एपिलेप्सी जिसे मिर्गी कहते हैं एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति के मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल गतिविधि असामान्य हो जाती है और इसके कारण उसे दौरे पड़ने लगते हैं। इन दौरों के कारण पीड़ित व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है और उसमें शरीरिक व अन्य बदलाव नज़र आने लगते हैं। जब मिर्गी के दौरे मस्तिष्क के टेम्पोरल लोब एरिया में होते हैं तो इसे ही टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी कहा जाता है। मिर्गी के 20 अलग-अलग प्रकारों में से यह एक है।
आपके सिर के दोनों तरफ दो टेम्पोरल लोब होता है और जब दौरे (सिजर्स) इनमें से किसी लोब में हो तो उसे टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी कहते हैं। टेम्पोरल लोब मस्तिष्क का वह हिस्सा है, जो यादों और ध्वनियों को प्रोसेस करता है, दृष्टि की व्याख्या, आवाज़ निकालने, भाषा को समझने के अलावा आपके अवचेतन प्रतिक्रियों भावनाओं भूख, प्यास, लड़ाई आदि को नियंत्रित करता है। यानी यह भावनाओं को नियंत्रित करता है और कुछ समय के लिए यादों को सहेजता है। टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी भी दो तरह की होती है। यदि टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी के दौरान चेतना चली जाती है तो इसे कॉप्लेक्स पार्शियल सिजर्स (seizures) कहते हैं और यदि इस दौरान आप सचेत रहते हैं यानी होश में रहते तो इसे सिंपल पार्शियल सिजर्स कहते हैं। टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी में अधिकांश व्यक्ति सचेत ही रहता है यानी उन्हें सिंपल पार्शिय सिजर्स होता है।

यह भी पढ़ें- मस्तिष्क संक्रमण क्या है?
एपिलेप्सी यानी मिर्गी के सभी प्रकारों में टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी सबसे आम है। मिर्गी के करीब 60 फीसदी मरीज टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी का शिकार होते हैं और यह किसी भी उम्र में हो सकता है। हालांकि इसके संभावित कारण तो कई हैं, लेकिन सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी के संभावित कारणों में शामिल हैः
यह भी पढ़ें- बार्टर सिंड्रोम क्या है?
टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी से पहले व्यक्ति को असामान्य सेंसेशन (औरा) का अनुभव हो सकता है, जो एक वार्निंग हो सकी है। लेकिन टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी के शिकार हर व्यक्ति को यह सेंसेशन हो जरूरी नहीं है और नहीं हर कोई इसे याद रख पाता है। दरअसल यह सेंसेशन चेतना में गड़बड़ी के पहले फोकल सिजर का हिस्सा है। सेंसेशन में कुछ ऐसा अनुभव होता हैः
कभी-कभी टेम्पोरल लोब सिजर्स दूसरों को प्रतिक्रिया देने की आपकी क्षमता को भी प्रभावित करता है। इस तरह का टेम्पोरल लोब सिजर्स आमतौर पर 30 सेकंड से 2 मिनट तक का होता है। इसके लक्षणों में शामिल हैः
टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी या सिजर के बाद आपको कुछ ऐसा महसूस होगाः
टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी का खतरा उन्हें अधिक होता है जिन्हें दौरे आते हैं और जो लंबे समय तक रहते हैं साथ ही बुखार के साथ दौरे आना। अन्य जोखिम कारकों में शामिल हैः
टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी के अधिकांश मामले टीनेज के आखिर में या 20 की उम्र होते हैं। विशेषज्ञों को मुताबिक, महिलाओं में होने वाले हार्मोनल बदलाव उनके मेन्स्ट्रुल साइकल और ओवल्यूशन को प्रभावित करते हैं जिसकी वजह से दौरे पड़ सकते हैं।
यह भी पढ़ें- ब्रेन ट्यूमर क्या है?
दौरे कैसे आए इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने के बाद ही डॉक्टर टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी को डायग्नोस कर पाता है। इसके लिए किसी तीसरे व्यक्ति को पीड़ित के बारे में विस्तार से जानकारी देनी होगी, क्योंकि जो हुआ उसके बारे में उसे ही सही तरीके से पता होता है, पीड़ित को तो कुछ याद ही नहीं रहता।
इसके साथ ही मस्तिष्क की MRI के जरिए टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी का निदान किया जाता है। डॉक्टर टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी से जुड़ी मस्तिष्क की असमान्यताओं की जांच करता है।
मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल गतिविधि की जांच के लिए डॉक्टर EEG टेस्ट भी करता है। इसमें कई बार डॉक्टर दौरे को विडियो EEG मॉनिटर में रिकॉर्ड करता है, खासतौर पर तब जब इसके उपचार के संबंध में निर्णय लेना हो।
यह भी पढ़ें- इंसेफेलाइटिस क्या है?
टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी के उपचार में शामिल हैः
दवाएं- टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी के उपचार के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर आपको एक या अधिक दवाओं की अलग-अलग डोज कई महीनों तक दे सकता है।
डायट- इसके उपचार के लिए डॉक्टर डायट में भी बदलाव कर सकता है। कीटोजेनिक डायट की सलाह दी जाती है जिसमें फैट अधिक होता है और कार्बोहाइड्रेट कम। जिन मरीजों पर दवा का असर नहीं होता, उनके डायट में बदलाव किया जाता है।
सर्जरी- जब दवाओं के कई बार इस्तेमाल से भी स्थिति में सुधार नहीं होता या फिर दौरे का कारण ट्यूमर है तो आमतौर पर सर्जरी की जाती है। सर्जरी में टेम्पोरल लोब का एक हिस्सा निकाल दिया जाता है।
लेजर एब्लेशन- इस प्रक्रिया में डॉक्टर लेजर को गाइड करने के लिए MRI का इस्तेमाल करता है। यह लेजर टेम्पोरल लोब में सिजर्स के लिए जिम्मेदार स्कार टिशू के पास जाकर गर्मी से उसे नष्ट कर देता है।
इलेक्ट्रिकल ब्रेन स्टिम्यूलेटर्स- यदि दो या अधिक दवाओं से भी सिजर्स ठीक नहीं होता है और सर्जरी का विकल्प न हो तो नर्व स्टिम्यूलेशन डिवाइस एक अन्य विकल्प है। स्टिम्यूलेटर डिवाइस सिजर के विकास को कम करने के लिए मस्तिष्क को रुक-रुक कर इलेक्ट्रिक पहुंचाता है। एक अन्य तरह का स्टिम्यूलेटर है जसे रिस्पॉन्सिव न्यूरोसिटम्यूलेशन डिवाइस कहा जाता है, यह मस्तिष्क की तरंगों और गतिविधियों को मॉनिटर करता है और सिजर को बंद या कम करने के लिए इलेक्ट्रिक ब्रस्ट का इस्तेमाल करता है। यह डिवाइस खोपड़ी में प्रत्योरोपित कि जाती है।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Accessed on 7 April 2020
Temporal Lobe Seizures: Management and Treatment
https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/17778-temporal-lobe-seizures/management-and-treatment
Temporal Lobe Epilepsy
https://www.healthline.com/health/temporal-lobe-epilepsy
What Are the Symptoms of Temporal Lobe Seizure?
https://www.webmd.com/epilepsy/understanding-temporal-lobe-seizure-symptoms
Temporal lobe seizure
https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/temporal-lobe-seizure/diagnosis-treatment/drc-20378220
Current Version
20/07/2020
Kanchan Singh द्वारा लिखित
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. पूजा दाफळ
Updated by: Niharika Jaiswal