home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

Labyrinthitis : लेबिरिन्थाइटिस क्या है?

परिचय |लक्षण |कारण |जोखिम |उपचार |घरेलू उपचार
Labyrinthitis : लेबिरिन्थाइटिस क्या है?

परिचय

लेबिरिन्थाइटिस क्या है?

लेबिरिन्थाइटिस तब होता है जब आंतरिक कान संक्रमित हो जाता है या सूजने लगता है, यह एक प्रकार का संतुलन विकार पैदा कर सकता है, जिसे लेबिरिन्थाइटिस कहा जाता है। कभी-कभी ये समस्या तब हो सकती है जब ऊपरी श्वसन संक्रमण होता है जैसे, फ्लू।

आंतरिक कान में इन्फेक्शन से लेबिरिन्थाइटिस होता है जो आमतौर पर वायरस का कारण है। कभी-कभी बैक्टीरिया के कारण भी ये समस्या हो सकती है। वायरल और बैक्टीरयल इन्फेक्शन के लक्षण समान देखने को मिल सकते हैं तो ऐसे में डॉक्टर पहले ये जांचने की कोशिश करेगा कि आपको कौन सा प्रकार है जिसको लेकर उन्हें इलाज करना है।

ये भी पढ़ें : पेट का कैंसर क्या है ? इसके कारण और ट्रीटमेंट

लक्षण

लेबिरिन्थाइटिस के क्या लक्षण है?

लेबिरिन्थाइटिस के लक्षण बहुत तेजी से शुरू होते हैं और कुछ दिनों तक उनका असर काफी अधिक होता है। आमतौर पर फिर वो अपने आप धीरे-धीरे कुछ दिनों में कम होने लगते हैं, लेकिन इसका असर आपको फिर से दिखाई दे सकता है जब आप अपना सिर अचानक हिलाते हैं। इस स्थिति में आमतौर पर दर्द का एहसास नहीं होता।

लक्षण जैसे –

  • चक्कर आना
  • वर्टिगो (वर्टिगो का पता लगाने के लिए डॉक्टर इलेक्ट्रोनिस्टेग्मोग्राफी रिकमेंड करते हैं )
  • संतुलन बिगड़ना
  • मतली और उल्टी
  • टिन्निटस, जिसमें कान का बजना या गूंजना शामिल है
  • कुछ सुनाई न देना या एक ही कान में तेज आवाज आना
  • सिर हल्का लगना
  • संतुलन बिगड़ना

यह भी पढ़ें : Keratoconus : केराटोकोनस क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और इलाज

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

लक्षण अक्सर बिना किसी चेतावनी के दिखाई देते हैं। उदाहरण के रूप में, आपको ये लक्षण सुबह उठते समय महसूस हो सकते हैं। अगर आपको सिर हल्का लगने, बुखार, कमजोरी, पैरालाइसिस, बेहोशी, बोलने में दिक्कत, संतुलन बिगड़ने या रौशनी में किसी भी तरह के बदलाव दिखाई देते हैं, तो तुरंत ही डॉक्टर के पास जाकर इलाज करवाएं।

ये भी पढ़ें : Ear Pain: कान में दर्द सिर्फ बच्चे नहीं बड़ों का भी कर देता है बुरा हाल

कारण

लेबिरिन्थाइटिस के कारण क्या है?

लेबिरिन्थाइटिस किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ कारक लेबिरिन्थाइटिस का कारण बन सकते हैं, जैसे –

  • श्वसन बीमारी, जैसे ब्रोंकाइटिस
  • आंतरिक कान में वायरल इन्फेक्शन
  • पेट में वायरस
  • हर्पीस वायरस
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसे बैक्टीरियल मिडल ईयर इन्फेक्शन

ये भी पढ़ें : कान में फंगल इंफेक्शन के कारण, कैसे किया जाता है इसका इलाज ?

जोखिम

लेबिरिन्थाइटिस के साथ मुझे क्या समस्याएं हो सकती हैं?

लेबिरिन्थाइटिस के जोखिम बढ़ सकते हैं, अगर आप –

  • धूम्रपान करते हैं
  • अधिक मात्रा में शराब पीते हैं
  • पहले कभी एलर्जी की समस्या रही हो
  • अक्सर थका हुआ महसूस होना
  • अत्यधिक तनाव में होना
  • पर्चे वाली दवा लेना
  • मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेना (खासकर एस्पिरिन)

उपचार

यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

यह भी पढ़ें : Sore Throat: गले में दर्द से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू उपाय

लेबिरिन्थाइटिस का निदान कैसे किया जाता है?

शारीरिक टेस्ट की मदद से डॉक्टर लेबिरिन्थाइटिस का आमतौर पर निदान करता है। कुछ मामलों में, सिर्फ कान के टेस्ट से ही बीमारी का पता नहीं चलता, इसलिए पूरा शारीरिक परीक्षण ही डॉक्टर द्वारा किया जाता है जिसमें न्यूरोलॉजिकल टेस्ट भी शामिल होता है।

लेबिरिन्थाइटिस के लक्षण अन्य स्थितियों को भी दर्शा सकते हैं। तो ऐसे में आपका डॉक्टर अच्छे से सभी टेस्ट करेगा जिससे सभी जानकारी हासिल हो सके। स्थिति जैसे –

  • मेनिएर रोग, जो कि आंतरिक कान का विकार है
  • माइग्रेन
  • छोटा स्ट्रोक
  • ब्रेन हेमरेज, जो कि मस्तिष्क में ब्लीडिंग होने से जुड़ा होता है
  • गर्दन की नसों को नुकसान पहुंचना
  • बेनिगन पेरोक्सिमल पोज़िशनल वर्टिगो, जो कि आंतरिक कान विकार है
  • ब्रेन ट्यूमर

टेस्ट जो इन स्थितियों के लिए किये जा सकते हैं, जैसे

  • सुनने का टेस्ट
  • ब्लड टेस्ट
  • सिर का सीटी या एमआरआई स्कैन जिससे आपके क्रेनियल ढांचे को रिकॉर्ड किया जा सके
  • एलेक्ट्रोऐन्सीफैलोग्राम (ईईजी) जो एक ब्रेन वेव टेस्ट है
  • एलेक्ट्रॉनिस्टेमोग्राफी (ईएनजी) जो कि आई मूवमेंट टेस्ट है

लेबिरिन्थाइटिस का इलाज कैसे होता है?

लक्षणों का असर दवाइयों की मदद कम हो सकता है, जैसे –

  • एंटीहिस्टामाइन, जैसे डेसलोराताडिन (क्लैरिनेक्स)
  • दवाइयां जो चक्कर और मतली को कम कर सकती हैं जैसे मेक्लिजिन (एन्टीवर्ट)
  • सेडाटिव्स, जैसे डायजापेम (वैलियम)
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड, जैसे प्रेड्निसों
  • मेडिकल स्टोर से एंटीहिस्टामाइन, जैसे फेक्सोफेनडिन (अलिगरा),
  • डाइफेनहाइड्रामाइन (बेनीड्रिल) या लोराताडिन ( क्लैरीटीन)

ये भी पढ़ें : जानिए क्यों होती है आपके कान में खुजली?

अगर आपका संक्रमण शुरू हुआ है, तो आपका डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स दे सकता है। दवाइयां लेने के साथ-साथ, आप वर्टिगो से राहत पाने के लिए कुछ तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • अचानक से शरीर के हिलाने से डुलाने या सिर के अचानक से हिलाने डुलाने से बचें।
  • वर्टिगो अटैक आने पर एकदम सीधा बैठ जाएँ
  • अगर आप बैठे हुए हैं या लेटे हुए हैं तो धीरे-धीरे उठने की कोशिश करें।
  • टीवी, कम्प्यूटर को देखने, तेज और फ़्लैश वाली लाइट्स को वर्टिगो अटैक के दौरान न देखें।
  • अगर आप बेड पर हैं और वर्टिगो की समस्या शुरू हुई है, तो चेयर पर बैठने की कोशिश करें और सिर को सीधा रखें। कम रौशनी तेज या चकाचौंध रौशनी के मुकाबले आपके लक्षणों का असर कम रखने के लिए बेहतर होती है।

अगर वर्टिगो की समस्या लम्बे समय तक रहती है, तो फिसिकल और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट आपको कुछ व्यायाम बताएंगे जिससे संतुलन में सुधार किया जा सके।

वर्टिगो की परेशानी आपको गाडी चलाने में या कोई भी मशीन वाले काम में समस्या उत्पन्न कर सकती है। तो आप इन मामलों कुछ अन्य विकल्प चुन सकते हैं।

यह भी पढ़ें : कान में फंगल इंफेक्शन के कारण, कैसे किया जाता है इसका इलाज ?

घरेलू उपचार

जीवनशैली में होने वाले वदलाव क्या हैं, जो मुझे लेबिरिन्थाइटिस को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

घरेलू उपाय लेबिरिन्थाइटिस का इलाज या उसे ठीक नहीं कर सकते, लेकिन इनसे लक्षणों से राहत दिलाने में मदद जरूर मिल सकती है।

  • कान के आसपास जहां जहां दर्द हो रहा है वहां गर्म सिकाई करें।
  • खड़े हो जाएँ या अपने सिर को एकदम सीधा रखें। बैठने से भी कान से फ्लूइड निकल सकते हैं।
  • नमक के पानी से गरारे करने से भी उस्टाशिन ट्यूब को साफ करने में मदद मिलती है और गले में खराशे भी इससे ठीक हो जाते हैं जो लेबिरिन्थाइटिस को बढ़ावा देते हैं।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीक का उपयोग करें जो आपके भावनात्मक और मानसिक तनाव को कम कर सके जिसकी वजह से लक्षण और बिगड़ सकते हैं।
  • लेबिरिन्थाइटिस का इलाज करने के लिए लहसुन का तेल या टी ट्री तेल ईयर ड्राप का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन साइंटिस्ट इन तेलों को प्रभावी नहीं मानते लेकिन अगर आपको लक्षणों का असर कम करना है तो इन ईयर ड्रॉप्स के बारे में डॉक्टर से पूछ सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

नाक के रोग क्या हैं? कब और क्यों हो सकते हैं ये आपके लिए खतरनाक?

नाक में सूजन क्यों होती है, क्या लक्षण देते हैं दिखाई ?

Ear Pain: कान में दर्द सिर्फ बच्चे नहीं बड़ों का भी कर देता है बुरा हाल

Tonsillitis: टॉन्सिल्स में इन्फेक्शन (टॉन्सिलाइटिस) क्यों होता है? जानें कारण और बचाव के तरीके

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

https://medlineplus.gov/ency/article/001054.htm

https://www.medicinenet.com/labyrinthitis_inner_ear_inflammation/article.htm#what_natural_or_home_remedies_treat_labyrinthitis_symptoms

https://www.healthline.com/health/labyrinthitis

https://www.webmd.com/brain/what-is-labyrinthitis#2-7

 

 

लेखक की तस्वीर badge
Anoop Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/05/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x