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प्रेग्नेंसी में खून की कमी कैसे दूर करें?

प्रेग्नेंसी में खून की कमी कैसे दूर करें?

प्रेग्नेंसी में खून की कमी का खतरा ज्‍यादा होता है। यदि आप भी गर्भावस्था के दौरान खून की कमी के लक्षण महसूस कर रही हैं तो यह एनीमिया (Anemia) हो सकता है। प्रेगनेंसी में खून की कमी के कारण शरीर में शिशु और ऊतकों तक ऑक्सिजन (Oxygen) पहुंचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पाती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु के विकास के लिए शरीर में अधिक खून की जरूरत होती है। यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन (Iron) या अन्य विशेष पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते हैं तो वह अधिक खून बनाने के लिए लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में असक्षम हो जाता है।

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प्रेग्नेंसी में खून की कमी क्या है? (Anemia in pregnancy)

प्रेग्नेंसी में थोड़ी बहुत खून की कमी होना सामान्य बात होता है। हालांकि, आयरन (Iron) या विटामिन (Vitamin) की कमी के कारण गंभीर रूप से प्रेग्नेंसी में एनीमिया होने की भी शिकायत हो सकती है। इस स्थिति में गर्भवती महिला को कमजोरी, थकान, सीने में दर्द (Chest pain) और सिर में हल्कापन महसूस हो सकता है। यदि स्थिति गंभीर है और उसका इलाज न किया जाए तो यह किसी गंभीर समस्या जैसे नौ महीने पूरे होने से पहले डिलीवरी का कारण बन सकती है। प्रेग्नेंसी में एनीमिया को रोकना या उसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। इसमें सबसे अधिक प्रभावशाली उपाय होता है आपका भोजन। अपने आहार को स्वस्थ और विशेष रूप से पोषक तत्वों से भरपूर रखें।

प्रेग्नेंसी में खून की कमी के लिए जरूरी है आयरन

प्रेग्नेंसी में खून की कमी के दौरान शरीर में रक्त की जरूरत 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। शरीर को लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए आयरन की आवश्यकता होती है। अधिक खून के लिए अधिक लाल रक्त कोशिकाओं और कोशिकाओं को बनाने के लिए अधिक आयरन की जरूरत पड़ती है। वहीं अगर आपको आयरन की कमी हो जाए तो इसके कारण प्रेग्नेंसी में एनीमिया हो सकता है। प्रेग्नेंट महिलाओं में एनीमिया होना बेहद सामान्य स्थिति है।

आयरन दो प्रकार के होते हैं जिनमें हीमोलिटिक आयरन (Hemolytic iron) और नॉन-हेमोलीटिक आयरन (Non-Hemolytic iron) शामिल हैंः

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हेमोलीटिक आयरन : यह हमें मीट, मछली और अन्य प्रकार के जानवरों के मांस से प्राप्त होता है। यह शरीर द्वारा आसानी से पचाया जा सकता है।

नॉन-हेमोलीटिक आयरन : यह अनाज, बीन्स, सब्जियों, फलों, बादाम और बीजों में मिलता है। शरीर इन्हें आसानी से तो पचा पाता है लेकिन इसे इस्तेमाल में लाने में समय लगता है।

प्रेग्नेंसी में खून की कमी होने पर क्या खाना चाहिए

मांसाहारी व्यंजन

लाल मांस

लाल मांस आयरन का सबसे बेहतर स्रोत होता है। 100 ग्राम रेड मीट के सेवन से आपको 2 मिलीग्राम तक आयरन प्राप्त होता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान बैक्टीरिया से बचने के लिए मीट को अच्‍छे से पका कर खाएं। अधपका खाना कई अन्य प्रकार की समस्याएं उत्‍पन्न कर सकता है।

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प्रेग्नेंसी में एनीमिया होने पर मछली खानी चाहिए

झींगा, पोलेक, कैटफिश, कॉड, लाइट ट्यूना और सैल्मन मछलियां आयरन से भरपूर होती हैं। 250 ग्राम मछली में 1।6 मिलीग्राम आयरन होता है। अच्छे से पकाए जाने पर गर्भावस्था में साल्मन मछली खाना सुरक्षित होता है। इसे 62 डिग्री तापमान पर पकाएं। आयरन के अलावा साल्मन मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स (Omega 3 fatty acids) और पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो सुरक्षित गर्भावस्था में मदद करते हैं।

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खून की कमी होने पर प्रेगनेंसी में चिकन खा सकते हैं

चिकन खाने के फायदों के बारे में तो लगभग हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आपको यह पता है कि गर्भावस्था में चिकन खाने से एनीमिया की शिकायत को दूर किया जा सकता है? दरअसल, 250 ग्राम चिकन में 1।5 मिलीग्राम आयरन मौजूद होता है जो कि शरीर की आयरन की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है।

प्रेग्नेंसी में अंडे खाने के फायदे

अंडे हर प्रकार के पोषक तत्व से भरपूर होते हैं। इनमें आपको आयरन, प्रोटीन, पोटैशियम, फैट, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के और कई अन्य न्यूट्रिएंट्स पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं। अंडे को कच्चा या तेल में पका कर खाने की बजाय उबाल कर खाना ज्‍यादा फायदेमंद रहता है।

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शाकाहारी व्यंजन

एनीमिया में कौन सा फल खाना चाहिए?

खट्टे फल जैसे संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी, नींबू, अमरूद, पपीता और चकोतरा में आयरन के साथ-साथ विटामिन सी भी पाया जाता है जो एनीमिया (Anemia) से लड़ने में मदद करते हैं और शरीर में खून के उत्पादन को बढ़ाते हैं। हालांकि, कैल्शियम (Calcium) और आयरन (Iron) युक्त फलों का सेवन प्रेग्‍नेंसी में नहीं करना चाहिए। कैल्शियम शरीर में आयरन को अवशोषित करने की क्षमता को कम कर देता है जिसके कारण एनीमिया की स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।

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प्रेग्नेंसी में खून की कमी का उपाय है पालक

एनीमिया से ग्रस्त व्यक्ति को हरी-पत्तेदार सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। पालक (Spinach) में मौजूद आयरन प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा पालक में फोलेट एसिड भी पाया जाता है जो कि एनीमिया को रोकने के लिए बेहद जरूरी होता है। यह खासतौर से फोलेट की कमी को पूरा करता है। एनीमिया की रोकथाम के लिए आप पत्तागोभी जैसी अन्य सब्जियों का भी सेवन कर सकते हैं।

चुकंदर है प्रेग्नेंसी में खून की कमी का इलाज

चकुंदर लगभग हर उम्र के व्यक्ति को खाने की सलाह दी जाती है, खासतौर से गर्भावस्था के दौरान। चुकंदर को पका कर, जूस निकाल कर या कच्चा भी खाया जा सकता है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं जो मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। चकुंदर शरीर में खून बनाने में भी मदद करता है जिससे गर्भावस्था में एनीमिया की दिक्‍कत को ठीक किया जा सकता है।

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प्रेग्नेंसी में एनीमिया होने पर क्या न खाएं?

गर्भावस्था के दौरान कई ऐसे व्यंजन भी होते हैं जिनसे आपको परहेज करना चाहिए। निम्न आहार आयरन को अवशोषित करने की प्रक्रिया में बाधा बन सकते हैं इसलिए इन्हें न खाएं-

  • चाय (Tea) और कॉफी (Coffee)
  • दूध और अन्य डेयरी उत्‍पाद
  • अनाज युक्त सीरियल (Otas)
  • अंगूर, भुट्टा जैसे टैनिन युक्त पदार्थ
  • ब्राउन राइस (Brown rice) और साबुत अनाज
  • मूंगफली, अजमोद और चॉकलेट जैसे ऑक्सेलिक युक्त पदार्थ

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प्रेग्नेंसी में एनीमिया का इलाज (Treatment for Anemia in pregnancy)

  • भोजन को पूरा पका कर खाएं।
  • सामान्य जानवरों जैसे बकरा, मुर्गी और मछली का ही मांस खाएं।
  • खाने के साथ चाय कॉफी के सेवन से परहेज करें।
  • आयरन के साथ-साथ फोलेट (Folate), विटामिन सी (Vitamin C) और विटामिन ए (Vitamin A) युक्त आहार भी खाएं।

यदि इन सब उपायों को अपनाने के बाद भी एनीमिया के लक्षण और खून की कमी पूरी नहीं हो पाती है तो डॉक्टर से सलाह लें। वह आपको आयरन युक्त सप्लीमेंट्स की सलाह देंगे जिनकी मदद से आप जल्दी रिकवर कर सकते हैं।

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सायकल लेंथ

28 दिन

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सूत्र

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Shivam Rohatgi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 31/08/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड