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गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) : ऑव्युलेशन को ट्रिगर करने का करते हैं काम, लेकिन उपयोग के साथ हैं कुछ रिस्क भी

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) : ऑव्युलेशन को ट्रिगर करने का करते हैं काम, लेकिन उपयोग के साथ हैं कुछ रिस्क भी

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) फर्टिलिटी ड्रग्स हैं। जिनमें फॉलिकल स्टिम्यूलेशन हॉर्मोन (Follicle stimulating hormone) (FSH) और ल्यूटेनाइजिंग हॉर्मोन (Luteinizing hormone (LH) पाया जाता है। ये ड्रग इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध होते हैं क्योंकि ये इंजेक्शन के जरिए ही बॉडी में पहुंचाए जाते हैं। ये ऑव्युलेशन को स्टिम्यूलेट करने में उपयोग किए जाते हैं। एफएसएच और एलएच को गोनाडोट्रॉपिन्स कहा जाता है। ये दोनों हॉर्मोन बॉडी में नैचुरली बनते हैं और ऑव्युलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इंजेक्शन के रूप में मौजूद ड्रग हॉर्मोन का सिंथेटिक वर्जन होते हैं। इस आर्टिकल में जानिए गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) कैसे कार्य करते हैं?

पिट्यूटरी ग्लैंड (Pituitary gland) मेंस्ट्रुअल साइकल की शुरुआत में फॉलिकल स्टिम्यूलेशन हॉर्मोन (Follicle stimulating hormone (FSH) और ल्यूटेनाइजिंग हॉर्मोन (Luteinizing hormone) (LH) को प्रोड्यूस करती है। एफएसएच (FSH) पूरी बॉडी में भेज दिया जाता है और एलएच (LH) ऑव्युलेशन के पहले तक पिट्यूटरी ग्लैंड में ही स्टोर रहता है। एफएसएच ओवरीज में मौजूद फॉलिकल्स को विकास करने के लिए स्टिम्यूलेट करता है। गोनाडोट्रॉपिन फर्टिलिटी ड्रग्स (Gonadotropins Fertility Drugs) भी इसी तरह काम करते हैं। ये ओवरीज में मौजूद फॉलिकल्स (Follicles) को ग्रो और डेवलप करने में मदद करते हैं।

आम तौर पर एलएच (LH) मासिक चक्र के दौरान ऑव्युलेशन से ठीक पहले पीक पर होता है और मैच्योर एग को विकास और रिलीज में मदद करता है। गोनाडोट्रोपिन्स के साथ उपचार के दौरान, आपको (LH) या (FSH) का इंजेक्शन दिया जा सकता है या आमतौर पर, एचसीजी (hCG), जो एक प्राकृतिक एलएच स्पाइक के रूप में कार्य करता है और ऑव्युलेशन (Ovulation) को ट्रिगर करता है।

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गोनाडोट्रॉपिन्स का उपयोग कब और कैसे किया जाता है? (Uses of Gonadotropins)

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins)

गोनाड्रोट्रॉपिन्स का उपयोग ऑव्युलेशन स्टिम्यूलेशन के लिए किया जाता है। साथ ही ये आईयूआई ट्रीटमेंट (IUI treatment) या आईवीएफ ट्रीटमेंट (IVF treatment) साइकल का भी हिस्सा हो सकते हैं। पीरियड होने से बाद डॉक्टर बुलाएंगी और इसके बाद महिला के कुछ अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट किए जा सकते हैं ताकि यह पता लग सके कि किसी प्रकार के कॉम्प्लिकेशन (जैसे कि ओवेरियन सिस्ट) तो नहीं हैं जिससे इस साइकल में ट्रीटमेंट ना किया जा सके।

गोनाड्रोट्रॉपिन्स के उपयोग की प्रॉसेस

इसके बाद गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) मेडिकेशन 75 से 150 आईयू के साथ शुरू किया जा सकता है।

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जब हॉर्मोन लेवल और फॉलिकल साइज ऑव्युलेशन पूरा होने की तरफ इशारा करते हैं तो डॉक्टर एचसीजी (hCG) इंजेक्शन दे सकता है। यह 36 घंटे बाद ऑव्युलेशन को ट्रिगर करता है। इसके बाद डॉक्टर किस दिन इंटरकोर्स करना है इसके बारे में जानकारी देती हैं। जिससे प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ सके।

एक बार ऑव्युलेशन होने के बाद, आप प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) लेना शुरू कर सकती हैं। हालांकि, सभी को इसकी आवश्यकता नहीं होगी। उपचार सफल रहा या नहीं इसका पता पीरियड के आने या नहीं आने से पता चल जाता है। प्रेग्नेंसी कंफर्म करने के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट किया जाता है।

गोनाडोट्रॉपिन्स के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? (Gonadotropins side effects)

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) के उपयोग से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जो निम्न प्रकार हैं।

ओवेरियन हायपरस्टिम्युलेशन सिंड्रोम (Ovarian hyperstimulation syndrome)

ओएचएसएस (OHSS) गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) को लेने से होने वाला सीरियस कॉम्प्लिकेशन है। माइल्ड ओएचएसएस 10 से 20 प्रतिशत महिलाओं को होता है। इसके गंभीर होने की संभावना 1 प्रतिशत तक होती है जानलेवा भी हो सकता है, अगर इलाज उचित प्रकार से ना किया जाए।

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मल्टिपल प्रेग्नेंसी (Multiple pregnancy)

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins)
गोनाडोट्रॉपिन्स के उपयोग से मल्टिपल प्रेग्नेंसी का खतरा भी रहता है। कुछ स्टडीज में इस बात का दावा किया गया है कि गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) के उपयोग से होने वाली प्रेग्नेंसीज में ट्विन्स बच्चों का जन्म होता है। जो बच्चे और मां दोनों के लिए खतरा बन सकती है। ट्रीटमेंट साइकल की मॉनिटरिंग से मल्टिपल प्रेग्नेंसी के रिस्क को कम किया जा सकता है। कई डॉक्टर तीन से ज्यादा फॉलिकल्स डेवलप होने पर या ईस्ट्राडियोल का लेवल हाय होने पर ट्रीटमेंट केंसिल कर देते हैं।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic (Tubal) Pregnancies)

एक से दो प्रतिशत नैचुरल प्रेग्नेंसी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में कंवर्ट होती है जबकि गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) के उपयोग से इसका रिस्क बढ़ जाता है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी जीवन के लिए खतरा हो सकती है और इसके लिए दवा या सर्जरी के साथ उपचार की आवश्यकता होती है। कभी-कभी एक ट्यूबल गर्भावस्था एक हेटरोटोपिक गर्भावस्था (Heterotopic pregnancy) के रूप में हो सकती है। इसे हटाने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।

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ओवेरियन ट्विस्टिंग (Ovarian twisting)

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) के उपयोग से 2 प्रतिशत से कम मामले ओवेरियन ट्विस्टिंग के पाए गए हैं। जिसमें स्टिम्युलेट होने के बाद ओवरी ट्विस्ट हो जाती है क्योंकि फॉलिकल्स के कारण यह हैवी हो जाती है। इससे ब्लड सप्लाई रुक सकती है। इसके लिए सर्जरी के लिए की आवश्यकता पड़ सकती है। सीवियर केस में ओवरी को रिमूव तक करना पड़ता है।

अन्य रिस्क

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) मिसकैरिज, प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन जैसे कि हाय ब्लड प्रेशर, प्लेसेंटल एबरप्शन (Placental Abruption) आदि का रिस्क बढ़ा सकते हैं।

गोनाडोट्रॉपिन्स का उपयोग कितना सफल है? (Success rate of Gonadotropins)

गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) के साथ ट्रीटमेंट की सफलता कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है। जिसमें उम्र, इनफर्टिलिटी की वजह, ओवरऑल हेल्थ आदि शामिल हैं। अमेरिका के द जोन्स इंस्टीट्यूट फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन (The Jones Institute for Reproductive Medicine) द्वारा 2011 के एक अध्ययन में 1,400 गोनाडोट्रॉपिन के ट्रीटमेंट साइकल को देखा। जिसमें कुल गर्भावस्था दर 12% थी, जिसमें जीवित जन्म दर लगभग 7.7% थी। यंगर पेशेंज में जन्म दर अधिक थी।

गोनाडोट्रॉपिन्स का उपयोग इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे कपल के लिए मददगार, लेकिन इसके उपयोग के साथ कुछ रिस्क भी हैं। इस ट्रीटमेंट को चुनने से पहले डॉक्टर से इस बारे में जानकारी प्राप्त करें। साथ ही किसी भी गोनाडोट्रॉपिन ड्रग का यूज डॉक्टर की सलाह के बिना ना करें।

उम्मीद करते हैं कि आपको गोनाडोट्रॉपिन्स (Gonadotropins) और इनफर्टिलटी ट्रीटमेंट में इनके उपयोग से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

 

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/09/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड