भारत में हृदय रोगों (हार्ट डिसीज) में 50% की हुई बढोत्तरी

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मीनाक्षी मिशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 25 सालों में भारत में हृदय रोग और स्ट्रोक से पीड़ित लोगों की संख्या में लगभग 50% की वृद्धि हुई है। एक प्रेस रिलीज के अनुसार, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ एन. गणेशन, डॉ आरएम। कृष्णन, डॉ संपत कुमार, डॉ सेल्वमणि और डॉ एस. कुमार ने कहा “दुनियाभर में आज हृदय संबंधी बीमारियां मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आ रही हैं।” विश्व स्तर पर दिल की बीमारियों से होने वाली मृत्यु का आंकड़ा लगभग 31 प्रतिशत है। 2015 में दुनिया भर में 17 मिलियन मृत्यु में से (70 की उम्र से पहले) लगभग 82% मौतें नॉन-कम्युनिकेबल डिसीज की वजह से हुई जिनमें से 37% का कारण हृदय रोग था।

लेकिन, डॉक्टर्स का मानना है कि ज्यादातर हृदय रोगों को तंबाकू, अनहेल्दी डायट, मोटापा, फिजिकल अनएक्टिविटी और शराब जैसे जोखिम कारकों को कम करके इसकी संभावना कम की जा सकती है। 1990 में हृदय रोगों से ग्रस्त लोगों की संख्या 2.57 करोड़ थी जो 2016 में 5.45 करोड़ हो गई है।

मृत्यु दर के आंकड़े

  • 1880 से 2016 के बीच जहां अमेरिका में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु दर में 41% की कमी आई है, वहीं भारत मैं यह दर 34% से बढ़ा है।
  • 2016 में जर्नल ऑफ़ अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक लेख में यह दर्शाया गया था, कि भारत में हर एक लाख लोगों में से 210 लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक से होती है।
  • एक सर्वेक्षण के मुताबिक सिर्फ 2015 में ही भारत में हार्ट अटैक से लगभग 21 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी।
  • यह अनुमान लगाया जाता है कि 2030 तक, वैश्विक स्तर पर लगभग 23.6 मिलियन लोगों की मृत्यु दिल की बीमारी से होगी।
  • अमेरिका में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है, और हर मिनट 1 से ज्यादा व्यक्ति की मृत्यु होती है।
  • अमेरिका में हर साल 200 बिलियन डॉलर सिर्फ हृदय रोग के इलाज पर खर्च किए जाते हैं।
  • अगर किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने वाला हो, उसके कुछ लक्षण पहले से ही दिखाई देने लगते हैं।

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दिल की बीमारी से बचने के लिए क्या-क्या करना चाहिए?

-संतुलित आहार लें।
-वजन संतुलित रखें।
-नियमित रूप से व्यायाम करें।
ब्लड प्रेशर नॉर्मल रखें (120/80)
-तंबाकू का सेवन न करें।
– एल्कोहॉल का सेवन न करें।
-अगर डायबिटीज की समस्या है, तो उसे कंट्रोल रखें।

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हार्ट डिसीज उन लोगों में होने की ज्यादा संभावना होती है, जिनकी जीवनशैली बिगड़ी होती है। ऐसे में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। दिल से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर हार्ट एक्सपर्ट से मिलना और सलाह लेना बेहतर होगा। अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखने के लिए उचित आहार, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 25, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया दिसम्बर 2, 2019

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