में सिडेटिव, हेमोस्टेटिक, एरोमेटिक, स्टिम्यूलेंट, एस्ट्रिंजेंट, एंटीहेलमिंटिक, डेमुलसेंट, लैक्सेटिव प्रोपर्टीज होती हैं। इसके अलावा इसमें एंटीपायरेटिक, एंटीवायरल प्रॉपर्टीज और एप्रोडिसिएक गुण होते हैं, जिस वजह से इसे कई बीमारियों के इलाज के लिए वरदान समान माना जाता है।

और पढ़ें : पीला कनेर के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of Yellow Kaner

सावधानियां और चेतावनी

छोटी दुद्धी (दूधी) के उपयोग से पहले मुझे क्या बातें मालूम होनी चाहिए?

निम्नलिखित परिस्थितियों में छोटी दुद्धी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:

  • यदि आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खानी चाहिए।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन है।
  • यदि आप किसी बीमारी के चलते कोई मेडिसिन ले रहे हैं तो भी डॉक्टर से कंसल्ट किए बिना छोटी दुद्धी का सेवन न करें। क्योंकि दवा के साथ छोटी दुद्धी का सेवन इंटरैक्ट कर सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
  • यदि आपको छोटी दुद्धी के किसी पदार्थ या अन्य दवा या औषधि से एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनसे जुड़ी पर्याप्त जानकारी भी नहीं है। इनसे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। छोटी दुद्धी का प्रयोग करने से पहले इसके साइड फैक्ट्स की तुलना इसके फायदों से जरूर करनी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बालिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

साइड इफेक्ट्स

छोटी दुद्धी (दूधी) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

छोटी दुद्धी का सीमित मात्रा में इस्तेमाल ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित होता है। कई शोध के अनुसार, इसका इस्तेमाल करने से किसी तरह के साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। हालांकि इसे लेकर अधिक शोध करने की जरूरत है।

विशेष सावधानियां और चेतावनी :

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान: इस बारे में पर्याप्त विश्वसनीय जानकारी नहीं है कि गर्भवती होने या स्तनपान कराने के दौरान छोटी दुद्धी का दवा के रूप में उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उपयोग करने से परहेज करना ही बेहतर होगा। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें : अस्थिसंहार के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of Hadjod (Cissus Quadrangularis)

डोसेज

छोटी दुद्धी (Dudhi) को लेने की सही खुराक क्या है?

हर मरीज के मामले में छोटी दुद्धी का डोज अलग हो सकता है। कभी भी इसकी खुराद खुद से तय नहीं करें। आपका चिकित्सक आपकी उम्र, मेडिकल कंडिशन और दूसरे अन्य कारकों के अनुसार आफकी खुराद निर्धारित करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नहीं होती हैं। इसलिए खुद से दवा लेना एवॉइड करें। इसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। छोटी दुद्धी के उपयुक्त डोज के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

और पढ़ें : पारिजात (हरसिंगार) के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Night Jasmine (Harsingar)

उपलब्धता

किन रूपों में उपलब्ध है छोटी दुद्धी (Dudhi)?

छोटी दुद्धी निम्नलिखित रूपो में उपलब्ध है:

  • छोटी दुद्धी की पत्तियां
  • छोटी दुद्धी की जड़
  • छोटी दुद्धी का रस
  • छोटी दुद्धी का पेस्ट
  • छोटी दुद्धी का पाउडर
  • छोटी दुद्धी टैबलेट

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

A review on phyto-pharmacological potentials of Euphorbia thymifolia L.: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3902538/ Accessed June 25, 2020

Chamaesyce thymifolia (L.) Millsp.: https://plants.usda.gov/core/profile?symbol=CHTH4 Accessed June 25, 2020

Euphorbia thymifolia: https://www.itis.gov/servlet/SingleRpt/SingleRpt?search_topic=TSN&search_value=513411#null Accessed June 25, 2020

Therapeutic Uses of Euphorbia thymifolia: https://www.phcogrev.com/sites/default/files/PhcogRev-1-2-299.pdf

Antibacterial activity of Euphorbia thymifolia Linn.: https://europepmc.org/article/med/3169896

Phytochemical screening of Euphorbia thymifolia Linn: https://www.researchgate.net/publication/278850349_Phytochemical_screening_of_Euphorbia_thymifolia_Linn

Phytopharmacological activities of Euphorbia thymifolia Linn: https://www.researchgate.net/publication/304702899_Phytopharmacological_activities_of_Euphorbia_thymifolia_Linn

लेखक की तस्वीर badge
Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/09/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x