गाउटवीड एक सदाबहार पौधा है, जो गाजर परिवार के पौधों से संबंध रखता है। इसका फैमिली नाम अंबैलिफर्स (Umbellifers) है और साइंटिफिक नाम एजोपोडियम पोडाग्ररिया (Aegopodium podagraria) है। यह छायादार जगहों पर उगता है। इसे ग्राउंड एल्डर (ground elder) के नाम से भी जाना जाता है।

गाउटवीड का इस्तेमाल रूमेटाइड रोग के इलाज के लिए किया जाता है। इस रोग की श्रेणी में ऑटोइम्यून रोग और ऐसे रोग आते हैं जो सॉफ्ट टिशू को प्रभावित करते हैं। जैसे की अर्थराइटिस और गाउट।
गाउटवीड का इस्तेमाल बवासीर और किडनी, ब्लैडर व पेट संबंधी विकारों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।
गाउटवीड के जमीन से ऊपर उगने वाले हिस्से का इस्तेमाल औषधि बनाने के लिए किया जाता है।
यह रयूमेटाइड अर्थराइटिस, जिसमें ऑटो इम्यून डिजीज और ऐसी बीमारियां जो जोड़ों और कोमल उत्तकों को प्रभावित करती हैं, जैसे गाउट अर्थराइटिस समस्या में इस्तेमाल होता है।
बवासीर के साथ-साथ गाउटवीड का इस्तेमाल किडनी, ब्लैडर और आंत की समस्याओं में होता है।
हालांकि, फिलहाल इस जड़ी-बूटी पर पर्याप्त अध्ययन न होने की वजह से इसके प्रभावों और औषधीय गुणों के बारे में बता पाना थोड़ा मुश्किल है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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गाउटवीड को वयस्कों द्वारा प्राचीन कल में सब्जियों की तरह खाया जाता था। फूल के खिलने से पहले जब इस पौधे की कली विकसित होती है तो उसे तोड़कर उसका सूप बनाकर पिया जा सकता है।
इसके साथ ही गाउटवीड की ताजी पत्तियों को सलाद की बजाए सब्जी की तरह भी पकाकर खाया जा सकता है।
इसकी पत्तियों में मौजूद औषधीय गुणों के कारण इसके तेल की मदद से सब्जियों को ताजा रखा जाता था। इसके साथ ही यह मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने में भी बेहद प्रभावशाली होता है।
आप चाहें तो गाउटवीड का इस्तेमाल पैनकेक, ऑमलेट, और चीज केक में भी कर सकते हैं।
इसकी जड़ और पत्तियों को साथ में उबालकर हिप पर अप्लाई किया जाता है जो कि सायाटिका (sciatica) के केस में मददगार साबित होती हैं।
इसके कार्य करने के संबंध में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। गाउटवीड का इस्तेमाल करने से पहले अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
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निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:
अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। गाउटवीड का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
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इसका सेवन सुरक्षित है या नहीं, इस बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। बिना डॉक्टर या हर्बलिस्ट की सलाह के इसका सेवन न करें।
प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग: ब्रेस्टफीडिंग और प्रेग्नेंसी के दौरान इसके इस्तेमाल को लेकर अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से दोनों ही स्थितियों में इसका सेवन करने से बचें।
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गाउटवीड के साइड इफेक्ट्स को लेकर पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
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यह औषधि आपकी मौजूदा दवाइयों और मेडिकल कंडिशन के साथ रिएक्शन कर सकती है। गाउटवीड का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
हर मरीज के मामले में गाउटवीड का डोज अलग हो सकता है। जो डोज आप ले रहे हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नही होती हैं। गाउटवीड के उपयुक्त डोज के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
गाउटवीड निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:
अधिक जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
11/08/2020
Sunil Kumar द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Manjari Khare
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar