सीताफल खाने के फायदे जान लें, बन जाएगा आपका फेवरेट फल

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 26, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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इस बात से हम सभी अच्छे से वाकिफ हैं कि फल और सब्जियां हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। इसे शरीफा नाम से भी जाना जाता है। इंग्लिश में इसे कस्टर्ड एपल(Custard Apple) कहते हैं। ये बाहर से जितना सख्त दिखता है अंदर से उतना ही नरम होता है। इसका गूदा सफेद रंग का होता है जिसमें काले रंग के बीज होते हैं। आयुर्वेद में भी इसके गुणों का वर्णन है। इसका स्वाद मीठा होता है। औषधीय गुणों से भरपूर इस फल की तासीर ठंडी होती है।

पोषक तत्वों की खान है सीताफल

सर्दी के मौसम में आने वाला ये फल कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-ए,  थियामिन, राइबोफ्लेवन, नियासिन आदि पाए जाते हैं।  इसके अलावा ये पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम, फास्फोरस और आयरन का भी अच्छा स्त्रोत है। इस फल को डायट में शामिल करने से आप तमाम बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट्स की खान (High in Antioxidants):

एक शोध में पाया गया कि सीताफल के पल्प में एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। शरीर में फ्री रेडिकल्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का कारण बनते हैं जिससे कैंसर और दिल संबंधित गंभीर बीमारी होने का खतरा होता है।

एक शोध के अनुसार, सीताफल की पील और पल्प दोनों में एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में होता है। इसमें कारोटेनॉयड नामक एंटीऑक्सीडेंट भी होता है जो शरीर को कई बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। कई शोध में इस बात की पुष्टी हुई है कि कारोटेनॉयड आंखों की हेल्थ के लिए अच्छा होता है और साथ ही दिल संबंधित परेशानी और कैंसर के खतरे को कम करता है।

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आपके मूड को बनाए बेहतर (Boost your mood):

इसमें पाए जाने वाला विटामिन-बी6 न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन के संश्लेषण के लिए बेहद जरूरी है। सेरोटोनिन मूड को बेहतर बनाने का काम करता है। शरीर में विटमामिन-बी6 की कमी होने से डिप्रेशन होने की संभावना रहती है।

251 वयस्कों पर किए गए एक शोध के अनुसार विटामिन-बी6 की कमी होने के कारण डिप्रेशन के होने का खतरा डबल होता है। इसलिए डायट में इस फल को शामिल करकी विटामिन-बी6 की कमी से तो बचा ही जा सकता है साथ ही डिप्रेशन से भी खुद को कोसों दूर रख सकते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी से दूर रखता है (Prevent High Blood Pressure):

शरीफा उन लोगों के लिए वरदान समान है जिनका ब्लड प्रेशर हाई रहता है। इसमें पोटैशियम और मैग्निशियम होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं।  इसमें मौजूद पोटेशियम और मैग्निशियम रक्त वाहिकाओं के फैलाव को बढ़ावा देते हैं, जो निम्न रक्तचाप में मदद करता है। उच्च रक्तचाप से आपके हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं :

सीताफल में अधिक मात्रा में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं  जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह शरीर को कई बीमारियों और इंफेक्शन से लड़ने में सक्षम बनाता है। शरीर में विटामिन-सी की कमी का सीधा ताल्लुक इम्युनिटी है जिससे कई तरह के गंभीर इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है।

सूजन को दूर करता है :

सूजन कई गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग और कैंसर का कारण होती है। शरीफा में कई एंटी-इन्फलामेटरी कंफाउंट होते हैं जिसमें काउरेनिक एसिड (kaurenoic acid) भी शामिल है। जानवरों पर किए गए एक शोध के अनुसार, इस एसिड में मजबूत एंटी-इन्फलामेटरी गुण होते हैं जो सूजन से निजात दिलाते हैं।

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एंटीकैंसर प्रॉपर्टीज:

शरीफा में कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं जो कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं। एक शोध के अनुसार, इसमें कई फ्लेवोनॉयड भी होते हैं जो कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकते हैं।

खून की कमी को करता है दूर:

विटामिन-सी और आयरन से भरपूर सिताफल हिमोग्लोबिन बढ़ाने और खून की कमी को दूर करने में असरदार है। इसलिए एनीमिया से बचने के लिए भी सीताफल का सेवन लाभदायक होता है। जिसमें शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है। जिनके शरीर में खून के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा पहुंचने में परेशानी होती है। तो उनके लिए भी ये काफी प्रभावकारी है।

अस्थमा से बचाए सीताफल:

इसमें मौजूद विटामिन-बी6 अस्थमा के अटैक से सुरक्षा प्रदान करता है। इसमें कई गुण ऐसे होते हैं, जो ब्रोंकाइल इंफ्लेमेशन से बचाने में मदद करते हैं। अस्थमा एक प्रकार की मेडिकल कंडीशन है, जो इन्फ्लेमेशन (फेफड़ों के रास्ते में सूजन) के कारण भी हाे सकती है। ऐसे में डॉक्टरों का मानना है कि सीता सीताफल के प्रयोग से इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। यह एक बेहतरीन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वाला फल है। एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रिया अस्थमा के जोखिम को कम करने में मदद करती है।

दिल संबंधित बीमारियों से रखे दूर:

इसमें मैग्निशियम पाया जाता है जो कार्डिएक अटैक से बचाता है। इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जोकि दिल की बीमारियों को दूर करने में मददगार हैं। हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए भी सीताफल का उपयोग किया जा सकता है। इसमें विटामिन-बी6 की भी पर्याप्त मात्रा पायी जाती है। इसमें पाए जाने वाले विटामिन-बी6 के सेवन से हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सकता है।

इसके अलावा कोलेस्ट्राॅल की समस्या के लिए भी काफी प्रभावकारी है। इसके सेवन में कोलेस्ट्रोल की मात्रा भी कंट्रोल में रहती है। इसमें नियासिन विटामिन की मात्रा पाई जाती है, इसके सेवन से कोलेस्ट्रोल स्तर को संतुलित बना रहता है और  हृदय रोग व हार्ट अटैक से बचाए रखने में मददगार होता है।

पाचन शक्ति को करे मजबूत सीताफल:

सीताफल में फाइबर और कॉपर होते हैं, जो कब्ज से राहत दिलाने और पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में मददगार है। क्योंकि फाइबर को पचाया या अवशोषित नहीं किया जा सकता है, यह स्टूल में मिलकर आपकी आंतों के माध्यम से स्थानांतरित करने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें घुलनशील फाइबर भी होते हैं जो आंत में अच्छे बैक्टीरिया का काम करते हैं। इसके साथ ही ये शॉर्ट-चेन फैटी एसिड (एससीएफए) का उत्पादन करने के लिए किण्वन से गुजरते हैं।

आंखों के लिए फायदेमंद है सीताफल :

शरीफा में कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। कई शोध में भी पाया गया कि इसके सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है। कई शोध के अनुसार, इसका सेवन करने से उम्र के साथ होने वाली आंखों की परेशानियां जैसे नजर कमजोर होना या आंखों का डैमेज होना आदि की रोकथाम की जा सकती है। इसमें ल्यूटीन होता है जो आंखों के टिश्यू को सुरक्षा प्रदान करता है।

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इस तरह करें सीताफल का सेवन:

सबसे पहले इसके बीजों को निकालकर गूदा निका लें। फ्रूट सैलेड, योगर्ट, ओटमील या स्मूदी में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

माना कि कस्टर्ड एपल का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन इसमें बहुत कम मात्रा में कुछ टॉक्सिक कंपाउंड भी होते हैं, जो आपके दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर कर सकते हैं। इन टॉक्सिक कंपाउंड की होने की संभावना इसके बीजों में ज्यादा रहती है। इसलिए इसे खाते समय इसका गूदा निकालकर बीज अलग कर लें।

सीताफल के साइड इफेक्ट्स:

आपने अभी तक सीताफल के बहुत सारे फायदों के बारे में जाना लेकिन क्या आप जानते हैं, इसमें कम मात्रा में टॉक्सिक कंपाउंड भी होते हैं। इसमें एनोनासिन (annonacin) नामक टॉक्सिन होता है, जो आपके दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर डाल सकता है। सीताफल के हर हिस्से में यह टॉक्सिन हो सकते हैं, लेकिन खासतौर पर यह इसके बीज और स्किन में मौजूद होते हैं। इस फल को खाने के लिए आप इसकी स्किन और बीज को खाने से पहले ही अलग कर दें।

हम आशा करते हैं कि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया होगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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