ब्रेन ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं के बढ़ने की वजह से होता है। जो प्रायः ब्रेन (मस्तिष्क) के सामान्य कार्यों को बाधित करता है।

ट्यूमर भी अलग-अलग तरह के होते हैं और साथ ही यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि ट्यूमर सेल कहां पर है, और क्या वह कैंसर कारक है या नहीं:
स्वास्थ से जुड़ी ऐसी परेशानी किसी भी उम्र में हो सकती है। लक्षणों और कारणों को समझकर इसे कम किया जा सकता है। बेहतर होगा की इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण ट्यूमर के प्रकार, शरीर के किस हिस्से में है और इसके आकार पर बहुत निर्भर करता है।
मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों का शरीर के विभिन्न हिस्सों पर नियंत्रण होता है; यह भी निर्भर करता है कि ट्यूमर शरीर के कौन से हिस्से में है।
जहां ट्यूमर रहते हैं, उसके आधार पर लक्षण भिन्न हो सकते हैं।
कुछ ट्यूमर लक्षणों को दर्शा सकते हैं जो समय के साथ विकसित होते हैं, हालांकि अन्य तब तक कोई लक्षण नहीं दिखा सकते हैं जब तक कि वे बहुत बड़े न हो जाएं और हमें परेशानी महसूस न हो।
ब्रेन ट्यूमर के कुछ सामान्य लक्षण:
ऐसे भी कुछ कारण हो सकते हैं जो ऊपर नहीं बताए गए हैं। अगर आपको लक्षण से जुड़ी कोई भी परेशानी है तो डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर होगा।
अगर आपको भी उपरोक्त में से कोई लक्षण नजर आ रहे हैं या कोई और प्रश्न हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हर किसी का शरीर अलग तरह से कार्य करता है इसलिए हमेशा अपने डॉक्टर से समझना ठीक होगा की आपकी सेहत के लिए क्या अच्छा है।
ब्रेन ट्यूमर के दो कारण
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ब्रेन ट्यूमर होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे,
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दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
“इस बारे में फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड की फिजिशियन एंड इंफेक्शन डिजीज स्पेशलिस्ट डा. अनीता मैथवे का कहना है कि मोबाइल के इस्तेमाल से ब्रेन टयूमर का खतरा (Brain Tumor Risk) बढ़ जाता है। मोबाइल से निकलने वाली तरंगे सीधी दिमाग को प्रभावित करती हैं। मोबाइल से कैंसर का खतरा और अधिक तब बढ़ जाता है, जब हम उसे अपने सिर से पास रखकर सोते हैं। जब शरीर के किसी भी अंग में आसामन्य कोशिकाओं का एक जगह निमार्ण होने लगता है, तो इसे ट्यूमर कहा जाता है। ये आसामन्य कोशिकाएं जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में उत्पन्न होने लगते हैं, तो इस स्थिति को ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है। लेकिन सभी ब्रेन टयूमर कैंसर का रूप हो, यह नहीं कहा जा सकता है। कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसर वाले और कुछ बिना कैंसर (Cancer) वाले हो सकते हैं। इनके होने पर व्यक्ति में ब्रेन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। ब्रेन कैंसर यदि लास्ट स्टेज में पहुच जाए तो इलाज और जान बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। अक्सर इसक पता लोगों को आखरी स्टेज पर ही जाकर पता है चलता है। ऐसा नहीं है कि इसके कुछ शुरूआती लक्षण नहीं है। लक्षण होते है, पर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं।’
ब्रेन ट्यूमर का निदान कैसे किया जा सकता है?
यदि आपको संदेह है कि आपको ब्रेन ट्यूमर हो सकता है, तो आपको हेल्थ एक्सपर्ट से मिलकर अपने लक्षणों और ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी पारिवारिक हिस्ट्री के बारे में जरूर बातएं। ऐसे में आपको कुछ जांच करवाने की सलाह दी जा सकती है, जिसमें शामिल हैं:
अक्सर, लो-ग्रेड ट्यूमर (ग्रेड I और II), जो आक्रामक नहीं होते हैं, सर्जरी और नियमित निगरानी के उपचार से गुजरते हैं। हालांकि, सभी ट्यूमर को नियमित स्कैन के साथ बारीकी से देखा जा सकता है, ग्रेड II ट्यूमर सर्जरी के बाद भी ध्यान रखा जाता है कि फिर से ट्यूमर न हो।
हालांकि, हाई ग्रेड के ट्यूमर (ग्रेड III और IV), घातक होते हैं और बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं। उन्हें निकालना बेहद मुश्किल है और बार-बार सर्जरी की आवश्यकता होती है।
ट्यूमर के फिर से होने की संभावना अधिक रहती है। उच्च श्रेणी के ट्यूमर के लिए अतिरिक्त उपचार के विकल्पों में शामिल हैं:
रेडिएशन थेरेपी : एक्स-रे और दूसरे रेडिएशन के रूप में ट्यूमर के विकास को धीमा कर सकते हैं या ट्यूमर सेल को नष्ट कर सकते हैं।
कीमोथेरेपी : इस थेरेपी की मदद से कैंसरस सेल्स को नष्ट करने में आसानी होती है।
टार्गेटेड थेरेपी : यह थेरेपी काफी असरदार और कम साइडएफेक्ट वाला माना जाता है।
ट्यूमर ट्रीटिंग फील्ड : इस इलाज में शरीर पर वस्त्र जैसे एकुप्मेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। बिजली की मदद से इसे चलाया जाता है जिस वजह से कैंसर सेल को आसानी से खत्म किया जा सकता है।
सभी ब्रेन ट्यूमर के डॉक्टरों के साथ बात कर बीमारी से जुड़ी परेशानी और इसे कैसे दूर किया जाए यह समझना बेहद जरुरी होता है। निम्नलिखित उपचार में दीर्घकालिक प्रबंधन योजना शामिल हो सकती है:
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निम्नलिखित जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको ब्रेन ट्यूमर से निपटने में मदद कर सकते हैं:
अगर आपके मन में इस बीमारी से जुड़ी किसी तरह के कोई सवाल हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर
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Current Version
09/11/2021
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
Updated by: Niharika Jaiswal