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Precipitous Labor: लेबर पेन बिना रुके जब हो लगातार, तो बढ़ सकती हैं कॉम्प्लीकेशंस

Precipitous Labor: लेबर पेन बिना रुके जब हो लगातार, तो बढ़ सकती हैं कॉम्प्लीकेशंस

लेबर और डिलिवरी के बारे में महिलाओं के मन में ये धारणा हमेशा बनी रहती है कि आखिर कब तक दर्द सहना पड़ेगा और कब बच्चा पैदा होगा। ये सच है कि हर महिलाओं का लेबर पीरियड एक जैसा नहीं होता है। कुछ महिलाओं को बारह घंटे से अधिक का समय लगता है तो कुछ को 30 घंटे से अधिक समय। आपने न्यूज में ये जरूर सुना होगा कि किसी महिला ने बच्चे को ट्रेन या बस में जन्म दे दिया या फिर हॉस्पिटल ले जाने के दौरान ही रास्ते में बच्चे का जन्म हो गया। यानी लेबर के दौरान इतना समय ही नहीं मिल पाया कि हॉस्पिटल पहुंचा जा सके। ऐसा प्रिसिपिटस लेबर (Precipitous Labor) के कारण होता है। यानी लेबर बिना रूके तेजी से होना और फिर बच्चे का जन्म हो जाना। हम जानते हैं कि आपके मन में प्रिसिपिटस लेबर या रैपिड लेबर को लेकर मन में बहुत से प्रश्न होंगे। हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से प्रिसिपिटस लेबर के बारे में अहम जानकारी देने जा रहे हैं। जानिए क्या होता है प्रिसिपिटस लेबर।

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प्रिसिपिटस लेबर (Precipitous Labor) क्या है और ये कैसे शुरू होता है?

प्रिसिपिटस लेबर (Precipitous labor) से किस महिला को गुजरना पड़ जाए, ये जानकारी लगा पाना मुश्किल है। ये लेबर प्रोसेस के दौरान होने वाली प्रक्रिया है, जब आपको लेबर रुक कर नहीं बल्कि तेजी से होने लगते हैं। ऐसे में महिला लेबर के करीब तीन घंटे बाद तक बच्चे को जन्म दे सकती है। कुछ महिलाओं को लेबर के दौरान पेन नहीं होता है। जब लेबर सेकेंड स्टेज में पहुंच जाता है, तो उन्हें पेट में हल्का संकुचन महसूस होता है। ऐसे में महिला के लिए ये जान पाना मुश्किल हो जाता है कि कुछ ही समय बाद उसका बच्चा बाहर आने वाला है। प्रिसिपिटस लेबर में दर्द का एहसास न होना या फिर तेजी से दर्द होना, दोनों ही लक्षण दिखते हैं। प्रिसिपिटस लेबर कई मामलों में गंभीर साबित हो सकते हैं।

प्रिसिपिटस लेबर की पहचान (Signs of precipitous labor)

प्रिसिपिटस लेबर (Precipitous labor) के शुरुआती दौर में इसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो सकता है। आमतौर पर शुरुआत में कुछ हल्के, अनियमित संकुचन (Irregular contractions) का एहसास होता है। कुछ देर बाद कॉन्सट्रेक्शन तेजी से होने लगते हैं। ये इस बात की पहचान है कि सर्विक्स (Cervix) ओपन होने वाला है और ये पतला और छोटा होने लगता है। इस प्रक्रिया के बाद शिशु कभी भी बाहर आ सकता है। कुछ महिलाओं को संकुचन का एहसास नहीं होता है और उन्हें महसूस होता है कि उन्हें अब पुश करना चाहिए।

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प्रिसिपिटस लेबर या रैपिड लेबर (Rapid labor) हो, तो क्या करना चाहिए?

जब भी लेबर शुरू होता है, तो महिलाओं के पास इतना समय रहता है कि वो हॉस्पिटल पहुंच जाए और फिर डॉक्टर की देखरेख में बच्चे को जन्म दें। प्रिसिपिटस लेबर (Precipitous labor) के दौरान महिलाओं को ज्यादा समय नहीं मिल पाता है। ऐसा रैपिड लेबर यानी संकुचन के जल्दी-जल्दी होने के कारण होता है। किस महिला को रैपिड लेबर (Rapid labor) से गुजरना पड़ेगा, ये डॉक्टर पहले से नहीं बता सकते हैं। महिलाओं को खुद ही इस स्थिति के लिए तैयार होना होगा। आपको प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में (Last months of pregnancy) अकेले बाहर नहीं जाना चाहिए। अगर जरूरत पड़े तो किसी को साथ जरूर ले जाएं। ऐसे हॉस्पिटल का चुनाव करें, जो आपके घर से कुछ ही दूरी पर हो। अगर आपको लेबर पेन शुरू हो जाता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और हॉस्पिटल पहुंचने की कोशिश करें। आप डॉक्टर से भी इस बारे में अधिक जानकारी ले सकते हैं।

प्रिसिपिटस लेबर का किसको हो सकता है ज्यादा जोखिम (Precipitous labor risk)

जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि प्रिसिपिटस लेबर किसे होगा, इस बारे में पहले से बता पाना डॉक्टर के लिए कठिन होता है लेकिन कुछ लोगों में इसकी ज्यादा संभावना होती है। जिन महिलाओं को पहले भी प्रिसिपिटस लेबर या रैपिड लेबर हो चुका है, उन्हें दूसरी डिलिवरी के दौरान इसका अधिक खतरा रहता है। अगर किसी महिला ने पहले बच्चे को रास्ते में या फिर कार में जन्म दिया है, तो ऐसी महिलाओं को सेकेंड डिलिवरी (Second delivery) के दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत पड़ती है। वहीं जिन महिलाओं को क्रॉनिक हाय ब्लड प्रेशर (Chronic high blood pressure)की समस्या हो या जिन्होने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराया हो या लेबर के दौरान पीजीई 2 (Prostaglandin E2) दिया गया हो, उनका सर्विक्स डायलेट होने के अधिक चांसेज रहते हैं। जिन महिलाओं के बच्चे का वजन कम होता है, उन्हें भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

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प्रिसिपिटस लेबर से जुड़े कॉम्प्लीकेशंस (Complications of precipitous labor)

आपने अक्सर सुना होगा कि मां ने बच्चे को रास्ते में या ट्रेन में जन्म दिया और मां और बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है। जी हां! प्रिसिपिटस लेबर के केस में ज्यादातर लोगों के साथ यही होता है। लेबर के कुछ ही समय बाद बच्चे का जन्म हो जाता है और मां और बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य होते हैं। लेकिन ऐसा हर किसी के साथ हो, ये जरूरी नहीं है।
प्रिसिपिटस लेबर या रैपिड लेबर के कारण होने वाली मां को अधिक ब्लीडिंग (Hemorrhaging) हो सकती है। साथ ही सर्विक्स या वजायनल टिशू में टियरिंग की समस्या भी हो सकती है। कई बार तो होने वाली मां को शॉक भी लग सकता है। प्रिसिपिटस लेबर के कारण बच्चे का गंदे वातावरण का सामना भी करना पड़ सकता है। होने वाली मां को ऐसे में नहीं पता होता है कि अब क्या करना है। कई बार महिला का प्लासेंटा भी बाहर नहीं आ पाता है। यानी ये एक ऐसी स्थिति होती है, जो होने वाली मां को डरा सकती है और बच्चे के लिए भी खतरा बन सकती है। महिलाओं को इस स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर से इस बारे में जानकारी जरूर लेनी चाहिए। अगर ऐसा हो जाए, तो महिला खुद के प्रिपेयर कर सके।

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रैपिड लेबर हो, तो इन बातों का रखें ध्यान

अगर आपको रैपिड लेबर हो, तो डॉक्टर के पास पहुंचने तक आपको करवट के बल लेट जाना चाहिए। साथ ही डीप ब्रीथ आपको दर्द से राहत दिलाने में मदद करेगी। अगर आप किसी कारण से अस्पताल नहीं पहुंच पाई है, तो दाई से संपर्क कर सकती हैं। दाई का प्रशिक्षित होना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि ऐसी स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहे और घबराएं नहीं। हॉस्पिटल जाते समय अपने पास ऐसी महिला को जरूर ले जाएं, जो पहले मां बन चुकी हो और इस बारे में जानकारी रखती हो।

अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो आपको डिलवरी के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी जुटानी चाहिए। जरूरी नहीं है कि आपको डिलिवरी के दौरान रैपिड लेबर की समस्या हो, लेकिन अगर आप खुद को प्रिपेयर कर लेंगी, तो ऐसी स्थिति में खुद को संभाल सकती हैं। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

 

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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