Breast reconstruction: ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन क्या है?

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अपडेट डेट जुलाई 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिचय

  ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन (Breast reconstruction) क्या है?

ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन (Breast reconstruction) एक सर्जिकल प्रक्रिया है। ब्रेस्ट को सही शेप में लाने के लिए ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन की प्रोसेस को अपनाया जाता है। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन का विकल्प तो बन गया है लेकिन क्या यह विकल्प उनके लिए सही है। अगर हम साफतौर पर देखें तो जिन चीजों के जितने फायदें होते हैं कहीं न कहीं उससे नुकसान होने के भी उतनी ही गुंजाइश होती है। तो यह जान लेना बेहद जरुरी है की इसके फायदें और रिस्क क्या है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि ब्रेस्ट रिकंट्रक्शन क्या है और कैसे ये प्रक्रिया की जाती है।

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प्रक्रिया

ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन की तैयारी (Preparation for breast reconstruction) कैसे की जाती है ?

बता दें की मास्टेएक्टॉमी से पहले आपके डॉक्टर आपको एक ऐसे प्लास्टिक सर्जन से मिलने की सलाह देते हैं जिसको पहले से इसमें अनुभव हो साथ ही वो सर्टिफाइड हो। क्योंकि इस प्रक्रिया में आपके ब्रेस्ट सर्जन और प्लास्टिक सर्जन दोनों मौजूद होते हैं।ब्रेस्ट सर्जन और प्लास्टिक सर्जन मिलकर ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन को पूरा करते हैं।आपके प्लास्टिक सर्जन ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी बातों को डिसकस करते हैं इससे जुड़े एडवांटेज और डिसएडवांटेज के बारें में बात करते हैं।

प्लास्टिक सर्जन यह साफतौर पर समझाते हैं की कितनी तरह के ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन होते हैं। जिसमें कौन कितना बेहतर हो सकता है आपके लिए यह भी बताते हैं। दोनों ही आपके शरीर के बारें में काफी जानकारी लेते हैं वो आपसे आपके हेल्थ लाइफ, बिमारी, ट्रीटमेंट्स,कैंसर सभी चीजों के बारें में बेहतर जानकारी हासिल कर लेते हैं जिसके बाद वह किसी निर्णय पर पहुंचते हैं। ये सारी प्रक्रिया के दौरान आपको एनेस्थीसिया दिया जाता है। आपके प्लास्टिक सर्जन आपके दूसरे ब्रेस्ट पर सर्जरी को लेकर बात विमर्श कर सकते हैं, भले ही यह स्वस्थ हो, ताकि यह आपके ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन के आकार और आकार से अधिक निकटता से मेल खाता हो। सर्जरी से पहले, प्रक्रिया की तैयारी के लिए अपने डॉक्टर के विशिष्ट निर्देशों का पालन करें। इसमें खाने और पीने, वर्तमान दवाओं को समायोजित करने और धूम्रपान छोड़ने पर दिशानिर्देश शामिल हो सकते हैं।

ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन : ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट(Breast transplant)

एक ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट में नमक पानी (खारा) या सिलिकॉन जेल से भरा एक गोल या अश्रु के आकार का सिलिकॉन खोल होती है। एक बार सुरक्षा दृष्टिकोण से प्रतिबंधित होने पर, सिलिकॉन जेल ट्रांसप्लांट अब सुरक्षित माना जाता है। एक प्लास्टिक सर्जन इम्प्लांट को आपकी चेस्ट (पेक्टोरल मसल) में मांसपेशियों के पीछे या सामने रखता है। मांसपेशियों के सामने लगाए जाने वाले ट्रांसप्लांट को एक विशेष ऊतक का उपयोग करके जगह में आयोजित किया जाता है जिसे अकोशिकीय त्वचीय मैट्रिक्स कहा जाता है। समय के साथ, आपका शरीर कोलेजन के साथ इस ऊतक को बदल देता है।

तो वहीं कुछ महिलाएं मास्टेक्टॉमी (प्रत्यक्ष-प्रत्यारोपण प्रत्यारोपण) के समय स्थायी ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट करने में सक्षम होती हैं। हालांकि, कई महिलाओं को दो चरण की प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, स्थायी ट्रांसप्लांट लगाने से पहले एक ऊतक विस्तारक का उपयोग करना।

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ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन:   टिश्यू एक्सपेंडर(Tissu Expander)

टिश्यू एक्सपेंडर एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपके चेस्ट के बचे हुए भाग की त्वचा और सॉफ्ट टिश्यू को ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट के लिए जगह बनाने में मदत करती है। सर्जन ने आपकी मास्टेक्टॉमी के समय एक आकार में गोल टिश्यू एक्सपेंडर को आपके पेक्टोरल मांसपेशियों के नीचे रखते हैं। अगले कुछ महीनों में, आपकी त्वचा के नीचे एक छोटे से वाल्व के माध्यम से, आपके डॉक्टर वाल्व में इंजेक्शन लगाने के लिए एक सुई का उपयोग करता है, जिसको कई चरणों में भरता है। इस क्रमिक प्रक्रिया से त्वचा समय के साथ खिंचती है।

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आप हर हफ्ते या दो साल में अपने डॉक्टर के पास जाएंगे। इम्प्लांट के फैलने पर आपको कुछ असुविधा या दबाव का अनुभव हो सकता है। एक नए प्रकार का ऊतक विस्तारक कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करता है। यह रिमोट-नियंत्रित विस्तारक एक आंतरिक जलाशय से गैस छोड़ता है। अब टीसू के साथ, कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करने वाले क्रमिक टिश्यू से आपकी असुविधा कम हो सकती है। टिश्यू पर्याप्त रूप से एक्सपेंडर होने के बाद, आपका सर्जन टिश्यू एक्सपेंडर को हटाने के लिए दूसरी सर्जरी करता है और इसे एक स्थायी ट्रांसप्लांट से बदल देता है, जिसे टिसू एक्सपेंडर के रूप में उसी स्थान पर रखा जाता है।

जोखिम

ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन का जोखिम क्या हो सकता है ?

-आपके ब्रेस्ट में दर्द बना रह सकता है।

-इससे आपको इंफेक्शन होने की आशंका भी होती है।

-इस दौरान आपको ब्लीडिंग भी हो सकती है।

-इस दौरान ऐसा भी संभव है की आपके दोनों ब्रेस्ट का आकार आपस में मेल न खाए।

– ऑपरेशन के बाद उसमें सुधार होने में काफी अधिक समय लग सकता है यह निश्चित नहीं किया जा सकता की कितना समय लगेगा।

– ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन के बाद स्तनों में खुजली या सनसनी जैसा कुछ महसूस हो सकता है।

-इसमें आपको एनेस्थीसिया करने से दिक्कत पैदा हो सकती है।

– ऐसा होने की उम्मीद बहुत कम होती है लेकिन फिर भी इसमें इम्यून  सिस्टम कैंसर का खतरा बढ़ जाता है जिसे एनाप्लास्टिक बड़े सेल लिम्फोमा (ALCL)  कहा जाता है जो कि बनावट वाले ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट से जुड़ा होता है, हालांकि ALCL और ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट के बीच संबंधों को समझने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता होती है। आम लोगों के लिए यह समझना थोड़ा मुश्किल होता है इसको समझने के लिए आपको किसी जानकार डॉक्टर की मदत लेनी होगी।

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– इम्प्लांट टूटने का खतरा बना रह सकता है।

अगरआप मास्टेएक्टॉमीकी की जरुरतमंद है तो आपके लिए एक और वुकल्प है जिसमें ब्रेस्ट को दोबारा आकार देने या न करने का ऑप्शन आपके पास होता है। इसके आलावा बात करें तो ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन करवाने के बजाय, आप ब्रेस्ट शेपर भी पहन सकती है जो स्तनों को प्रतिस्थापित करता है,आप ब्रा के अंदर पैडिंग पहन सकती हैं या फिर कुछ न करना भी इसके लिए एक बेहतर उपाय है। जैसा की हमने आपको पहले ही बताया है की इन सभी विकल्पों के अपने फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। जो चीज किसी एक महिला के लिए सही है जरुरी नहीं कि दूसरी महिला के लिए भी सही हो। क्योंकि सभी के शरीर पर इन ट्रीटमेंट्स का प्रभाव अलग-अलग पड़ता है। आपको बता दें की ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन मास्टेएक्टॉमी के साथ ही करवाया जा सकता है, आप इसको बाद में भी करवा जा सकता है। यदि रेडिएशन थेरेपी आपके उपचार का हिस्सा है तो चिकित्सक आपको रेडिएशन थेरेपी पूरा होने तक इंतज़ार करने की सलाह दे सकते हैं।

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रिकवरी

बता दें की यह ट्रीटमेंट पूरा होने के बाद आपको थकान महसूस हो सकता है इसके साथ ही दर्द बने रहने की संभावना होती है। जिसके लिए पहले ही डॉक्टर आपको दवा रिक्मेंट करते हैं, दवा का सही सेवन करने से आपको दर्द महसूस नहीं होगा।आपको अपने पुराने रुटीन को अपनाने में छः हफ्ते लगेगें। इस बीच आपको अपने बॉडी को पूरा आराम देना है। ट्रीटमेंट के बाद आपके डॉक्टर आपको सारी चेतावनी दे देगें की अब आपको क्या-क्या एक्टीविटी करनी है किस तरह से अपनी देखभाल करनी है। वो आपको इस बीच आपके सही डॉयट की भी सलाह देंगे जो आपके लिए बेहतर हो और रिकवरी में आपकी सहायता हो सके।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। ।

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