Daffodil: डैफोडिल क्या है?

Medically reviewed by | By

Update Date मई 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

परिचय

डैफोडिल क्या है?

डैफोडिल नॉरशिसस प्रजाति का एक फूल होता है जिसे नरगिस भी कहते हैं। इसके फूलों का रंग सफेद, पीला, बैंगनी या अन्य रंग भी हो सकता है। इस पौधे की पत्तियां लंबी और पतली होती हैं। डेफोडिल व नरगिस हल्के सुगंध वाले पौधे हैं। नरगिस के फूलों में पांच पंखुड़ियां होती हैं जिनके बीच का पीला सुगंधित भाग होता है और पांच फूल एक साथ एक टहनी पर चक्राकार के रूप से खिलते हैं। कई बार पूरा फूल सुनहरा पीला या सफेद भी हो सकता है।

डैफोडिल का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

एक सर्वेक्षण के अनुसार डैफोडिल के इस्तेमाले से कुछ गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हालांकि, इसके बावजूद भी इसके कई फायदे हैं। जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल लोग काली खांसी, सर्दी और अस्थमा जैसी समस्याओं के उपचार के लिए करते हैं। इसका इस्तेमाल करने से उल्टी की परेशानी भी जल्द दूर की जा सकती है। इसके साथ-साथ डैफोडिल का उपयोग उसका लेप बनाकर भी किया जा सकता है जो किसी भी खुले घाव पर प्लास्टर की तरह काम करता है। इसके लेप का इस्तेमाल खुले घावों के साथ-साथ मोच, चमड़ी की जलन और जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है।

यह भी पढ़ेंः Aloe Vera : एलोवेरा क्या है?

डैफोडिल कैसे काम करता है?

डैफोडिल हमारे शरीर व स्वास्थ्य पर कैसे असर करता है इस बारे में अभी तक ज्यादा शोध नहीं किए गए हैं। अगर आपको इसका इस्तेमाल करना है, तो आपको इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से परामर्श करना चाहिए। हालांकि कई रिसर्च में यह साबित हुआ है कि डैफोडिल्स में मौजूद कैमिकल्स पॉलीसैकराइड (Polysaccharide) और लेक्टिन (lectin) एचआईवी (HIV) से लड़ने में मददगार साबित हो सकते हैं। हालांकि, इसमें पाए जाने वाले लेक्टिन की मात्रा कैंसर के सेल्स को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

सावधानी और चेतावनी

डैफोडिल्स का सेवन करने से पहले मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

डैफोडिल्स का सेवन करने से पहले आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिसमें शामिल हैंः

डैफोडिल्स का कंद और फूल किसी भी तरह से उपयोग करने से पहले आपको सावधानी बरतनी चाहिए। यदि सावधानी न रखी जाए, तो यह काफी गंभीर और घातक नतीजों का कारण बन सकता है। किसी भी डैफोडिल्स उत्पाद का उपयोग पंजीकृत चिकित्सक की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। इससे बने हर्बल सप्लीमेंट का उपयोग हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरूरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान से जुड़ी सारी बातों की जानकारी आपको अपने डॉक्टर से जरूर लेनी चाहिए। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: चकोतरा क्या है?

डैफोडिल का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है?

किसी भी अन्य दवाई की तरह ही गर्भावस्था और स्तनपान के समयकाल के दौरान डैफोडिल्स का सेवन नहीं करना चाहिए। बच्चों को भी डैफोडिल्स का कोई भी उत्पाद नहीं देना ही उचित है| किसी व्यक्ति को डैफोडिल्स से एलर्जी है तो डैफोडिल्स की किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं है।

डैफोडिल्स का कंद और फूल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। डैफोडिल्स के फूल और कंद दोनों के सेवन से जानलेवा व अति गंभीर परिणाम आ सकते हैं।

जोखिम

डैफोडिल्स के सेवन से आपको क्या जोखिम हो सकते हैं?

डैफोडिल्स के उपयोग से कुछ ऐसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:

  • पक्षघात (paralysis),अपसंवेदन (paresthesia) या बहुत ज्यादा ठंड लगना जैसा असर हो सकता है।
  • डैफोडिल्स के कंद से ह्रदय संबंधी समस्याएं होने की संभावना है।
  • मुंह, गले और गर्दन के अंदरूनी हिस्सों में सूजन आ सकती है।
  • उलटी, बेचैनी, मिचली, अरुचि, सलीवेशन जैसी तकलीफ हो सकती है।
  • गंभीर प्रतिक्रियाएं, चमड़ी के रोग, खाज और खुजली की समस्या हो सकती है।
  • सांस लेने में तकलीफ की समस्या हो सकती है।

इसके साइड इफेक्ट्स सभी को एक ही प्रकार से हो ये जरूरी नहीं है। हो सकता है कई साइड इफेक्ट्स यहां दर्शाए गए साइड इफेक्ट्स से अलग हो सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतनी आवश्यक है और डॉक्टर के सलाह के बाद अच्छे नतीजे प्राप्त करना अनिवार्य है।

यह भी पढ़ें: गुड़हल क्या है?

डैफोडिल्स की प्रतिक्रियाए

अन्य दवाइओं या खाद्य पदार्थों के साथ डैफोडिल्स क्या प्रतिक्रिया कर सकता है?

इस हर्बल सप्लीमेंट का सेवन आपकी किसी अन्य दवाई के साथ करने से ये उस सप्लीमेंट के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है। किसी भी नई दवाई की शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करना आवश्यक है। डैफोडिल्स आपके खाद्य पदार्थों से आपके शरीर को मिलने वाले मिनरल्स की मात्रा को कम कर सकता है। इसलिए इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से अपने आहार के बारे में भी बात करें।

यह भी पढ़ें: जिनसेंग क्या है?

खुराक

यहां प्रदान की गई जानकारी किसी भी तरह की चिकत्सीय सलाह प्रदान नहीं करती है। ऐसे किसी भी औषधि का इस्तेमाल करने से पहले आपको अपने डॉक्टर की उचित सलाह लेनी चाहिए।

डैफोडिल्स को लेने की सही खुराक क्या है?

इस दवा की खुराक व्यक्ति की उम्र, मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और लाइफस्टाइल के तरीके पर निर्भर कर सकती है। इसकी खुराक हर किसी के लिए अलग-अलग मात्रा में निर्धारित की जा सकती है।

श्वसन क्रिया में कोई तकलीफ है, तो उसे घटाने के लिए डैफोडिल के 20 दाने को पीस के उसका पाउडर बना के रोजाना 2 ग्राम सेवन करने से काफी फर्क महसूस होगा।

डैफोडिल के पाउडर में पानी या किसी भी तेल में मिला कर उसका पेस्ट बना कर लगाने से जोड़ों के दर्द, सूजन और घाव में भी राहत मिलती है।

अगर आपको डैफोडिल या किसी अन्य औषधि से किसी भी तरह की एलर्जी की स्थिति है, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें ताकि, आपके लिए डैफोडिल का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित निर्धारित की जा सके।

उपलब्धता

डैफोडिल किन रूपों में उपलब्ध है?

डैफोडिल आपको निम्न रूपों में मिल सकती है, जिनमें शामिल हैंः

  • डैफोडिल का पाउडर
  • डैफोडिल का जूस
  • डैफोडिल का बीज

हमें उम्मीद है कि डैफोडिल पर लिखा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यहां बताई गई किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य समस्या है तो आप इस हर्ब का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर कर सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकली सलाह या उपचार की सिफारिश नहीं करता है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो कृपया इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Lungmoss: लंगमॉस क्या है?

लंगमॉस एक लोबेरिया पल्मोनेरिया पौधा है जो लिचेन की एक प्रजाति से संबंधित है। यह छोटे काई होते हैं और बहुत ही धीमी गति से विकसित होते हैं। इनका आकार फेफड़ों के आकार से काफी मिलता-जुलता है।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Bhawana Sharma
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Martagon Lily: मार्टगोन लिली क्या है?

मार्टगोन लिली का इस्तेमाल अल्सर का उपचार करने के लिए किया जा सकता है। साथ ही, इसका इस्तेमाल हर्बल टी के तौर पर भी किया जा सकता है।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Bhawana Sharma
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Manna Herbal: मन्ना क्या है?

मन्ना एक छोटा पेड़ होता है। जो दवाई बनाने के काम में आता है। इसकी लंबाई 20 से 30 फीट तक होती है। इस पेड़ पर सफेद रंग के फूल निकलते हैं।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Bhawana Sharma
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल दिसम्बर 30, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Glycine : ग्लाइसिन क्या है?

ग्लाइसिन प्रोटीन को बनाने वाला एक एमिनो एसिड है। आमतौर पर हमारे रोजाना खाने में 2 ग्राम ग्लाइसिन की मात्रा होती है। इसका इस्तेमाल स्किजोफ्रेनिया जैसी बिमारी के उपचार में किया जाता है।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by lipi trivedi
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल अक्टूबर 17, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

फ्लोरिजिन -PHLORIZIN

Phlorizin: फ्लोरिजिन क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Bhawana Sharma
Published on मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
फ्लेम प्रैटेंस- टिमोथी घास- Phleum pratense

Phleum Pratense: फ्लेम प्रैटेंस (टिमोथी घास) क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Bhawana Sharma
Published on मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
स्पीयर मिंट-spearmint

Spearmint: स्पीयर मिंट क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by lipi trivedi
Published on मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
मुइरा पूमा- Muira Puama

Muira Puama: मुइरा पूमा क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Bhawana Sharma
Published on मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें