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Swallowroot : स्वालोरुट क्या है?

परिचय|उपयोग|सावधानी और चेतावनी|साइड इफ़ेक्ट|डोज
Swallowroot : स्वालोरुट क्या है?

परिचय

स्वालोरुट क्या है?

स्वालोरुट को कई नामों से जाना जाता है जैसे डेकालेपिस हैमिल्टन, मक्ली बेरू, नानारी, इंडियन सरसपिरिला आदि। यह एक ऐसा पौधा है जिसकी जड़ का प्रयोग दवाई बनाने के लिए किया जाता है।

लोग इसका प्रयोग ब्लड प्यूरीफायर और भूख को बढ़ाने वाली दवाई के रूप में करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस जड़ में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं और यह जड़ बैक्टीरिया से लड़ने में भी कारगर है। इस जड़ से आयुर्वेदिक दवाई बनाई जाती है और आचार व शर्बत बनाने के लिए भी इस हर्ब का प्रयोग होता हैं। जानिए इस हर्ब के बारे में विस्तार से।

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उपयोग

स्वालोरुट के इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

स्वालोरुट निम्नलिखित रोगों या समस्याओं को दूर करने में प्रभावी हैं:

  • भूख को बढ़ाने में
  • खून को साफ़ करने में
  • कई अन्य स्थितियों में भी इस जड़ी-बूटी का प्रयोग लाभदायक है। लेकिन, इसे अपनी मर्जी से न लें। बल्कि, अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की राय के बिना इस या किसी भी औषधि के प्रयोग से बचे।

स्वालोरुट कैसे काम करती है?

शुरुआत रिसर्च यह बताती है कि स्वालोरुट एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करती है और बैक्टीरिया को दूर करने में प्रभावी है।

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सावधानी और चेतावनी

स्वालोरुट के इस्तेमाल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?

इस बात की कोई पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है कि स्वालोरुट का उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। लेकिन, किसी भी हर्ब का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इस जड़ी-बूटी का उपयोग करने से पहले कुछ स्थितियों में विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

गर्भावस्था और ब्रेस्ट-फीडिंग

गर्भावस्था : इस बात की कोई पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है कि गर्भावस्था की स्थिति में स्वालोरुट का उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको इस जड़ी-बूटी का सेवन नहीं करना चाहिए या तभी करना चाहिए जब डॉक्टर ने इसकी सलाह दी हो। क्योंकि, इसका सेवन करना गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। सुरक्षित रहने के लिए अपने डॉक्टर से पूरी जानकरी लें।

स्तनपान : अगर आप स्तनपान करा रही हैं तो उस स्थिति में भी आपको डॉक्टर की सलाह के बिना इस दवाई को नहीं लेना चाहिए। क्योंकि, हो सकता है कि यह हर्ब ब्रेस्ट मिल्क से पास हो और आपके शिशु को नुकसान पहुंचाएं। इसलिए प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग दोनों ही स्थितियों में आपको केवल उन्ही दवाइयों का सेवन करना चाहिए जिनकी सलाह डॉक्टर ने दी हो। ऐसे में स्तनपान और गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, इस दौरान इसका प्रयोग न करें।

सर्जरी: स्वालोरुट खून के थक्के जमने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। इसलिए, इस हर्ब का सेवन करने से सर्जरी के बाद ब्लीडिंग की समस्या बढ़ सकती है। अगर आपकी सर्जरी होने वाली है तो सर्जरी के कम से कम दो हफ्ते पहले इस जड़ी-बूटी का सेवन करना बंद कर दें। अन्यथा, इस हर्ब का सेवन आपके सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

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साइड इफ़ेक्ट

स्वालोरुट के क्या साइड इफैक्ट हो सकते हैं?

स्वालोरुट के साइड इफेक्ट्स के बारे में सही जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन सुरक्षित रहें और गर्भावस्था, स्तनपान, किसी रोग या सर्जरी की स्थिति में इस हर्ब्स का सेवन न करें। ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

प्रभाव

स्वालोरुट किस दवाईयों के साथ मिलकर विपरीत प्रभाव ड़ाल सकती है?

  • कुछ दवाईयां जो खून के थक्के जमने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं (Anticoagulant / Antiplatelet drugs)। इन दवाईयों के साथ इस जड़ी-बूटी का सेवन करने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, जो लोग ऐसी दवाईयों का सेवन कर रहे हैं उन्हें स्वालोरुट का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि स्वालोरुट खून के थक्के के जमने की प्रक्रिया को धीमा करने का काम करती है। ऐसे में, इन दवाईयों को स्वालोरुट के साथ लेने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही नील पड़ना और ब्लीडिंग जैसी समस्या भी हो सकती है।
  • ऐसी दवाईयां जो खून के थक्के जमने की प्रक्रिया को कम करती हैं वो हैं एस्पिरिन (aspirin), क्लोपिडोग्रेल (clopidogrel), डाइक्लोफेनैक (diclofenac), इबुप्रोफेन (ibuprofen), नेप्रोक्सन (Naprosyn), डाल्टैपरिन (dalteparin), एनॉक्सैपरिन (enoxaparin), हेपरॉक्स(heparin) और अन्य।
  • अगर आप इस हर्ब से होने वाले साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं, तो कृपया अपने औषधि विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श करें ।

कितना सुरक्षित है स्वालोरुट का उपयोग?

स्वालोरुट का प्रयोग करना सुरक्षित है या नहीं, इसके बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन अच्छी तरह से जानकारी लेने के बाद ही आप इस जड़ी-बूटी का सेवन करें। अपनी मर्जी से इसका सेवन न करें। अगर डॉक्टर ने आपको इस हर्ब को लेने की सलाह दी है तो इसे दूसरे रोगी के साथ शेयर न करें जिसे आपके समान समस्या हो, जब तक डॉक्टर उसे इस हर्ब को लेने के लिए न कहें।

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डोज

स्वालोरुट की कितनी डोज लेनी चाहिए?

स्वालोरुट की सही डोज कई चीज़ों पर निर्भर करती है जैसे रोगी की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और कई अन्य स्थितियां। इस समय इस जड़ी-बूटी की डोज की सही रेंज के बारे में कोई पर्याप्त साइंटिफिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस बात का ध्यान रखें कि प्राकृतिक उत्पाद हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं और इसकी डोज भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इस उत्पाद के लेबल पर लिखी सलाहों का पालन करें और इस हर्ब के प्रयोग करने से पहले अपने फार्मासिस्ट या डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।

उपलब्ध

स्वालोरुट इन रूपों में उपलब्ध हो सकती है:

  • रॉ स्वालोरुट

हमें उम्मीद है कि स्वालोरुट पर आधारित यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस लेख में हमने इस हर्ब से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी देने की कोशिश की है। यहां बताए गई स्वास्थ्य स्थितियों में आप इसका उपयोग कर सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह से। अधिक जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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सूत्र
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Anu sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/05/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड