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गट इंफ्लामेशन को कम करने में मदद कर सकते हैं ये 5 उपाय

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


Manjari Khare द्वारा लिखित · अपडेटेड 16/03/2022

गट इंफ्लामेशन को कम करने में मदद कर सकते हैं ये 5 उपाय

अक्सर पेट में होने वाली परेशानियों को हम समझ नहीं पाते। हमें लगता है कि यह सामान्य पेट दर्द या कुछ गलत खाने की वजह से होने वाली परेशानी है, लेकिन ये गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) भी हो सकता है। जिसकी वजह से कब्ज, थकान, मुंहासे, जी मिचलाना जैसी कई तकलीफें हो सकती हैं। यदि आपको संदेह है कि आप जिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों का अनुभव कर रहे हैं, वे गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) के कारण हो सकती हैं, तो ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप इस समस्या से बच सकते हैं। यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं जो इंफ्लामेशन को कम करके ओवरऑल गट हेल्थ को इम्प्रूव करते हैं। चलिए शुरू करते हैं।

1.एंटी इंफ्लामेटरी डायट (Anti inflammatory diet) लें

अब आप सोच रहे होंगे कि यह एंटी इंफ्लामेटरी डायट क्या होती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस डायट में कुछ अलग से शामिल नहीं है। बस आपको वही हेल्दी चीजें खानी हैं जो गट हेल्थ के लिए हमेशा से अच्छी मानी जाती है। जैसे कि फल जिसमें गहरे रंग की बेरीज जैसे कि अंगूर और चेरी शामिल हैं। सब्जियां जिनमें ब्रोकली, केल, फूलगोभी, पत्तागोभी, मसाले जिनमें हल्दी, दालचीनी, अदरक और हेल्दी फैट्स जैसे कि ऑलिव ऑयल और नारियल का तेल शामिल है। इन सभी को एंटी इंफ्लामेटरी फूड्स कहा जा सकता है।

इसके साथ ही गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) से राहत प्राप्त करने के लिए प्रोसेस्ड फूड्स (Processed foods), रिफाइंड कार्ब्स, शुगर, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और एल्कोहॉल के सेवन से बचना चाहिए।

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2. कुछ चीजों को खाना बंद कर दें  (Try an elimination diet)

अगर लगता है कि कुछ फूड्स गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) को ट्रिगर कर रहे हैं तो उन्हें डायट से हटाना ही सही होगा। इसमें अपने आहार से उन खाद्य पदार्थों को हटाना शामिल है, जिन पर आपको संदेह है कि एक समय में लगभग दो से तीन सप्ताह तक आपके पेट की समस्या का कारण बनते हैं। कुछ खाद्य पदार्थ जिन्हें आप हटाने की कोशिश कर सकते हैं उनमें शामिल हैं:

  • सोया (Soya)
  • डेयरी (Dairy)
  • खट्टे फल (Citrus fruits)
  • कुछ सब्जियां (Vegetables)
  • ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ (Gluten foods)

जब आप इन विशिष्ट खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं कर रहे हैं, तो आप जो भी बदलाव देखते हैं उन्हें नोट कर सकते हैं। फिर आपको दो से तीन दिनों के दौरान इन खाद्य पदार्थों को धीरे-धीरे अपने आहार में फिर से शामिल करना चाहिए और ध्यान रखना चाहिए कि क्या कोई लक्षण दिखाई देता है।

3. तनाव (Stress) में न रहें

तनाव का संबंध इंफ्लामेशन से है इसलिए तनाव से बचें और ऐसी गतिविधियों में शामिल हो जो आपको रिलैक्स करने में मदद कर सके। वह कुछ भी हो सकता है। जैसे कुछ मिनिटों की एक्सरसाइज, ध्यान, योगा, बबल बाथ, ब्रीदिंग एक्सरसाइज, पेंटिंग, डांसिंग या फिर गार्डनिंग। ये सभी तनाव को कम करने में मदद करेंगी और स्वास्थ्य को बढ़ावा देंगी। ऐसा सभी ने महसूस किया होगा कि जब हम तनाव या किसी प्रकार की मानसिक परेशानी से बाहर निकल आते हैं तब हम गेस्ट्रोइंस्टेनिल डिसऑर्डर्स (Gastrointestinal disorders) को अच्छी तरह से मैनेज कर पाते हैं।

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4. प्रोबायोटिक्स (Probiotics) का सेवन करें

प्रोबायोटिक्स का सेवन करें। ये हेल्दी गट बैक्टीरिया को प्रमोट करने के साथ ही बुरे गट बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। प्रोबायोटिक्स लाइव बैक्टीरिया और यीस्ट होते हैं जो डायजेस्टिव सिस्टम के लिए अच्छे होते हैं। कई बार हम सोचते हैं कि ये जर्म्स होते हैं जो बीमारी का कारण बनते हैं, लेकिन जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे शरीर में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया होते हैं। प्रोबायोटिक्स को गुड बैक्टीरिया कहा जाता है क्योंकि ये गट को हेल्दी रखते हैं। प्रोबायोटिक्स को सप्लिमेंट्स और कुछ फूड्स जैसे कि योगर्ट से प्राप्त किया जा सकता है। गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) या गट से जुड़ी अन्य परेशानियों के लिए डॉक्टर प्रोबायोटिक्स सजेस्ट करते हैं।

5. सही मात्रा में पोषक तत्व (Nutrients) मिल रहे हैं या नहीं ये पता करें

गट इंफ्लामेशन को कम करने में मदद कर सकते हैं ये 5 उपाय

यह महत्वपूर्ण है कि आपके शरीर में महत्वपूर्ण पोषक तत्व हों जो गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) से लड़ने में मदद करते हैं जैसे कि विटामिन बी, ओमेगा -3 एस, विटामिन डी और मैग्नीशियम। यदि आप कर सकते हैं, तो यह पता लगाने के लिए परीक्षण करवाएं कि क्या आपके शरीर में किसी विशिष्ट पोषक तत्व की कमी है। इस बारे में पता चलने पर डॉक्टर इस कमी को पूरा करने के लिए सहायक उपचार प्रदान करेंगे।

गट इंफ्लामेशन कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षणों का कारण बन सकती है। जिसमें क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन से लेकर थकान और अनियमित पीरियड्स तक शामिल हैं। हालांकि, आहार और जीवन शैली में कुछ बदलाव आपके पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और इन लक्षणों को नियंत्रित करने में आपकी मदद करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन उपायों को अपनाने के बाद भी राहत नहीं मिलती है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। क्योंकि गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) कुछ बड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। जिसमें निम्न शामिल हैं।

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क्रोहन डिजीज (Crohn’s disease)

क्रोहन डिजीज की वजह से पूरे डायजेस्टिव ट्रेक्ट में कहीं भी सूजन हो सकती है। जिसमें आमतौर पर छोटी आंत के आखिर में और बड़ी आंत के शुरुआती भाग में होती है। इंफ्लामेशन में आमतौर पर आंत की दीवार की पूरी मोटाई शामिल होती है, अंदर की परत से, मांसपेशियों की परत के माध्यम से, आसपास के टिशूज तक।

अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis)

यह बीमारी रेक्टम में होती है और कोलन तक पहुंच जाती है। कई बार इसमें कोलन की पूरी लंबाई शामिल हो जाती है। क्रोहन डिजीज की तुलना में अल्सरेटिव कोलाइटिस की इंफ्लामेशन रेक्टम और कोलन की लाइनिंग तक रहती है और टिशूज में गहराई तक नहीं जाती।

आईबीडी (IBD)

किसी भी प्रकार की आईबीडी की समस्या होने पर गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) हो सकता है। इसके साथ ही एब्डोमिनल क्रैम्प, थकान, गैस, ब्लोटिंग, स्टूल में खून आना, भूख की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में इंफ्लामेशन दूसरे अंगों जैसे कि स्किन, आंखें, लिवर, जॉइंट्स, हार्ट और लंग्स में भी हो सकती है।

इसलिए गट इंफ्लामेशन का गंभीरता से लें और इसका इलाज कराएं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि पेट की समस्या को छोटी समझकर डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा का उपयोग ना करें। साथ ही अगर समस्या ठीक नहीं हो रही है तो घरेूल उपायों को छोड़कर मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह जल्द से जल्द लें। इसके साथ ही वजन को संतुलित रखें, नींद पूरी करें और एल्कोहॉल और स्मोकिंग से बचें। ये सभी आदतें गट हेल्थ को प्रभावित करती हैं। इसलिए इनका विशेष ध्यान रखें। ये आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए भी जरूरी है और एक हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देती हैं।

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उम्मीद करते हैं कि आपको गट इंफ्लामेशन (Gut Inflammation) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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