Garlic: लहसुन क्या है?

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अपडेट डेट सितम्बर 18, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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परिचय

लहसुन क्या होता है?

इंडियन कुकिंग में लहसुन का इस्तेमाल खाने में स्वाद डालने के लिए किया जाता है। लहसुन का बोटेनिकल नाम एलियम सैटिवम (Allium sativum) है, जो कि प्याज फैमिली (Amaryllidaceae) से संबंध रखता है। लहसुन खाने में स्वाद और फ्लेवर डालने के साथ-साथ शरीर को पोषण देने का भी काम करता है। इसमें एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीफंगल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन, मैंगनीज, कैल्शियम, आयरन आदि पोषक तत्व होते हैं।

लहसुन का उपयोग

लहसुन का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है ? 

लहसुन का इस्तेमाल हृदय (दिल) और रक्त प्रणाली से संबंधित कई बीमारियों से निजात पाने के लिए किया जाता है। विशेषज्ञों की मानें, तो यह इन बीमारियों को जड़ से खत्म करने में काफी कारगर है।

शोध के अनुसार इसके सेवन से निम्न प्रकार के कैंसर से बचाव होता है :

लहसुन कैसे काम करता है?

इसमें एलिसिन नामक एक रसायन होता है। विशेषज्ञों की मानें, तो इसकी गंध एलिसिन नाम के रसायन के कारण ही ऐसी होती है। लहसुन के फायदे सिर्फ आयुर्वेद ही नहीं बल्कि एलोपैथिक विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भी मानते हैं। आजकल के दौर में कुछ कैमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके लहसुन की गंध को खत्म किया जाता है, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा मात्रा में इसका इस्तेमाल कर सकें, लेकिन इस बात का ध्यान रखिए की लहसुन की अगर गंध नहीं होगी, तो यह किसी उपयोग में भी नहीं आ सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो जिन चीजों के जरिए इसकी गंध को खत्म किया जा रहा है, वह आंत में घुलकर शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से बातचीत करें।

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सावधानियां एवं चेतावनी

लहसुन से जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनी 

लहसुन के सेवन से पहले मुझे इसके बारे में क्या-क्या जानकारी होनी चाहिए?

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरूरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बलिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

लहसुन कितना सुरक्षित है? 

गर्भावस्था और स्तनपान: अगर आप गर्भवती हैं या फिर छोटे शिशु को स्तनपान करवा रही हैं, तो इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार इसके नकारात्मक प्रभावों (साइड इफेक्ट) के बारे में जरूर जान लें।

बच्चे: इसका सेवन जितना बड़ों के लिए फायदेमंद होता है, उतना ही बच्चों के लिए फायदेमंद होता है। जन्म के 6 महीने बाद बच्चों को इसका सेवन करवाया जा सकता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखना होता है कि इसका इस्तेमाल स्किन पर गलती से भी नहीं करना चाहिए वरना यह बच्चों की स्किन को जला सकता है।

सर्जरी: यह रक्तस्राव को लम्बा खींच सकता है। विशेषज्ञों की मानें, तो लहसुन का इस्तेमाल करने से ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता है। इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहल डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अगर शरीर में किसी तरह की सर्जरी हुई है, तो इसका सेवन कुछ दिनों के लिए बंद कर दें।

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लहसुन के साइड इफेक्ट

लहसुन से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

लहसुन खाने से होने वाले कुछ सामान्य साइड इफेक्ट ये हैं :

  • सांसों की बदबू
  • शरीर की गंध
  • दस्त
  • मुंह की जलन
  • घेघा
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • पसीना आना
  • दमा
  • एलर्जी
  • त्वचा को नुकसान
  • त्वचा में जलन

हालांकि, हर किसी को ये साइड इफेक्ट हों ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हों या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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लहसुन से जुड़े परस्पर प्रभाव / लहसुन से पड़ने वाले प्रभाव

लहसुन के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

अगर आप वर्तमान में किसी दवाई का सेवन कर रहे हैं, तो एक बार इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से विचार कर लीजिए। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह आपके शरीर को गर्मी प्रदान करता है और शरीर को गर्म बनाए रखने में मदद करता है, ऐसे में अगर आप दवाइयों के साथ इसका सेवन करेंगे, तो यह नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आइसोनियाज़िड (Nydrazid, INH) दवा के साथ इसका इस्तेमाल करने से दवा का प्रभाव घट सकता है, इसमें पाए जाने वाले अवशोषण के कारण यह आइसोनियाजिड के प्रभाव को कम करता है।

HIV / AIDS के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं (नॉन-न्यूक्लोसाइड रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेज़ इनहिबिटर (NNRTIs)

एचआईवी / एड्स के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ दवाओं के साथ लहसुन लेने से इसका प्रभाव कम हो सकता है। HIV / AIDS के लिए उपयोग की जाने वाली इन दवाओं में से कुछ में नेविरपीन (विरैम्यून), डेलैविरडाइन (रिसेप्टर), और एफेविरेंज (सुस्टिवा) शामिल हैं।

गर्भनिरोधक गोलियां (गर्भनिरोधक दवाएं) : अगर आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर रही हैं, तो लहसुन का सेवन करने से परहेज करें। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने से एस्ट्रोजन के टूटने का खतरा बढ़ सकता है, इतना ही नहीं इसका इस्तेमाल गर्भनिरोधक गोलियों के प्रभाव को कम कर सकता है।

साइक्लोस्पोरिन (Neoral, Sandimmune)- इस दवा का प्रयोग अतिसार, उनींदापन , उल्टी, पेट दर्द, सिरदर्द, चक्कर आना, त्वचा पर दाने के लिए आदि को सही करने के लिए किया जाता है। अगर आप इस दवा का सेवन कर रहे हैं, तो लहसुन का इस्तेमाल न करें, यह इस दवा की प्रभावशीलता को कम कर देता है।

लिवर (Cytochrome P450 2E1 (CYP2E1) सबस्ट्रेट्स) : कई बार लिवर के लिए लोग लहसुन या फिर इसका तेल इस्तेमाल करते हैं, अगर आप भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह ले लीजिए। लिवर की बीमारियों में एसिटामिनोफेन, क्लोरोज़ॉक्साज़ोन (पैराफॉन फोर्टे), इथेनॉल, थियोफ़िलाइन और सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया जाता है। लिवर की बीमारी के दौरान कुछ दवाइयां जैसे एनफ्लुरेन (एथ्रान), हैलथेन (फ्लुओथेन), आइसोफ्लुरेन (फोरेन) और मेथॉक्सीफ्लुरेन (पेंट्रान) ली जा सकती है। कई बार लहसुन का इस्तेमाल करने से इन दवाओं का असर कम या फिर नकारात्मक हो सकता है।

ब्लीडिंग होना: ताजा लहसुन रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकता है।

पेट या पाचन संबंधी समस्याएं: लहसुन जठरांत्र (जीआई) पथ को परेशान कर सकता है। लहसुन एक गर्म पदार्थ होता है, इसलिए आपको पाचन संबंधी कोई समस्या है, तो ध्यान से इसका इस्तेमाल करें।

लो बल्डप्रेशरः इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, जो लो ब्लडप्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं।

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लहसुन की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

धमनियों को सख्त करने के लिए: शोध के मुताबिक, 300 मिलीग्राम लहसुन पाउडर की गोली बनाकर आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

पेट के कैंसर और मलाशय के कैंसर: शोध के मुताबिक, रोजाना इसका अर्क लेने से पेट के कैंसर और मलाशय के कैंसर में राहत मिलती है। आप चाहे तो इसके स्थान पर बाजार में मिलने वाले लहसुन के कैप्सूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 12 महीने तक रोजाना इसकी एक सीमित मात्रा लेने से पेट का कैंसर खत्म हो सकता है।

हाई ब्लडप्रेशर : रोजाना इसे खाने से हाई ब्लडप्रेशर की बीमारी से निजात मिलती है। नए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि 24 सप्ताह तक रोजाना 300 मिलीग्राम से 1500 मिलीग्राम लहसुन का प्रयोग करने से बीपी की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर के लिए: 1 मिलीग्राम / किग्रा पानी में घुलनशील लहसुन का अर्क एक महीने तक लगातार लेने से प्रोस्टेट कैंसर से राहत मिल सकती है।

कीड़े के काटने पर (Tick bites) : 8 सप्ताह तक रोजाना 1200 मिलीग्राम लहसुन युक्त कैप्सूल का उपयोग करने से कीड़े के काटने से होने वाली जलन या अन्य समस्या से राहत मिल सकती है।

इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

लहसुन किन-किन रूपों में उपलब्ध है?

  • लहसुन की गोलियां
  • लहसुन चूर्ण
  • लहसुन का कैप्सूल
  • लहसुन का अर्क
  • लहसुन जेल
  • गार्लिक क्रीम

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