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हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer After Hysterectomy) का रिस्क बढ़ जाता है?

    हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer After Hysterectomy) का रिस्क बढ़ जाता है?

    यदि आपकी हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) हुई है, तो आपको लग सकता है कि हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer After Hysterectomy) डायग्नोज नहीं किया जा सकता है। कई मामलों में, हिस्टरेक्टॉमी के बाद एक या दोनों अंडाशय को जगह पर छोड़ दिया जाता है। जबकि यूट्रस को हटाने से आपको ओवेरियन कैंसर के डेवलपमेंट का खतरा कम हो जाता है, फिर भी यह संभव है। ओवेरियन कैंसर ओवेरियन की सेल्स से डेवलप होता है। ओवरीज वे हैं जहां एग्स प्रोड्यूस होते हैं और ये फीमेल हॉर्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का मेन सोर्स हैं।

    ज्यादातर ओवेरियन कैंसर (Ovarian cancer) एपिथेलियल सेल्स (Epithelial cells) में शुरू होते हैं जो ओवरी की बाहरी सतह को कवर करते हैं। कैंसर उन जर्म सेल्स के अंदर भी डेवलप हो सकता है जो अंडे का उत्पादन करते हैं या फिर हॉर्मोन बनाने वाली स्ट्रोमल कोशिकाओं (Stromal cells) में भी हो सकता है। यहां हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर के बारे में डिटेल से बताया गया है। यह आर्टिकल ओवेरियन कैंसर के इलाज और निदान के बारे में है जो आपके लिए हेल्पफुल साबित हो सकता है।

    ओवेरियन कैंसर और हिसटेरेक्टमी (Ovarian cancer and hysterectomy)

    हिसटेरेक्टमी एक सर्जिकल प्रोसीजर है जिसमें यूट्रस को हटा दिया जाता है। हिस्टेरेक्टॉमी के कई प्रकार हैं:

    • आंशिक या सुपरसर्विकल (Supracervical) हिसटेरेक्टमी: गर्भाशय को हटा दिया जाता है लेकिन सर्विक्स को छोड़ दिया जाता है।
    • टोटल या पैन हिसटेरेक्टमी: गर्भाशय और गर्भाशय ग्रीवा को हटा दिया जाता है।
    • बाइलेटरल सल्पिंगो-ओओफोरेक्टॉमी के साथ हिसटेरेक्टमी (Bilateral salpingo-oophorectomy): गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब को हटा दिया जाता है।
    • रेडिकल हिसटेरेक्टमी (Radical hysterectomy): यूट्रस और सर्विक्स को गर्भाशय ग्रीवा के दोनों किनारों और वजायना के ऊपरी भाग के टिश्यू के साथ हटा दिया जाता है।

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    हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer After Hysterectomy) के रिस्क

    अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (एसीएस) के अनुसार, हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर की संभावना एक तिहाई कम हो सकती है। कभी-कभी हिस्टेरेक्टॉमी के दौरान फैलोपियन ट्यूब और दोनों ओवरीज को हटा दिया जाता है। इसे बाइलेट्रल सल्पिंगो-ओओफोरेक्टॉमी (Bilateral salpingo-oophorectomy) या बीएसओ कहा जाता है। ओवरी के बिना, ओवेरियन कैंसर की संभावना के विकास का जोखिम कम हो जाता है, लेकिन अभी भी कुछ रिस्क होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि डिम्बग्रंथि सेल्स (Ovarian cells) पेरिनेम में माइग्रेट हो सकती हैं, जो कि वजायना और एनस के बीच का हिस्सा है।

    यदि यह माइग्रेशन ओवरीज को निकालने से पहले हुआ है, तो वे सेल्स के पीछे रह जाती हैं। ये बची हुई ओवेरियन सेल्स ओवरीज की तरह ही कैंसरग्रस्त हो सकती हैं। और अगर वे ऐसा करते हैं, तब भी इसे ओवेरियन कैंसर माना जाता है, भले ही कैंसर विकसित होने से पहले ओवरीज को हटा दिया गया हो।

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    हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए क्या करें? (What to do to prevent ovarian cancer after hysterectomy?)

    हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर

    कुछ लोगों को ओवेरियन कैंसर के डेवलप के लिए आनुवंशिक रूप से प्री-डिस्पोस किया जाता है। ऐसी स्थिति में, प्रिवेंटिव मेजर्स कर सकते हैं। एक ऑप्शन यह है कि आपकी ओवरीज को हटा दिया जाए। हालांकि, ओवरीज के बिना भी ओवेरियन कैंसर के चांसेस रहते हैं लेकिन आपका रिस्क काफी कम हो जाता है। यदि आप BRCA1 या BRCA2 जीन म्यूटेशन करते हैं, तो रिस्क कम करने वाला सैल्पिंगो-ओओफोरेक्टॉमी ओवेरियन, फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tube) और पेरिटोनियल कैंसर (Peritoneal cancers) के रिस्क को 85-90 प्रतिशत तक कम कर सकता है।

    इन जींस को ले जाने वाली महिलाओं में भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए मेनोपॉज से पहले ओवरीज को हटाने से आपके हार्मोन-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर्स का खतरा भी कम हो सकता है।

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    ओवेरियन कैंसर के लक्षण क्या हैं? (Ovarian cancer symptoms)

    कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास किस प्रकार का हिस्टेरेक्टॉमी है, फिर भी आपको नियमित जांच करानी चाहिए। हालांकि, ओवेरियन कैंसर के लिए कोई रूटीन स्क्रीनिंग नहीं है। ओवेरियन कैंसर के लक्षण पहली बार में अस्पष्ट और हल्के लग सकते हैं। कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

    • पेट में सूजन और बेचैनी
    • खाने में परेशानी
    • बार-बार यूरिन आना
    • थकान
    • हार्टबर्न (Heartburn) या अपसेट स्टमक
    • पीठ दर्द
    • पेनफुल इंटरकोर्स (Painful intercourse)
    • कब्ज

    ओवेरियन कैंसर के अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
    • निचली कमर का दर्द
    • इंटरकोर्स के दौरान दर्द
    • कब्ज
    • इनडाइजेशन (Indigestion)
    • थकान
    • मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual cycle) में चेंजेस
    • वेट गेन
    • वेट लॉस
    • वजाइनल ब्लीडिंग (Vaginal bleeding)
    • एक्ने
    • बैक पेन जो बदतर हो जाता है

    यदि आपके पास दो सप्ताह से अधिक समय तक ये लक्षण हैं, तो आपको डॉक्टर से तुरंत कंसल्ट करें।

    हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर के बारे में ये भी जान लें

    ओवेरियन कैंसर के कारण होने पर, ऊपर बताए लक्षण ट्रीटमेंट के प्रति रिस्पॉन्ड नहीं करते हैं या समय के साथ कम नहीं होते हैं। जितनी जल्दी हो सके अपने डॉक्टर को लक्षणों की रिपोर्ट करना जरूरी है क्योंकि जिन लोगों का डायग्नोज और प्रारंभिक अवस्था में इलाज किया जाता है, उनमें बेहतर तरीके से ट्रीटमेंट संभव होता है।

    • पेल्विक एग्जामिनेशन (Pelvic examination) से इसकी शुरूआत की जा सकती है, लेकिन पेल्विक में छोटे ट्यूमर हमेशा महसूस नहीं किए जा सकते हैं।
    • ट्रांसवजायनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal ultrasound) या एमआरआई (MRI) जैसे इमेजिंग टेस्ट ट्यूमर का पता लगाने में मदद कर सकते हैं खासकर CA-125 ट्यूमर से जुड़े।
    • एंटीजन के लिए एक ब्लड टेस्ट भी हेल्पफुल हो सकता है। हालांकि, ओवेरियन कैंसर के डायग्नोस को कंफर्म करने का एकमात्र तरीका ओवरी या सस्पेसियस टिश्यू (Suspicious tissue) की बायोप्सी (Biopsy) है।

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    ओवेरियन कैंसर के फैक्ट्स और आंकड़े (Ovarian cancer facts and figures)

    ओवेरियन कैंसर, कैंसर का एक रेयर फॉर्म है। नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट (NCI) ने लाइफटाइम रिस्क 1.25 प्रतिशत रखा है। यदि आप कुछ जीन म्युटेशन करते हैं तो यह रिस्क ज्यादा हो सकता है। सीडीसी के अनुसार, BRCA1 या BRCA2 म्युटेशन वाली लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं को 70 वर्ष की आयु तक ओवरी का कैंसर हो जाएगा।
    • बहुत सारे फैक्टर्स आपके इंडिविजुअल आउटलुक को एफेक्ट करते हैं। इनमें से एक डायग्नोसिस के स्टेज में है।
    • एसीएसटी के अनुसार, एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर के सभी स्टेजेस के लिए 5 साल की रिलेटिव सर्वाइवल रेट, सबसे आम प्रकार, 47 प्रतिशत है। जब प्रारंभिक अवस्था में निदान और ट्रीटमेंट किया जाता है, तो 5 साल की की रिलेटिव सर्वाइवल रेट 92 प्रतिशत जितनी अधिक होती है।
    • लेकिन आम तौर पर, शुरुआती स्टेज में केवल 20 प्रतिशत ओवेरियन कैंसर का पता लगाया जाता है। इसलिए ओवेरियन कैंसर के लक्षणों के प्रति अवेयर होना और जितनी जल्दी हो सके अपने डॉक्टर को इसकी सूचना देना बहुत जरूरी है।
    यदि आप हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर के अपने रिस्क के बारे में कंसर्न हैं, तो अपने डॉक्टर से स्क्रीनिंग ऑप्शंस और रिस्क को कम करने के तरीकों के बारे में पूछें।

    उम्मीद करते हैं कि आपको हिसटेरेक्टमी के बाद ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer After Hysterectomy) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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    Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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