एंजियोडीमा वो सूजन है जो हीव्स के समान होती है। लेकिन, यह सूजन त्वचा के ऊपर होने की जगह नीचे होती है। यह सूजन शरीर के कई हिस्सों में हो सकती है, जैसे:
चेहरा गला स्वरयंत्र (साउंड बॉक्स) उवुला (त्वचा का छोटा टुकड़ा जो आपके गले के पीछे से लटकता है) बाजुएं सिर पैर और हाथ यह जननांगों के आसपास और आंतों में भी हो सकती है। यह सूजन अधिक हो सकती है और इसमें दर्द या जलन भी हो सकती है। अगर यह समस्या आपके निचले पेट में है, तो इससे पेट में दर्द हो सकता है। यह समस्या गंभीर हो सकती है अगर सूजन आपके गले या जीभ में हो। इससे आपको सांस लेने से समस्या हो सकती है। अगर ऐसा है तो तुरंत डॉक्टर से उपचार कराना चाहिए।
एंजियोडीमा से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इस रिएक्शन के दौरान, हिस्टामिन और अन्य केमिकल ब्लडस्ट्रीम में से निकलते हैं। जब इम्यून सिस्टम एक एलर्जेन के सम्पर्क में आता है तो शरीर हिस्टामिन रिलीज़ करता है। अधिकतर मामलों में, एंजियोडीमा के कारण का पता नहीं चल पाता है लेकिन, इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।
- जानवरों की रुसी
- पानी, सूर्य की रोशनी, ठंड या गर्मी के सम्पर्क में आना।
- भोजन (जैसे शेलफिश, फिश, नट्स, अंडे और दूध आदि)
- कीट का डंक
दवाईयां (ड्रग एलर्जी) जैसे एंटीबायोटिक्स (पेनिसिलिन और सल्फा ड्रग्स),नॉन स्टेरायडल,एंटी -इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), और ब्लड प्रेशर मेडिसिन्स (ACE इन्हिबिटर्स) - पराग कण
- संक्रमण के बाद या अन्य बीमारियों के साथ हीव्स और एंजियोएडेमा भी हो सकता है
अगर यह परिवार में माता-पिता को है तो बच्चों में भी एंजियोएडेमा होने की संभावना बढ़ जाती है और इन मामलों में ट्रिगर, जटिलताएं और उपचार भी अलग-अलग होते हैं। इसे वंशानुगत एंजियोएडेमा कहा जाता है।
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अगर आप में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें:
- अचानक एंजियोएडेमा के लक्षण का विकसित होना , जैसे कि एलर्जी रिएक्शन में सांस लेने में तकलीफ होना जो अचानक हो और एकदम बिगड़ जाए।
- बेहोश या चक्कर महसूस करना।
- यदि व्यक्ति को पता है कि उन्हें एलर्जी है, तो उनके पास एक ऑटोपेन्जेंडर हो सकता है, जैसे कि एपिपेन। वे मेडिकल हेल्प की प्रतीक्षा करते समय इसका उपयोग कर सकते हैं।
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डॉक्टर इस रोग के लक्षणों के बारे में जानेंगे। इसके साथ ही वो आपके परिवार और मेडिकल हिस्ट्री को भी जानेंगे। वे यह भी जांचेंगे कि क्या रोगी एंजियोएडेमा से जुड़ी कोई दवाई ले रहा है, जैसे ACE इनहिबिटर। एंजियोएडेमा वाले व्यक्ति के और भी टेस्ट कराये जा सकते हैं। जिनमे यह शामिल हो सकते हैं:
- स्किन प्रिक टेस्ट : एलर्जी के बारे में जानने के लिए इस टेस्ट को किया जाता है।
- ब्लड टेस्ट: खास एलर्जेन इम्यून सिस्टम के प्रति कैसे रियेक्ट करता है इसके बारे में जानने के लिए यह टेस्ट किया जाता है।
C1 इस्टरसे इन्हीबिटर को जांचने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है, अगर इसका स्तर कम हो तो पता चलता है कि समस्या वंशानुगत है।
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अगर लक्षण कम हों तो हो सकता है कि आपको उपचार की आवश्यकता न हो। हीव्स और एंजियोडीमा आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाता है। लेकिन गंभीर खारिश, अधिक बेचैनी या ऐसे ही परेशानी वाले लक्षणों को दूर करने के लिए सही उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
हीव्स और एंजियोडीमा के उपचार के लिए इन दवाइयों को दिया जा सकता है:
- खारिश दूर करने वाली दवाइयां : हीव्स और एंजियोएडेमा के उपचार के लिए एंटीहिस्टामाइन दी जा सकती हैं। ये दवाएं खुजली, सूजन और अन्य एलर्जी के लक्षणों को कम करती हैं।
- जलन दूर करने वाली दवाइयां : हीव्स या एंजियोएडेमा के लिए, डॉक्टर कभी-कभी ड्रग कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा लिख सकते हैं, जैसे कि प्रेडनिसोन। जो सूजन, लालिमा और खुजली को कम करने के लिए प्रयोग होती हैं।
- प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए दवाई: यदि एंटीहिस्टामाइन और कॉर्टिकोस्टेरॉइड रोगी पर अप्रभावी हैं, तो डॉक्टर उन्हें ओवरएक्टिव इम्यून सिस्टम को शांत करने के लिए सही दवा दे सकते हैं।
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- उन चीज़ों को नजरअंदाज करें जिनसे आपको यह समस्या हो सकती है जैसे पालतू जानवरों की रुसी , खाना जिससे आपको एलर्जी हो सकती है, कीटों का डंक आदि। यदि आपको लगता है कि किसी दवा से आपको रैशेस हो सकते हैं, तो उनका उपयोग करना बंद कर दें और अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
- प्रभावित स्थान पर कोल्ड वॉशक्लॉथ लगाएं इससे आपको आराम मिलेगा और खुजली भी नहीं होगी।
स्नान करें। ठंडे पानी से स्नान करने के बाद आपको अच्छा लगेगा। कुछ लोगों को ठंडे पानी में बेकिंग सोडा या ओटमील पाउडर (अविनो, अन्य) आदि मिला कर स्नान करने से भी लाभ हो सकता है, लेकिन यह पुरानी खुजली के लंबे समय तक नियंत्रण करने के लिए समाधान नहीं है।
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- ढीले और कॉटन के ऐसे कपडे पहने जो आपके लिए आरामदायक हों। टाइट, खुजली वाले और ऊन से बने कपड़ों को न पहने। इससे आपको खुजली और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
- इस समस्या से बचने के लिए सबसे पहले उन चीज़ों को पहचाने जिनसे आपको यह समस्या हो सकती है, जब आप इन एलर्जेंस को पहचान लेंगे, तो आप उन्हें आसानी से नजरअंदाज कर सकते हैं और इस समस्या से कुछ हद तक राहत पा सकते हैं।
। बेहतर जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।