35 हफ्ते के बच्चे की देखभाल के लिए मुझे किन जानकारियों की आवश्यकता है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट June 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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विकास और व्यवहार

35 हफ्ते के बच्चे का विकास कैसा होना चाहिए?

35 हफ्ते के बच्चे अब कुछ चीजों को बड़ों जैसे नजरिये से ही देखने लगते हैं। दरअसल, इस उम्र में उनकी दृष्टि काफी बेहतर हो चुकी होती है, जिससे वह लोगों और चीजों को अच्छी तरह पहचानने लगता है। वे दूर कहीं खिलौना देख कर उसकी ओर बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। साथ ही यह भी जान लें कि उसकी आंखों का इस समय जो रंग है वही रंग अब जीवन भर रहने वाला है। हालांकि बहुत ही कम चांसेज हैं लेकिन थोड़े-बहुत बदलाव महसूस किए जा सकते हैं।

35 हफ्ते के बच्चे कई चीजें करने में होते हैं सक्षम। जैसें:

  • अच्छी दृष्टि पा सकते हैं
  •  35 हफ्ते के बच्चे अब पेट या घुटनों के बल चल सकते हैं
  • बैठे रहने पर खड़े होने की कोशिश कर सकते हैं
  • 35 हफ्ते के बच्चे अब चीजों को उंगलियों और अंगूठे की मदद से पकड़ सकता हैं
  • मम्मा, पापा जैसे शब्द बोलने की कोशिश कर सकता है|

35 हफ्ते के बच्चे के विकास के लिए  मुझे  क्या करना चाहिए?

आपका बच्चा कुछ चीजों से डर महसूस कर सकता है जैसे डोरबेल या कुकर की सीटी। ऐसे बच्चे को तसल्ली और सहारा दें और साथ ही खिलौने देकर या खाने-पीने की चीजों को देकर उसका ध्यान भटकाने की कोशिश करें। 

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स्वास्थ्य और सुरक्षा

मुझे 35 हफ्ते के बच्चे को लेकर डॉक्टर से क्या बात करनी चाहिए?

ज्यादातर डॉक्टर 35 हफ्ते के बच्चे को किसी रुटिन चेक-अप के लिए नहीं बुलाते। साथ ही यह भी जान लें कि इस उम्र में बच्चे डॉक्टर के पास जाना बिलकुल पसंद भी नहीं करते हैं, तो ऐसे में यह अच्छी ही बात है। अगर ऐसी कोई बात हो, जिसमें अगले महीने के चेक-अप का इंतजार किए बिना फौरन डॉक्टर के पास जाना जरुरी हो तो देर न करें और फौरन डॉक्टर के पास जाएं।

मुझे 35 हफ्ते के बच्चे के बारे में किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?

आमतौर पर इस उम्र के बच्चों को खांसी की समस्या हो सकती है। दरअसल, खांसी से आपके बच्चे की सांस की नली साफ होती है और सांस लेने में आसानी होती है। बीमारी खत्म हो जाने के कुछ समय बाद तक भी खांसी रह जाती है लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। उदाहरण के लिए:

  • अगर आपका बच्चा सांस लेने के लिए फड़फड़ाए तो यह ब्रोंकिओलिटिस की मौजूदगी से हो सकता है जो रेस्पिरेटरी सिनसिशिअल वायरस के कारण हो सकता है।
  • अगर खांसी की आवाज मोटी हो और भौंकने की तरह सुनाई देती हो, तो बच्चे को क्रौप हो सकता है। यह वायरल सक्रमण द्वारा फैलने वाली बीमारी है जो आपकी श्वास नली के ऊपरी रास्ते को प्रभावित करते हैं।
  • अगर बच्चे को बहुत दिनों से सर्दी-खांसी हो रहा है, तो यह एलर्जी या साइनस के लक्षण हो सकते हैं।
  • अगर सर्दी के लक्षण के बिना ही कभी-भी अचानक से जोरदार खांसी आने लगे तो आपका बच्चा अस्थमा का शिकार हो सकता है, ऐसा भी मुमकिन है कि उसने कोई चीज सूंघ ली हो।
  • निमोनिया होने कि स्तिथि में आपके बच्चे को खांसी के साथ-साथ सांस लेने में दिक्कत, बुखार और सर्दी जैसी समस्याएं पेश आ सकती हैं|
  • खांसी अगर लगातार आ रही हो तो यह पर्टुसिस खांसी हो सकती है जिसमें चिड़िया जैसी आवाज निकलती है|
  • अगर बच्चे को गाढ़े म्यूकस के साथ खांसी आ रही हो और सांस लेने में दिक्कत आ रही हो तो उन्हें सिस्टिक फाइब्रोसिस हो सकता है|

ऐसे में डॉक्टर से चर्चा किए बिना बच्चे को कोई दवा न दें और साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें:

  • बच्चे की नाक से निकलने वाले फ्लूइड को साफ कर लें, रात को उसके रूम में वेपोराइजर रखें
  • गर्म पानी से नहलाने पर भी बच्चे को सांस लेने में राहत मिल सकती है
  • बच्चे के कमरे में मौजूद हर उस चीज को हटा दें जो एलर्जी का कारण बन सकती है। बच्चे के खिलौनों और उनकी दूसरी चीजों को जितना हो सके साफ रखने की कोशिश करें। इसके अलावा बच्चे के रूम में पालतू जानवर को घुसने न दें।
  • कोशिश करें कि बच्चे को कहीं भी सिगरेट का धुआं न लगने पाए।
  • अगर खांसी के कारण बच्चे को सही नींद न मिल पा रही हो तो ध्यान देने कि जरुरत है।
  • खांसी के जरिए खून आ रहा हो, सांस लेने में दिक्कत हो रही हो या गंभीर बीमारी के लक्षण नजर आ रहे हों। जैसे: बुखार, दिल कि धड़कनों का तेज होना, बच्चे का बहुत सुस्त हो जाना या उलटी होना, तो डॉक्टर को फौरन कॉल करें।
  • अगर बच्चे ने कुछ गलत चीज खा या सूंघ ली हो, तो भी डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।

एलर्जी या अस्थमा की स्तिथि में खांसी अगर एक हफ्ते से ज्यादा समय तक हो रही हो, तो बच्चे को डॉक्टर के पास ले कर जाएं।

बच्चे को खुद से रेंगने की कोशिश करने दें। अगर बच्चा अपने हाथ-पैर एक साथ एक समय पर हरकत में न ला सके, तो यह चिंता का विषय है। यह विकलांगता का लक्षण हो सकता है, जिसके लिए जल्दी इलाज शुरू किया जाए तो बेहतर साबित हो सकता है।

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महत्वपूर्ण बातें

मुझे 35 हफ्ते के बच्चे की किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

यहां दी गई कुछ चीजों का ख्याल आपको खासकर के रखना चाहिए। 

अपने 35 हफ्ते के बच्चे को पढ़ कर कैसे सुनाएं:

बच्चे को शुरू से ही पढ़ कर सुनाने की आदत डाली जाए, तो यह आगे चल कर बहुत फायदेमंद साबित होती है। अगर बच्चे को बुक समझ में न भी आए, तो भी वह उसमें लिखी चीजों के बारे में जिज्ञासु हो कर जानने और समझने की कोशिश कर सकता है। यह उनके विकास में मदद करने का बेहतरीन तरीका साबित हो सकता है। यहां आपको शुरुआती समय के लिए कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं:

  • बच्चे के सामने तेज आवाज से पढ़ें
  • बच्चों की बुक्स का खजाना रखें
  • कई सारी भावनाओं का इस्तेमाल करके पढ़ें, जरुरत पड़ने पर धीमी गति से पढ़ने लगें
  • सोने से पहले पढ़ कर सुनाने को रूटीन में शामिल कर लें
  • बुक का चयन करते समय बच्चे की राय को भी महत्त्व दें
  • इस तरह आपका बच्चा पढ़ने के समय बहुत खुश और उत्साहित नजर आएगा

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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