वैरिकोज वेन्स (Varicose veins) आसामान्य नसें हैं। ये तब होती हैं जब आपकी नसें बढ़ जाती हैं या फिर पतली हो जाती हैं और उनमें ब्लड ओवरफिल हो जाता है। आमतौर पर ये नसें सूजी हुई और उभरी हुई नजर आती हैं। ज्यादातर ये टांगों और श्रोणि क्षेत्र में दिखाई देती हैं। लेकिन ये शरीर के दूसरे हिस्सों में भी हो सकती हैं। ये नीला-बैंगनी रंग की नसों के समूह में दिखाई देती हैं। कई बार ये लाल कोशिकाओं से घिरी होती हैं, जिन्हें स्पाइडर वेन्स कहा जाता है।

ये काफी दर्दनाक होती हैं। इनमें जब सूजन होती है तो इन्हें टच करने में भी दिक्कत होती है। ये सूजन वाले टखनों, खुजली वाली त्वचा और प्रभावित अंग में सर्कुलेशन में बाधा डाल दर्द पैदा कर सकती हैं। कई वैरिकोज वेन्स बहुत गहरी होती हैं जो दिखाई नहीं देती हैं लेकिन इसके कारण पूरी टांग में सूजन और दर्द हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान यह समस्या होना बेहद आम है। इसका जोखिम ज्यादा उम्र और मोटापे से ग्रसित लोगों को ज्यादा होता है। वैरिकोज वेन्स कई तरह की होती हैं:
वैरिकोज वेन्स के लक्षण के रूप में देखा गया है कि लोगों को दर्द की परेशानी होती है, लेकिन सभी को दर्द की शिकायत हो ऐसा जरूरी नहीं है। वैरिकोज वेन्स में निम्न लक्षण हो सकते हैं:
वैरिकोज नसें तब होती हैं जब नसें ठीक से अपना काम नहीं करती हैं। नसों में एक वॉल्व होता है। ये हृदय की तरफ रक्त को बहाने में मदद करता है। जब यह वॉल्व कमजोर हो जाता है या विफल हो जाता है, तो रक्त हृदय की तरफ न जाकर वापस नसों में एकत्रित होने लग जाता है। इससे नसों में सूजन आ जाती है, जिससे यह समस्या होती है। वैरिकोज नसें ज्यादातर टांगों को प्रभावित करती हैं।
वैरिकोज नसों के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
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वैरिकोज वेन्स को पूरी तरह से रोकने का कोई तरीका नहीं है। लेकिन सर्कुलेशन और मांसपेशियों की टोन में सुधार कर वैरिकोज वेन्स के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है। घर पर वैरिकोज वेन्स की परेशानी को बढ़ने से रोकने के लिए निम्न उपायों को कर सकते हैं:
डॉक्टर आपके पैरों की नसों को बैठते और उठते वक्त उनकी जांच करेंगे। आपको कब कब दर्द होता है व अन्य लक्षण के बारे में पूछेंगे। ब्लड फ्लो को चैक करने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं। यह एक नॉन इनवेसिव टेस्ट है जिसमें हाई फ्रिक्वेंसी साउंड वेव्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो डॉक्टर को नसों में रक्त कैसे बह रहा है यह देखने में मदद करता है।
आपकी नसों का अधिक मूल्यांकन करने के लिए वेनोग्राम किया जा सकता है। इस परीक्षण के दौरान, आपका डॉक्टर आपके पैरों में एक खास डाई को इंजेक्ट करेंगे और उस जगह का एक्स-रे लेंगे। अल्ट्रासाउंड या वेनोग्राम जैसे परीक्षण यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि रक्त के थक्के या रुकावट के कारण आपके पैरों में दर्द और सूजन की शिकायत तो नहीं है।
वैरिकोज वेन्स का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि यह शरीर के किस हिस्से और कितने क्षेत्र में हैं। वैरिकोज और स्पाइडर वेन्स के इलाज के लिए सर्जरी, इंजेक्शन (स्कलेरोथेरेपी) और लेजर सर्जरी की जाती है।
स्कलेरोथेरेपी (Sclerotherapy): यह एक नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट है जिसमें केमिकल को इंजेक्शन के जरिए नसों में दिया जाता है। क्योंकि वे नसें रक्त नहीं सप्लाई कर रही हैं तो उन्हें गायब कर दिया जाता है।
फ्लीबेक्टॉमी (Phlebectomy) : इसमें क्षतिग्रस्त नस के पास एक छोटा-सा सर्जिकल कट लगाया जाता है। इस कट के माध्यम से प्रभावित नस को रिमूव कर दिया जाता है।
लेजर ट्रीटमेंट (Laser treatment): इसमें नस पर लेजर लाइट डाली जाती है, जिससे धीरे धीरे नस फीकी होती है और गायब हो जाती है। इस प्रक्रिया का उपयोग छोटी वैरिकोज नसों के उपचार के लिए किया जाता है।
अगर आपको नसों में समस्या या फिर तनाव महसूस हो रहा हो तो अपने आप किसी भी दवा का सेवन या फिर उपचार न करें। उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।