प्रेग्नेंसी वीक 22 के दौरान आपके शिशु की लंबाई 27.9 सेंटीमीटर के करीब पहुंच जाता है और वजन 430 ग्राम के आसपास हो जाता है। शिशु के होंठ, भौहें और पलकें विकसित होने के बाद वो करीबन करीबन जन्मे शिशु की तरह लगने लगता है। प्रेग्नेंसी वीक 22 के अंत तक शिशु की इंटेस्टिनल ट्रैक्ट पहली बोवेल मूवमेंट शुरू कर देती है। इस सप्ताह में आप शिशु के सोने और जागने के पैटर्न को नोटिस कर सकती हैं, हो सकता है कि आपके शिशु के सोने और जागने का पैटर्न आपसे अलग हो। क्योंकि, आपका शिशु गर्भ के अंदर दिन और रात के बीच भेद नहीं कर सकता। इसके अलावा, जब रात में आप सो रही होती हैं, तो आपका शिशु हलचल करता है और दिन में आपके शारीरिक गतिविधि करने के दौरान आपका शिशु आराम करता है।

प्रेग्नेंसी वीक 22 में आपके शिशु की सांस लेने की प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज हो जाती है। हालांकि, उसे स्वतंत्र रूप से सांस लेने के लिए मैच्योर होने में समय लगेगा। जिसकी वजह से जन्म के समय तक वो ऑक्सीजन लेने और कार्बनडाइऑक्साइड छोड़ने के लिए प्लासेंटा पर पूरी तरह से निर्भर रहता है।
प्रेग्नेंसी वीक 22 के दौरान भी छोटे और बारीक बालों की परत, जिसे लानूगो कहा जाता है, आपके शिशु के शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। दूसरी तरफ मसल्स विकसित होने और उनके मजबूत होने की वजह से इस दौरान शिशु की हलचल तेज हो जाती है, जिसे आप खुद अपने गर्भ में महसूस कर सकती हैं। शिशु की हृदयगति को स्टेथोस्कोप की मदद से सुना जा सकता है। पहली बार मां बनने जा रही महिलाओं के लिए यह अनुभव काफी उत्साहित करने वाला होता है।
इसके साथ ही इस समय भी आप पिछले हफ्ते की तरह अपने शिशु के पेट में पैर मारने के बाद बाहर से हल्की थपकी मारकर एक संवाद का तरीका विकसित कर सकती हैं, जिसके बाद शिशु भी दोबारा पैर मारकर जवाब देता है। इस खास समय की वजह से शिशु और मां के बीच सबसे अलग और प्यारा रिश्ता होता है। इस दौरान आपके शिशु की उंगलियों के नाखून लगभग विकसित हो चुके होते हैं। प्रेग्नेंसी वीक 22 में आपके शिशु के प्रजनन अंग विकसित होने चालू रहते हैं। पुरुष शिशु में अंडकोष का विकास होता रहता है और महिला शिशु में यूट्रस और वजाइना का विकास चालू रहता है।
प्रेग्नेंसी 22 के दौरान के आसपास आपको यूट्रस में असामान्य संकुचन महसूस हो सकता है। दरअसल, इस दौरान आपका यूट्रस लेबर के लिए प्रैक्टिस करता है, जिसे ब्रेक्सटन हिक्स फिजियोलोजिक कॉन्ट्रैक्शन (Braxton Hicks physiologic contractions) भी कहा जाता है। लेकिन, चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि इससे आपके शिशु के स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। अगर ये संकुचन की वजह से आपको दर्द हो रहा है तो अपने डॉक्टर से बात करें।
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प्रेग्नेंसी वीक 22 के दौरान आपके पेट में खिंचाव होने के अलावा आपके जोड़ों की कार्यक्षमता थोड़ी बिगड़ जाती है। दरअसल, कार्यक्षमता में यह बदलाव जोड़ों और लिगामेंट के ढीले होने या फ्लूड रिटेंशन की वजह से होता है। इन दोनों फैक्टर की वजह से आपके चीजों को पकड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। कार्पल टनल सिंड्रोम की वजह से होने वाली निपुणता में कमी और प्रेग्नेंसी के समय होने वाले एमनेसिया के कारण भी आपके फोकस में कमी आ सकती है।
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गर्भवती होने पर आपको रक्तस्राव के कुछ धब्बे दिख सकते है। प्रेग्नेंसी वीक 6 के बाद ऐसा होना आम बात है। क्योंकि, इंटरनल डायग्नोस्टिक टेस्ट और इंटरकोर्स या फिर अन्य अनजान कारणों की वजह से सर्विक्स संवेदनशील हो जाता है।
हालांकि, प्रेग्नेंसी वीक 22 के दौरान हुई ब्लीडिंग या ब्लड की स्पॉटिंग के बारे में अपने डॉक्टर को जरूर बताएं। हो सकता है आपको अर्जेंट ट्रीटमेंट की जरूरत हो, लेकिन यह डॉक्टर खुद देखकर ही पता लगा पाएगा। लेकिन, प्रेग्नेंसी वीक 22 के आसपास अगर आपको ज्यादा ब्लीडिंग होती है या फिर ब्लड की स्पॉटिंग के साथ गंभीर असहनीय दर्द भी होता है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर इस समस्या के कारण का पता लगाने और उसके सही समय पर इलाज के लिए अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दे सकता है । अल्ट्रासाउंड की मदद से डॉक्टर रक्तस्राव के साथ दर्द या ज्यादा रक्तस्राव होने के सही कारण की जांच कर सकता है।
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प्रेग्नेंसी वीक 22 में डॉक्टर आपसे या फिर आप डॉक्टर से इन टेस्ट्स को एक बार फिर करवाने के बारे में बात कर सकती हैं। जैसे-
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प्रेग्नेंसी वीक 22 के आसपास आपके मन में यह सवाल जरूर आ सकता है कि क्या शहद का सेवन गर्भावस्था में सुरक्षित है या नहीं? सामान्यतः ऐसा कोई शोध या जानकारी नहीं है कि जिससे यह पता चल सके कि प्रेग्नेंसी वीक 22 या पूरे गर्भावस्था में शहद खाना सुरक्षित नहीं है। शहद में मौजूद स्पोर्स गर्भ में शिशु को नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करते हैं, जिस वजह से यह कहा जा सकता है कि गर्भवती महिला को शहद का सेवन करना सुरक्षित है। हालांकि, शहद खाना सिर्फ तब ही असुरक्षित हो सकता है जब वो पाश्चराइज्ड ना हुआ हो। क्योंकि, बिना पाश्चराइज्ड हुए शहद से क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम (Clostridium Botulinum) नामक बीमारी हो सकती है। इसलिए, आपको गर्भावस्था में या किसी गर्भवती को कच्चे शहद का सेवन करवाने से परहेज करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ऐसे किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए, जो कि पाश्चराइज्ड न हुआ हो, क्योंकि उसमें पैथोजेनिक ऑर्गेनिज्म होते हैं। ये ऑर्गेनिज्म गर्भवती महिला और उसके शिशु को हानि पहुंचा सकते हैं।अगले आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी वीक 23 के बारे में बात करेंगे।
उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
डिस्क्लेमर
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Current Version
23/07/2020
Shivani Verma द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Bhawana Awasthi
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar