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Liver cirrhosis: लिवर सिरॉसिस क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए मूलभूत बातें|लिवर सिरॉसिस के लक्षण क्या हैं? (Liver cirrhosis symptoms) |जानिए लिवर सिरॉसिस के कारण (Liver cirrhosis Causes) |किन चीजों के कारण लिवर सिरॉसिस बढ़ने की संभावना होती है? (Liver cirrhosis Risk factors) |लिवर सिरॉसिस का निदान और उपचार (Liver cirrhosis Diagnosis And treatment) |लिवर सिरॉसिस के लिए जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार
Liver cirrhosis: लिवर सिरॉसिस क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए मूलभूत बातें

लिवर सिरॉसिस क्या है ? (What is Liver cirrhosis?)

लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और दिन रात मेहनत करने वाला अंगर है, इसमें कठोरता, सिकुड़ने और खराब होने पर इसे लिवर सिरॉसिस (Liver cirrhosis) कहते हैं। इस रोग में लिवर की बहुत सारी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह फाइबर (Fiber) ले लेता है। इसके साथ लिवर का शेप भी असामान्य हो जाता है, गंभीर स्थिति होने पर यह जानलेवा हो जाता है और इसका अंतिम इलाज लिवर ट्रांसप्लांट है।

लिवर (Liver) हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है, यह शरीर के बहुत से महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है।

लिवर के मुख्य कार्यों (Liver functions) में शामिल हैं:

  • पाचन प्रक्रिया (Digestion) के दौरान, पदार्थों से आवश्यक पोषक तत्वों को शोषित करके उन पोषक तत्वों को आपके शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचाना। इन में प्रोटीन (Protein), शर्करा और वसा जैसे पोषक तत्व शामिल हैं।
  • नए प्रोटीन का उत्पादन करना जो क्लॉटिंग और इम्यून फैक्टर्स को बनाते हैं। यह फैक्टर्स आपके शरीर के जख्मी टिश्यू को ठीक करने में मदद करते हैं।
  • पाचन प्रक्रिया के दौरान यह शरीर में शामिल वसा, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) और वसा में घुलने वाले विटामिन को शोषित करने में मदद करता है।
  • रक्त शुद्ध करना जिससे शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स (Toxin), अतिरिक्त वसा और कोलेस्ट्रॉल को निकलने में मदद होती है। इन निरुपयोगी घटकों का मल तैयार होता है, जो मल त्याग के रूप में शरीर से बहार निकालता है।

लिवर में होने वाले यह जख्म समय के साथ साथ बढ़ते ही जाते है, जिससे सिरॉसिस हो जाता है। सिरॉसिस (Cirrhosis) के शुरुआती चरण में आपका यकृत सामान्य तरीके से काम करता है। लेकिन अंतिम चरण तक वह काम करना बंद कर देता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप आपके लिवर की जांच (Liver test) समय रहते करें जिससे लिवर फेलियर से बचा जा सकता है।

यह बीमारी कितनी सामान्य है? (How common in Liver cirrhosis?)

लिवर की पुरानी समस्या का अंतिम परिणाम सिरॉसिस (Cirrhosis) है। ऐसा अनुमान है कि, दुनिया में 50 मिलियन लोग लिवर की लंबे समय की इस बीमारी यानी लिवर सिरॉसिस से प्रभावित हैं। यह बीमारी पुरुषों के साथ महिलाओं को भी प्रभावित कर सकती है। नई रिसर्च के अनुसार महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में इस बीमारी को पाया गया है, जिसके कारण उनकी मौत हुई है।

और पढ़ें: Fatty Liver : फैटी लिवर क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

लिवर सिरॉसिस के लक्षण क्या हैं? (Liver cirrhosis symptoms) 

लिवर सिरॉसिस के लक्षण और संकेत उसके चरण पर निर्भर करते हैं। बहुत से लोगों को शुरुआती चरण में इसके कोई लक्षण या संकेत नही दिखाई देतें। अगर वह दिखाई देतें है, तो वह नीचे दिए लक्षणों में से हो सकते हैं:

अंतिम चरण में इस बीमारी के कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जो नीचे दिए गए हैं:

  • त्वचा और आंखों का पीला हो जाना।
  • ब्राउन या गहरे पीले रंग का पेशाब होना।
  • बाल झड़ना।
  • त्वचा और बेली बटन के पास रक्त वाहिकाओं में बदलाव होना।
  • पुरुषों में ब्रेस्ट का आकार बढ़ना।
  • डायरिया होना।
  • मेंटल कन्फूजन बढ़ना।
  • पेट में पानी भरने के कारण पेट और पैरों में सूजन आना।
  • पाइल्स की बीमारी होने की संभावना होती है।
  • इसके काफी अंतिम चरण में इंसान कोमा में भी जा सकता है।

कुछ लक्षण और संकेत उपर नहीं दिए हैं। अगर आप अपने शरीर के किसी लक्षण से चिंतित हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और बात करें।

मुझे अपने डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

उपर दिए गए कोई भी लक्षण या संकेत आपको अपने शरीर में दिखाई दें, तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें। लिवर की बढ़ती हानि रोकने के लिए उसका इलाज होना जरूरी है। अगर सिरॉसिस का निदान जल्दी हो जाए तो शायद, आपके लिवर के टिश्यू रिपेयर हो सकते है। और वह फिर से हैल्दी लिवर का स्वरुप ले सकता है।

जानिए लिवर सिरॉसिस के कारण (Liver cirrhosis Causes) 

  • क्रोनिक हेपेटाइटिस सी (Chronic Hepatitis C): यह एक पुरानी समस्या है, जिसमें लिवर पर सूजन एक वायरल संक्रमण के कारण आती है। यह सामान्यत: इन्फेक्टेड ब्लड की सुई लगाने या इन्फेक्टेड ब्लड चढ़ाने के कारण फैलता है। कभी-कभी हेपेटाइटिस-सी सेक्स के दौरान या बच्चे के जन्म से भी फैलने की संभावना होती है।
  • एल्कोहॉल (Alcohol) से संबंधित लिवर की बीमारी: यह बीमारी शराब के अधिक सेवन से होती है। एक आकलन के अनुसार अगर आप 10 या 12 साल से रोज शराब पीते है तो आपको एल्कोहॉलिक सिरॉसिस होने की प्रबल संभावना है।
  • नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीज (NAFLD): यह बीमारी तब होती है जब लिवर में फैट्स बढ़ जाते हैं, जिसका कारण शराब नही होता है। यह बीमारी कुछ इन कारणों से भी हो सकती हैं। जिनमे शामिल हैं, जैसे मोटापा, अनकंट्रोलड डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ट्राइग्लिसराइड।
  • क्रोनिक हेपेटाइटिस-बी (Chronic Hepatitis B): हेपेटाइटिस-सी की तरह हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis B) भी एक वायरल इंफेक्शन (Viral infection) के कारण होता है, जिससे लिवर, फाइब्रोसिस और सिरॉसिस की सूजन होती है। यह बीमारी भी इन्फेक्टेड ब्लड से इंजेक्शंस, ब्लड ट्रांसफूजन (Blood Transfusion), सेक्स (Sex) और बच्चे के के जन्म के माध्यम से फैलने की संभावना होती है। हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis B) के इंफेक्शन को रोकने के लिए टीके उपलब्ध हैं, इसलिए इस बीमारी को प्रेवेंटबल डिसीज कहा जाता है।

इन कारणों के अलावा लिवर सिरॉसिस के कुछ अन्य कारण हैं जिनमें शामिल हैं:

  • ऑटो-इम्यून हेपेटाइटिस (यह उस स्थिति में होता जब आपका शरीर लिवर की कोशिकाओं को हानि पहुंचता है)।
  • बाइल डक्टस (जिसे पित्त नलिकाएं भी कहते है) की हानि और ब्लॉकेज होना।
  • जेनेटिकली लिवर की बीमारियां (विल्सन डिसीज, पाइल्स) और लिवर के अन्य इंफेक्शन (हेपेटाइटिस डी)।

और पढ़ें : Dandruff: डैंड्रफ क्या है? जानें बालो में रुसी के कारण, लक्षण और उपाय

किन चीजों के कारण लिवर सिरॉसिस बढ़ने की संभावना होती है? (Liver cirrhosis Risk factors) 

यह बीमारी बढ़ने का खतरा कई कारणों से हो सकता है, जिनमें शामिल है:

  • लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन करना इसका मतलब है की अगर आप पिछले 10 साल से रोजाना 2-3 बार शराब पी रहे हैं तो यह बीमारी हो सकती है
  • असुरक्षित यौन संभोग, जिसे अनप्रोटेक्टेड सेक्स (Unprotected Sex) कहते है यह इंफेक्टेड हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ा सकता है
  • इंजेक्शन या ब्लड इंफेक्शन के कारण हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis B) और हेपेटाइटिस-सी (Hepatitis C) का जोखिम बढ़ सकता है।
  • विल्सन डिसीज या पाइल्स ( Piles)जैसे आनुवंशिक लिवर डिसीज (Liver disease) के कारण भी सिरोसिस की संभावना बढ़ सकती है।
  • ज्यादा वजन और मोटापे (Obesity) के कारण फैटी लिवर (Fatty Liver) की बीमारी हो सकती जो सिरोसिस को जन्म दे सकती है।

इस बीमारी के जोखिमों को कैसे रोका जाए इसके लिए अपने डॉक्टर से चर्चा करें।

और पढ़ें : LFT: जानें क्या है लिवर फंक्शन टेस्ट?

लिवर सिरॉसिस का निदान और उपचार (Liver cirrhosis Diagnosis And treatment) 

नीचे दी गई जानकारी किसी भी वैद्यकीय सुझाव का पर्याय नहीं है, इसलिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

इस बीमारी का निदान कैसे होता है?

डॉक्टर सिरॉसिस (Cirrhosis) के लिए निदान आपके मेडिकल कंडीशन के आधार पर करते हैं, जिसमें कई तरह के टेस्ट्स और प्रक्रिया होती हैं। इन डायग्नोस्टिक टेस्ट्स में शामिल हैं:

फैमली हिस्ट्री (Family history)

अगर आपके परिवार में किसी को लिवर की बीमारी हो, तो डॉक्टर आपको इस परीक्षण के माध्यम से उस बीमारी का निदान करेंगे।

फिजिकल टेस्ट्स (Physical tests)

आपके डॉक्टर को आपके पूरे शरीर की जांच करने की आवश्यकता होगी, विशेष रूप से आपके पेट की। इस टेस्ट में यह जानना जरूरी है की लिवर पर सूजन बढ़ रही है या नही या कोई कठोर अंग है।

ब्लड टेस्ट्स (Blood tests)

यह टेस्ट लिवर के एंजाइमों, ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स के असामान्य स्तर को दिखा सकते हैं। ये तीन परीक्षण हैं, जो जिगर की हानि को गंभीरता से मापते हैं। इनमें बिलीरुबिन टेस्ट (Bilirubin Test) (रक्त में पित्त को मापता है), क्रिएटिनिन टेस्ट (किडनी के कार्य को मापता है) और इंटरनेशनल नॉर्मलाइज्ड रेश्यो टेस्ट (शरीर के क्लॉट की क्षमता को मापता है) शामिल हैं।

इमेजिंग टेस्ट्स (Liver tests): ये टेस्ट लिवर की कॉम्प्लीकेशन्स का पता लगाने में मदद करते हैं, जैसे एसाइटिस (पेट में पानी भरने के कारण पेट में सूजन आना) और लिवर कैंसर (Liver Cancer)।

लिवर बीओप्सी (Liver biopsy): इस टेस्ट के लिए आपके लिवर टिश्यू का एक नमूना लेकर माइक्रोस्कोप से इसकी जांच की जाती है जिससे उसकी हानि का पता चलता है।

लिवर सिरॉसिस का उपचार कैसे करते हैं? ((Liver cirrhosis treatment)

सिरॉसिस का उपचार किस तरह किया जाए यह उसके कारणों के साथ-साथ उसकी कॉम्प्लीकेशन्स पर निर्भर करता है। सबसे पहले आपको इस कारण का उपचार करके उसे दूर करना चाहिए। इसका मतलब है कि शराब सेवन कम करें और किसी भी दवाई का सेवन डॉक्टर की अनुमति के बिना न करें, जिससे की लिवर खराब होने की संभावना होती हैं।

एंटी-वायरल दवाइयों से हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस सी का उपचार से लिवर की सूजन कम होने में मदद मिल सकती है, जिससे लिवर में होने वाले परेशानियों को कम किया जा सके।

आपको सिरॉसिस से जुड़ी कम्प्लीकेशन्स का भी इलाज करना पड़ सकता है। इन कॉम्प्लीकेशन्स में शामिल हैं:

  • पेट में दर्द या खुजली
  • पेट में पानी भरना (अस्किट्स)
  • पेट की नसों के हिस्से में हाई ब्लड प्रेशर (पोर्टल हाइपर टेंशन)
  • डिलेटेड ब्लड वेसल्स (वरिसेस)
  • लिवर कैंसर
  • हडियों में कम डेंसिटी (ऑस्टियोपोरोसिस)

गॉलस्टोन्स और मस्तिष्क का ठीक तरीके से काम न करना यह टोक्सिन बिल्डप के कारण हो सकता है (हिपेटिक एन्सेफलोपथी)।

उपचार के अन्य विकल्पों में सर्जरी, ब्लड वेसल्स को डाइवर्ट करना (पोर्टाकैवल शंट) और लिवर ट्रांसप्लांटेशन शामिल हैं।

और पढ़ें : अमिताभ बच्चन लिवर में परेशानी के चलते अस्पताल में भर्ती (Amitabh Bachchan in Hospital)

लिवर सिरॉसिस के लिए जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

नीचे दिए गए कुछ घरेलू नुस्खे और बदलाव आपके इस बीमारी को ठीक करने में मददगार साबित होंगे:

  • शराब (Alcohol) का सेवन बंद करें।
  • पोषक आहार का सेवन करें: प्रोटीन (Protein) की मात्रा को मर्यादित रखने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि लिवर प्रोटीन का उपयोग करने में सक्षम नही होता है।
  • अपने एक्टिविटीज को अपने लक्षणों के अनुसार बदलें।
  • इन सभी स्थितियों में अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें:
    1) अगर इलाज के दौरान आपको खून की उल्टी हो रही है
    2) अगर आपका मलत्याग में काले रंग है का उसमे लाल खून दिख रहा है
    3) आपके पेट में पानी भरने के कारण या पैरों और पेट पर सूजन या बुखार आए

अगर आपको कोई भी सवाल या चिंता सता रही है तो सही सुझाव के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Shilpa Khopade द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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