बच्चों की स्किन में जलन के लिए बेबी वाइप्स भी हो सकती हैं जिम्मेदार!

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अपडेट डेट दिसम्बर 3, 2019 . 5 मिनट में पढ़ें
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आपके नवजात बच्चे की त्वचा समय के साथ विकसित होती है। इसका मतलब है कि बच्चों की स्किन में जलन और सेसिंटिविटी ज्यादा होती है। पेरेंट्स के लिए उन सभी चीजों के संपर्क को रोकना असंभव है, जो आपके बच्चे की सेंसिटिव स्किन को परेशान कर सकती हैं। लेकिन आप बच्चे की स्किन में जलन के इन कारणों पर नजर रख सकते हैं और इसे रोक सकते हैं। आपके आस-पास बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं, जो आपके बच्चे की स्किन में जलन का कारण बन सकती है, जिसपर आपका ध्यान नहीं जाता।

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1. निकल (Nickel)

निकल (Nickel) बच्चों में डर्मेटाइटिस का सबसे मुख्य कारण है। निकल बच्चों की स्किन में जलन और सूजन के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। निकल की एलर्जी से खूजली के दाने होते हैं, जो केवल बच्चे को मैटल की एलर्जी से होने पर दिखाई देता है। एक शोध में शामिल 9,000 से अधिक बच्चों में निकल से स्किन में एलर्जी के सबसे ज्यादा केस पाए गए थे। निकल जो बेल्ट के बकल, सिक्के, जिपर, झुमके, घड़ी की पट्टियां, अंगूठी, हार आदि में उपयोग होता है। इसके अलावा बच्चों के कपड़ों में लगने वाले मैटल के चैन से भी बच्चों को एलर्जी हो सकती है, जिससे उनकी स्किन में जलन हो सकती है। त्वचा की खुजली, लाल या सफैद पैच पर ध्यान दें, जो जली हुई स्किन जैसा दिख सकते हैं । आपके बच्चे को इस मैटल से रिएक्ट करने में कुछ दिन का समय लग सकता है।

मेटल के एक्सपोजर को कम करें: बच्चों के लिए ऐसे कपड़ें लें, जिनमें मैटल का इस्तेमाल कम से कम हो या बिल्कुल भी ना हो। अगर आप अपने बच्चे के कान में पियरसिंग(छिदवाना) करवाते हैं, तो यह ध्यान दें कि स्टड सर्जिकल-ग्रेड स्टेनलेस स्टील या सोने का हो। दूसरे निकल रहित धातुओं में प्योर स्टर्लिंग चांदी, तांबा और प्लेटिनम शामिल हैं।

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 2. निओमाइसिन (Neomycin)

यह मेटल बहुत से ओवर-द-काउंटर या प्रिस्क्रिप्शन एंटीबायोटिक क्रीम,ऑइंटमेंट, लोशन, आई प्रिपरेटर्स और ईयर ड्रॉप में पाया जाता है। साल 2010 में अमेरिकन कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस सोसाइटी ने नियोमाइसिन को एलर्जेन ऑफ द ईयर का नाम दिया गया था। अगर आप यह क्रीम बच्चों को लगाते हैं, तो लगाने वाली जगह के चारों ओर छालें या गुलाबी पैच दिखाई देगा। बच्चे को यह क्रीम लगाने के बाद बच्चे की स्किन में जलन या इस तरह के पैच पर ध्यान दें।

एक्सपोजर कम से कम करें: अगर बच्चे की स्किन में छोटा कट या खरोंच लग जाती है, तो इसे एक सॉफ्ट क्लीन्जर से अच्छी तरह साफ करें और उपचार में मदद करने के लिए प्लेन पेट्रोलियम जेली की जगह एंटीबायोटिक क्रीम का इस्तेमाल करें। यह आपके बच्चे की स्किन में जलन को कम करने और चोट को ठीक होने में मदद करेगा।

3. बेबी वाइप्स

साल 2014 की शुरुआत में एक नए अध्ययन के बारे में बहुत चर्चा हुई थी, जिसमें पता चला था कि कुछ बेबी वाइप्स में पाए जाने वाले प्रिजर्वेटिव  (methylisothiazolinone) कुछ बच्चों में स्किन पर जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। वाइप्स इस्तेमाल करने वाले बहुत से बच्चों को हिप्स, मुंह और किसी भी दूसरी त्वचा के चारों ओर खुजली, लाल निशान, पानी वाले या क्रस्टी पैच दिख सकते हैं। बच्चों में इन सभी एरिया में सामने आई परेशानी की वजह वाइप्स थे। इन सारी जगहों पर वाइप्स से सफाई की गई थी, जिसके चलते बच्चों को स्किन में यह जलन और एलर्जी का कारण बने।

एक्सपोजर को कम करें: बहुत से बाल रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि कम से कम वाइप्स का उपयोग करके प्रिजर्वेटिव के खतरे को कम किया जा सकता है। घर पर एक सादे कॉटन वॉशक्लॉथ और एक हल्के क्लीन्जर का इस्तेमाल करें। अगर बच्चे की स्किन में जलन होती है, तो आपका त्वचा विशेषज्ञ बच्चे की स्किन पर हो रहे पैच को चेक कर सकता है। इसके अलावा ऐसे ब्रांड का इस्तेमाल करें, जिनमें एमआई केमिकल ना हो।

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4. सालाइवा और पूप

आपके बच्चे की त्वचा के लिए बच्चे का पूप और लार एक परेशानी का कारण हो सकता है, खासकर अगर बेबी का पूप यूरिन के साथ है। शिकागो की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन में डिपार्टमेंट डर्मेटोलॉजी के प्रोफेसर एमी पैलर कहते हैं, “एक बच्चे का अपना मल और लार उनके लिए सबसे बड़ा स्किन इरिटेटं होता है। इस तरह की एलर्जी सभी के लिए आम है, इस एलर्जी के लिए आपको एलर्जिक होने की जरुरत नहीं है। बहुत से बच्चों की स्किन में जलन और एलर्जी का कारण उनके खूद की लार (Saliva) होती है।

एक्सपोजर को कम करें: आपको इरिटेंट्स को दूर रखने की जरूरत है और इसका मतलब है कि त्वचा को ढ़क कर रखने की जरूरत है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट कहते हैं कि बच्चों के सोने पर माता-पिता को लार की वजह से होने वाले स्किन में जलन के लिए उस एरिया पर वेैसलिन या दूसरी दवाई लगानी चाहिए। डायपर वाले एरिया की जलन के लिए जल्दी-जल्दी डायपर बदलें और जिंक ऑक्साइड क्रीम स्किन में जलन को कम करने में मदद कर सकता है। अगर स्किन में अभी भी सूजन है, तो कॉर्टिसोन क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

5. सनस्क्रीन

कोई भी त्वचा विशेषज्ञ कभी भी सनस्क्रीन लगाने के लिए मना नहीं करता। लेकिन, कुछ एसपीएफ उत्पादों में ऑक्सीबेनजोन जैसे ऑर्गेनिक कमपाउंड होते हैं, जो शिशुओं और बच्चों की स्किन में जलन और  एलर्जी पैदा कर सकते हैं।

एक्सपोजर कैसे कम करें: 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए 30 या उससे अधिक की एसपीएफ वाले प्रोडक्ट जिनमें टाइटेनियम डाइऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड जैसे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मिनरल होते हैं, वह त्वचा में जलन और सूजन को कम कर सकते हैं। इसके अलावा यह बच्चे की आंख में होने वाली चुभन को भी कम करते हैं। बच्चे की आंखों को न चुभने वाले सनस्क्रीन चुनें।

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6. डिटर्जेंट

धुले हुए कपड़ों में कई बार कपड़े धोने के बाद भी डिटर्जेंट रह सकता है, जो बच्चों की स्किन को परेशान कर सकता है। डिटर्जेंट में खूशबु और डाई से बचें और सेंसिटिव स्किन वाले बच्चों के लिए कपड़ों को दोबारा खंगालें। खासकर अगर बच्चों की स्किन में जलन कपड़ों की वजह से है। मत भूलें कि माता-पिता की शर्ट शिशुओं के साथ लगातार संपर्क में होती है और यह भी बच्चों को परेशान कर सकता है। गुलाबी, पपड़ीदार चकत्तों के लिए नजर रखें, जो बच्चे की स्किन में जलन और एलर्जी पैदा कर सकते हैं।

एक्सपोजर को कम करें: खुशबू वाले प्रोडक्ट्स को भूल जाएं और कम खुशबू वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करें।

7. साबुन

साबुन का बुलबुला और झाग बच्चे के नहाने को मजेदार बनाते हैं। लेकिन, वे बच्चे की स्किन के लिए बहुत अच्छे नहीं होते। साबुन  बच्चे की स्किन में जलन, सूखापन और सूजन पैदा कर सकता है और कुछ इंग्रीडियेंट बच्चे की स्किन में रैश पैदा कर सकते हैं।

एक्सपोजर को कम करें: सोडियम लॉरेल सल्फेट (sodium laurel sulfate) और सुगंध वाले उत्पादों से बचें, जो सबसे कॉमन इरिटेंट है। त्वचा की जलन को कम करने के लिए pH-neutral नॉनसैप क्लींजर का इस्तेमाल करें। सबसे जरूरी है कि अपने बच्चे को नहलाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज करना न भूलें क्योंकि त्वचा अभी भी नम होती है।

ऊपर बताएं गए सारे इरिटेंट्स बहुत सामान्य है और रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होते है। बच्चे की स्किन में जलन और एलर्जी को कम करने के लिए ऊपर बताई गई बातों को ध्यान दें।

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