home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

विश्व हीमोफीलिया दिवस: हीमोफीलिया को कंट्रोल करने के लिए डायट में करें ये बदलाव

विश्व हीमोफीलिया दिवस: हीमोफीलिया को कंट्रोल करने के लिए डायट में करें ये बदलाव

विश्व हीमोफीलिया दिवस हीमोफीलिया रोग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रत्येक वर्ष 17 अप्रैल को मनाया जाता है। यह एक आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बनना बंद हो जाता है। इसमें शरीर के किसी हिस्से पर भी चोट या खरोंच लगने पर खून निकलना बंद नहीं होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन लोगों में क्लॉट बनाने वाले घटक काफी कम होते हैं। जो लोग इस बीमारी से ग्रसित होते हैं उनके लिए छोटी सी खरोंच लगने पर भी परेशानी आ खड़ी होती है। इन लोगों में रक्तस्त्राव शरीर के अंदर या बाहर दोनों जगह हो सकता है। कई लोगों में आं​तरिक रक्तस्राव के कारण जोड़ों में दर्द होता है। वहीं कई बार कुछ लोगों के सिर के अंदर रक्तस्त्राव होता है। इसमें सिरदर्द, गर्दन में अकड़न और उल्टी की शिकायत रहती है। इसके साथ ही साफ नजर नहीं आता, बेहोशी और चेहरे पर लकवा जैसे लक्षण हो सकते हैं लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।

इस बीमारी का इलाज बहुत मुश्किल है लेकिन आप अपनी डायट (Diet) में कुछ बदलाव करके इसे कंट्रोल में रख सकते हैं। आइए जानते हैं हीमोफीलिया (Hemophilia) पेशेंट्स को किन चीजों को डायट में शामिल करना चाहिए…

हीमोफीलिया पेशेंट्स डायट का ऐसे रखें ध्यान

हीमोफीलिया डायट-Hemophilia Diet

हीमोफीलिया से ग्रसित लोगों के लिए जरूरी है कि वह शरीर में ब्लड सेल प्रोडक्शन को मेंटेन रखें। इसके लिए उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे जिन चीजों का सेवन कर रहे हैं उसका उनकी कंडिशन पर बुरा असर तो नहीं होगा। इस हेल्थ कंडिशन में आयरन (Iron) से भरपूर चीजों का सेवन फायदेमंद माना जाता है क्योंकि ये शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन-के (Vitamin-K) की भी जरूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि विटामिटन के शरीर में कई प्रोटीन को सिंथेसिस करने के में मदद गार होता है।

अन्य विटामिन्स भी बेहद जरूरी

कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन करना भी अच्छा माना जाता है। विटामिन-सी (Vitamin-C) युक्त फूड कोलेजन बनाने में मदद करता है जो चोट को भरने के लिए जरूरी है। वहीं विटामिन-बी (Vitamin-B) नए ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन के लिए अच्छा है। इन सबके लिए जरूरी है कि अपनी डायट में मौसमी सब्जियों और फलों को शामिल करें। उन चीजों का सेवन करें जो प्रोटिन और गुड फैट से भरपूर हो। रेड ब्लड सेल्स प्रोडक्शन के लिए जिन न्युट्रिएंट्स की जरूरत होती है वो है आयरन, प्रोटीन, कॉपर, विटामिन-सी (Vitamin-C), विटामिन-बी12 (Vitamin-B12), विटामिन-बी6 (Vitamin-B6) और फोलिक एसिड (Folic acid)

और पढ़ें : Diethylcarbamazine : डाइथीकार्बमैजीन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

हीमोफीलिया पेशेंट्स डायट में शामिल करें ये चीजें

कैल्शियम और आयरन युक्त फूड (Calcium and Iron rich food)

कैल्शियम और आयरन बच्चों और किशोरों के लिए विशेष रूप से जरूरी है। यही वो समय होता है जब हड्डियां तेजी से बढ़ रही होती हैं। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है और दातों को स्वस्थ रखता है। हीमोफीलिया पेशेंट्स के लिए दांतों की अच्छे से देखभाल करना भी बेहद जरूरी होता है, क्योंकि मसूडों संबंधित परेशानी से ब्लीडिंग होगी जिससे इन लोगों को बचना चाहिए। दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नीचे बताई कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन करें:

  • लो फैट या फैट फ्री मिल्क (low-fat or fat-free milk)
  • लो फैट चीज (low-fat cheese)
  • हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और ब्रोकली (dark leafy greens like spinach and broccoli)
  • ग्रीक योगर्ट (Greek yogurt)
  • फलियां (beans)
  • कैल्शियम युक्त सोया मिल्क (calcium-fortified soy milk)
  • ओरेंज जूस (orange juice)
  • बादाम ( almonds)
  • कैल्शियम युक्त अनाज (calcium-fortified cereals)

और पढ़ें : ब्लड प्रेशर की समस्या है तो अपनाएं डैश डायट (DASH Diet), जानें इसके चमत्कारी फायदे

हीमोफीलिया पेशेंट्स डायट में आयरन युक्त चीजों को शामिल करें। क्योंकि ये रेड ब्लड सेल्स बनाती हैं। रेड ब्लड सेल्स ही ऑक्सीजन को मसल्स तक लेकर जाते हैं। जब आपको ब्लीडिंग होती है तो आयरन की कमी हो जाती है। इसलिए यदि आपको यह परेशानी है तो आयरन युक्त चीजों का सेवन करें जिससे आप आसानी से रिकवर कर सकें। आयरन के लिए आप निम्न चीजों को डायट में शामिल कर सकते हैं:

  • रेड मीट (red meat)
  • सी फूड (seafood)
  • लिवर (liver)
  • मटर (peas)
  • फलियां (beans)
  • मुर्गी (poultry)
  • हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल, ब्रोकली आदि (leafy green vegetables like spinach, kale, broccoli etc)
  • अनाज (fortified cereals)
  • सूखे फल जैसे किशमिश और खुबानी (dried fruit like raisins and apricots)

विटामिन-बी (Vitamin B)

विटामिन-बी, रीबोफ्लेविन और निएसिन से भरपूर होते हैं जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन करते हैं। इसके लिए डायट में मिल्क पाउडर, केला, मटर, कॉर्न, ओरेंज जूस, पीनट बटर, अंडे का पीला हिस्सा, मछली, चीज, साबुत अनाज और सोयामिन को शामिल करें।

और पढ़ें : ऐल्कलाइन डायट (Alkaline diet) क्या है? फॉलो करने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

विटामिन-के (Vitamin K)

विटामिन के प्रोथ्रोम्बिन का उत्पादन करने के लिए जाना जाता है, जो रक्त के थक्के को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा यह ग्लाइकोजन बनाता है, जो लिवर के कार्य और रक्त के थक्के को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। विटामिन के से भरपूर भोजन का सेवन अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए भी अच्छा है। विटामिन-के के लिए डायट में पालक, ब्रोकली, शलजम, गोभी, सलाद, ओट्स, अल्फाल्फा, कैनोला, जैतून का तेल, ग्रीन टी आदि को ले सकते हैं।

विटामिन-सी (Vitamin C)

विटामिन-सी युक्त चीजों का सेवन करने से ब्लड क्लोटिंग में सुधार होता है। इसके साथ ही शरीर में कोलेजन का उत्पादन होता है। यदि शरीर में कोलेजन का उत्पादन अच्छी मात्रा में हो तो इससे हेमोफीलिया में होने वाले नील होने का खतरा कम होता है। विटामिन-सी के लिए आप स्प्राउट्स, स्ट्रॉबेरी, पपीता, संतरा, सेब, कीवी, पालक, ब्लूबेरी, अनानास का सेवन करें।

और पढ़ें : बच्चों के लिए सिंपल बेबी फूड रेसिपी, जिन्हें सरपट खाते हैं टॉडलर्स

ब्लड डोनेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए खेलें नीचे दिए क्विज को

powered by Typeform

हीमोफीलिया डायट (Hemophilia diet) में शामिल ना करें ये चीजें

आमतौर पर आपको वसा और शुगर युक्त चीजों को एवॉइड करना चाहिए। तला हुआ खाना, कैंडी और सोडा का सेवन न करें। हफ्ते में एक बार केक का एक टुकड़ा या एक चॉकलेट खा सकते हैं लेकिन रोजाना इनका सेवन न करें। इनके अलावा नीचे बताई चीजों का सेवन कम करें:

  • जूस का बड़ा गिलास (Large glasses of juice)
  • सॉफ्ट ड्रिंक (Soft drinks)
  • एनर्जी ड्रिंक (Energy drinks)
  • मीठी चाय (Sweetened tea)
  • ग्रेवी और सॉसेज (Gravies and sauces)
  • मक्खन (Butter)
  • वसा युक्त डेरी प्रोडक्ट्स (Full-fat dairy products)
  • ट्रांस फैट युक्त खाना जैसे पेस्ट्री, पिज्जा, पाई, कूकी आदि (Foods containing trans fats)

खुद को रखें हाइड्रेट (Staying Hydrated)

हेल्दी डायट के लिए पानी बेहद जरूरी है। हमारी कोशिकाओं, अंगों और जोड़ों को ठीक से काम करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, जब आप अच्छी तरह से हाइड्रेटेड होते हैं, तो इन्फयूजन के लिए नस को खोजना आसान होता है। हर दिन 8 से 12 कप पानी जरूर पिएं।

नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें और जानें कब और क्या खाएं, जिससे शरीर में पोषण की कमी ना हो।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Mona narang द्वारा लिखित
अपडेटेड 17/04/2020
x