Cardamom : इलायची क्या है?

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अपडेट डेट जुलाई 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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जानिए मूल बातें

इलायची का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

अपनी बेमिसाल खुशबू और स्वाद की वजह से इलायची (Cardamom) को मसालों की रानी कहा जाता है। मसालों के रूप में इसका उपयोग प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। एशिया के अलावा भारतीय उपमहाद्वीप में भी यह बहुत लोकप्रिय है। अच्छी सुगंध, कामोत्तेजक गुण होने के साथ-साथ यह पेट-दर्द को कम करने में भी उपयोगी है।

यह दो प्रकार की होती है- हरी या छोटी इलायची और बड़ी इलायची।

बड़ी इलायची का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

आमतौर पर बड़ी इलायची का इस्तेमाल व्यंजनों को लजीज बनाने के लिए एक मसाले के रूप में की जाती है।

छोटी या हरी इलायची का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

छोटी या हरी इलायची का इस्तेमासृल मिठाइयों की खुशबूदार और लजीज बनाने के लिए किया जाता है। संस्कृत में इसे एला कहा जाता है। वहीं, लैटिन में एलेटेरिआ कार्डामोमम कहा जाता है।

इसके अलावा भी इलायची के दोनों की प्रकारों का इस्तेमाल विभिन्न तरह की दवाओं में किया जाता है। भारत में इसका उपयोग सांसों की बदबू दूर करने के साथ-साथ पकवानों को सुगंधित बनाने के लिए किया जाता है। ये पाचनवर्धक भी होते हैं। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल शरीर को मन को शांत रखने, पित्ती या वात की समस्या, श्वास से जुड़ी समस्याओं, खांसी, बवासीर, क्षय रोग (टीबी), पथरी, खुजली और हृदय रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। बता दें कि, इसके बीजों में एक प्रकार का उड़नशील तेल (एसेंशियल ऑएल) होता है।

इलायची (Cardamom) का इस्तेमाल इन बीमारियों के इलाज में किया जाता है :

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गले की खराश दूर करने के लिए

अगर आवाज बैठी हुई है या गले में खराश की समस्या है, तो सुबह उठते के बाद और रात को सोते समय छोटी इलायची चबा-चबाकर खाने के बाद गुनगुना पानी पीने से लाभ मिलता है।

सूजन दूर करने के लिए

अगर गले में सूजन है, तो मूली के पानी में छोटी इलायची पीसकर पीने से लाभ मिलता है।

सर्दी-खांसी के उपचार के लिए

सर्दी-खांसी और छींक होने पर एक छोटी इलायची, एक टुकड़ा अदरक, लौंग और तुलसी के पत्तों को एक साथ मिलाकर पान के साथ खाने से लाभ मिलता है।

उल्टी रोकने के लिए

उल्टी होने पर या उल्टी जैसा महसूस करने पर बड़ी इलायची के दानों को चबाना चाहिए।

मुंह के छाले ठीक करने के लिए

मुंह में छाले हो जाने पर बड़ी इलायची को महीन पीसकर उसमें पिसी हुई मिश्री मिलाकर उसका सेवन करने से छाले जल्दी ही ठीक हो जाते हैं।

बदहजमी की समस्या होने पर

बदहजमी होने या पेट फूलने पर बड़ी इलायची के दाने चबाने चाहिए।

  • सीने में जलन
  • आंतों में मरोड़
  • इरीटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस)
  • गैस, कब्ज
  • लिवर और गॉलब्लेडर से जुड़ी समस्याएं
  • भूख की कमी
  • जुकाम
  • खांसी
  • ब्रोंकाइटिस
  • मुंह और गले के छाले
  • संक्रमण ठीक करने में सहायक
  • मूत्र संबंधी समस्याएं।

इलायची (Cardamom) कैसे काम करती है?

यह शरीर के अंदर क्या प्रभाव डालती है, इससे संबंधित बहुत कम शोध मौजूद हैं इसलिए, अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि, कुछ शोधों में यह पता चलता है कि हरी इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-माइक्रोबियल गुण होने के साथ-साथ यह पाचन संबंधी समस्याओं को ठीक करने में भी मदद करती है।

इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होने की वजह से यह कुछ खास किस्म के बैक्टीरिया और फंगस को मारने का काम करती है। ऐसा संभव है कि इसके सेवन से फूड पॉयजनिंग (Food Poisoning) से बचा जा सकता है लेकिन, इस बारे में अभी ज्यादा शोध मौजूद नहीं हैं।

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इलायची से जुडी सावधानियां और चेतावनी

इसके इस्तेमाल से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए? फूड और इंग्रेडिएंट (Ingredient) के रूप में इलायची को यूएस के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (Food and Drug Administration, FDA) द्वारा नियमित किया गया है। हालांकि, डाइटरी सप्लीमेंट (Dietary Supplement) के रूप में इसे विनियमित नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि यह अन्य चीजों के साथ मिलकर संक्रमित या दूषित हो सकती है।

इसको धूप और नमी से दूर रखना चाहिए। आपको खाने के ठीक पहले इसका सेवन करना चाहिए। हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम एलोपैथिक दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरूरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

इलायची (Cardamom) का सेवन कितना सुरक्षित है?

जब तक इससे जुड़े और शोध उपलब्ध नहीं हो जाते हैं तब तक बच्चों, गर्भवती महिलाओं या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इलायची के सेवन से परहेज करना चाहिए।

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इलायची के साइड इफेक्ट्स

इलायची (Cardamom) के सेवन से क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इसके सेवन से कई तरह के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

  • पेट में अचानक तेज दर्द (Gallstone colic)
  • कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस

हालांकि, हर किसी को ये साइड इफेक्ट्स हों ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं, तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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इलायची से पड़ने वाले प्रभाव (Interaction of Cardamom)

इलायची (Cardamom) के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

इसके सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

इलायची की खुराक (Doses of Cardamom)

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर इलायची को कितनी मात्रा में खाना चाहिए?

एक चम्मच इलायची में लगभग दो ग्राम फाइबर होता है, जो कि मसाले के हिसाब से उपयुक्त मात्रा है। इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित ही हों ऐसा नहीं है। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से पूछें।

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इलायची (Cardamom) किन-किन रूपों में उपलब्ध है?

यह हर्बल सप्लीमेंट निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है जैसे-

  • फ्लूइड एक्सट्रेक्ट
  • पाउडर
  • बीज
  • टिंचर

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