बॉक्सर’स फ्रैक्चर क्या है?
बॉक्सर’स फ्रैक्चर उस लंबी हड्डी में होने वाला फ्रैक्चर है जो कलाई को छोटी उंगली से जोड़ती है। यह फ्रैक्चर को ठीक होने में छे हफ्ते लग सकते हैं।
- क्लोज्ड हो सकता है, जिसमें फ्रैक्चर से त्वचा ब्रेक नहीं होती।
- ओपन, जिसमें त्वचा को नुकसान होता है।
बॉक्सर’स फ्रैक्चर को फिफ्थ मेटाकार्पल फ्रैक्चर भी कहा जाता है। यह आमतौर पर छोटी उंगली या अनामिका में होता है और यह पुरुषों में सबसे आम है। इसकी चोट इस बात पर निर्भर करती है कि मेटाकार्पल हड्डी को कितना नुकसान हुआ है। यह फ्रैक्चर आमतौर पर सही उपचार से ठीक हो जाता है।
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बॉक्सर’स फ्रैक्चर के लक्षण क्या हैं?
बॉक्सर’स फ्रैक्चर के लक्षण हड्डी के टूटने के जैसे ही होते हैं, जो इस प्रकार हैं:
- हाथ के दोनों तरफ सूजन होना
- प्रभावित स्थान पर दर्द
- टूटी हुई हड्डी के पास के स्थान का कोमल होना
- उंगलियों का सिमित रूप से हिलना
- गहरे और दर्दनाक नील
- दर्द महसूस किए बिना कुछ भी पकड़ पाने में असमर्थता
- नसों के सुन्न और ठंडा होना और उनमे झुनझुनी होना
लक्षण अधिकतम हड्डी के टूटने के बाद 24 घंटों के भीतर दिखाई देते हैं। बॉक्सर’स फ्रैक्चर की स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद की आवश्यकता होती है
बॉक्सर’स फ्रैक्चर का क्या कारण है?
- बॉक्सर’स फ्रैक्चर का नाम से ही इस चोट के बारे में बहुत कुछ पता चलता है। यह आमतौर पर तब होती है जब बॉक्सर किसी अन्य मनुष्य के चेहरे या कठोर वस्तु पर अपनी मुट्ठी को मारता है।
- इसके साथ यह फ्रैक्चर तब हो सकता है जब आपके हाथ पर कोई भारी चीज लगती है या आप अपने हाथ को किसी सख्त चीज़ पर मारते हैं।
- किसी अन्य खेल में भी बॉक्सर’स फ्रैक्चर हो सकता है।
- हाथ के भार गिरने से यह फ्रैक्चर हो सकता है।
- हाथ का किसी भारी चीज़ के नीचे दब जाने से यह चोट लग सकती है।
बॉक्सर’स फ्रैक्चर के जोखिम क्या हैं?
ऐसे लोगों को बॉक्सर’स फ्रैक्चर होने का जोखिम हो सकता है:
- जो लोग इन खेलों में हिस्सा लेते हैं जैसे बॉक्सिंग, WWF आदि
- जिन लोगों को हड्डियां कमजोर हैं या जिन्हे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या है, उनमें इस रोग का जोखिम अधिक हो सकता है
- मांसपेशियों में मांस का कम होना
- जो लोग हिंसा या मार-धाड़ में अधिक शामिल होते हैं
बॉक्सर’स फ्रैक्चर का उपचार क्या हैं?
बॉक्सर’स फ्रैक्चर का उपचार इस समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है, जिसे स्पलिंट, टापिंग, कास्टिंग या सर्जरी की मदद से किया जा सकता है। हालांकि बॉक्सर’स फ्रैक्चर को सामान्यतया नॉन सर्जिकल उपचार से किया जाता है। इस फ्रैक्चर के निदान के लिए सबसे पहले डॉक्टर आपसे इस फ्रैक्चर के लक्षण और हेल्थ हिस्ट्री के बारे में जानेंगे। आपसे यह भी जाना जाएगा कि यह चोट आपको कैसे लगी।
इसके बाद शारीरिक जांच की जायेगी। जैसे आपके हाथ और उंगलियों को जांचा जाएगा। एक्स-रे की मदद से हाथ की तस्वीर भी ली जा सकती है।
डॉक्टर इस फ्रैक्चर को जांचने के लिए कुछ आसान तरीके भी अपना सकते हैं जैसे :
1) हर हड्डी पर दबाव डाल कर यह पता करेंगे कि चोट कहां लगी है?
2) धीरे से प्रत्येक उंगली को पोर की तरफ धकेलते हैं, जिससे दर्द होता है और इस दर्द से यह पता चलता है कि दर्द कहां है?
3) डॉक्टर रोगी को मुठ्ठी बंद करने के लिए कहेंगे। इससे प्रभावित उंगली सामान्य उंगली की तुलना में अंगूठे की तरफ अधिक मूड सकती है या अन्य उंगलियों की तुलना में विकृत दिखाई दे सकती है।
- बॉक्सर’स फ्रैक्चर का उपचार स्पलिंट या कास्ट की मदद से किया जा सकता है। कई मामलों में सर्जरी भी की जा सकती है। हालांकि, यह फ्रैक्चर की गंभीरता पर निर्भर करता है। मेडिकल उपचार में दर्द को कंट्रोल करना भी शामिल है जिसके लिए डॉक्टर रोगी को दर्द दूर करने वाली दवाईयां दे सकते हैं।
- बॉक्सर’स फ्रैक्चर के उपचार में मेडिकल उपचार का उद्देश्य हाथ को स्थिरता पहुंचाना भी है ताकि हड्डियां न हिलें और पूरी तरह से ठीक हो सकें। इसके लिए डॉक्टर आपको स्पलिंट और कास्ट की सलाह दे सकते हैं जिनकी मदद से जोड़ हिलते नहीं हैं और जल्दी ठीक होते हैं।
बॉक्सर’स फ्रैक्चर के कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी कराने की सलाह दी जा सकती है। खासतौर, पर तब जब हड्डियों में एंगुलेशन के लक्षण दिखाई दें। एंगुलेशन के अनुसार उपचार के तरीके भी बदल सकते हैं। माइनर एंगुलेशन में स्पलिंट की आवश्यकता पड़ सकती है, किंतु स्ट्रांग डिग्री के एंगुलेशन में सर्जरी की जरूरत होती है। सर्जरी में पिंस, स्क्रू और प्लेटस की मदद से हड्डी को जोड़ा जाएगा।
बॉक्सर’स फ्रैक्चर के सभी मामलों में, आपको ओर्थपेडीक सर्जन के पास जाना पड़ सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपका उपचार सही से हो रहा है या नहीं।
बॉक्सर’स फ्रैक्चर का घरेलू उपचार क्या हैं?
बॉक्सर’स फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए आप इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं:
- अगर बॉक्सर’स फ्रैक्चर हो तो प्रभावित जगह पर बर्फ लगाएं। बर्फ को सीधेतौर पर त्वचा पर न लगाएं, बल्कि किसी कपडे में लपेट कर या आइस बैग की मदद से लगाएं।
- स्पलिंट का प्रयोग करें ताकि हाथ स्थिर रहे।
- जब तक हाथ पूरी तरह से ठीक न हो, हाथ को कम हिलाएं या इससे कम काम करें।
- हाथ को अपने हार्ट लेवल ऊपर रखें।
- दर्द और सूजन को कम करने के लिए दवाईयां ली जा सकती हैं। लेकिन इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। इसके साथ ही इन दवाईयों को बताई हुई मात्रा में ही लें।
- डॉक्टर आपको फिजिकल थेरेपी या व्यायाम की सलाह भी दे सकते हैं ताकि आपका हाथ जल्दी ठीक हो सके।
- बॉक्सर’स फ्रैक्चर अधिकतर एक्सीडेंट के कारण होता है। स्वस्थ हड्डियां और मांसपेशियां चोट व फ्रैक्चर से बचाने में मदद करती हैं। स्वस्थ हड्डियों और मांसपेशियों के लिए अपने आहार और व्यायाम का ध्यान रखें।
लड़ाई-झगड़े से दूर रहें, क्योंकि यह भी इस फ्रैक्चर का कारण है। - खेलते हुए सेफ्टी गियर अवश्य पहनें।