Hazelnut: हेजलनट क्या है?

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Update Date जनवरी 7, 2020
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परिचय

हेजलनट (Hazelnut) क्या है?

हेजलनट (Hazelnut) एक जड़ी-बूटी है, जिसे कोबनट या फिल्बर्ट नट भी कहा जाता है। इसका बोटेनिकल नाम कोरीलस है, जो कि बिर्च (Birch) फैमिली से आता है। यह हल्के भूरे रंग का होता है। यह ज्यादातर टर्की, इटली, स्पेन और अमेरिका में उगाया जाता है। हेजलनट को कच्चा, भुन कर या इसका पेस्ट बनाकर सेवन किया जाता है और इसका स्वाद मीठा होता है। दूसरे नट्स की तरह हेजलनट में प्रोटीन, फैट्स, विटामिन और मिनरल काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। हेजलनट का इस्तेमाल कोलेस्ट्रोल को कम करने और एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में भी किया जाता है।

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उपयोग

हेजलनट (Hazelnut) किस लिए प्रयोग किया जाता है?

कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाता है

हेजलनट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो कि कोशिकाओं के ऑक्सीडेशन को रोकता है। इसके साथ रेडिकल की वजह से कोशिकाओं को पहुंचने वाली क्षति को भी कम करता है।

वजन घटाने में मदद करे

2018 की एक स्टडी के मुताबिक, नट्स का सेवन करने, वजन घटने और मोटापे की आशंका कम होने के बीच गहरा संबंध है। स्टडी में जिन प्रतिभागियों ने ज्यादा नट्स का सेवन किया, उनमें नट्स का कम सेवन करने वालों की अपेक्षा ओवरवेट होने की आशंका कम निकली।

दिल की समस्याएं दूर करे

हेजलनट का सेवन दिल की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। इसके साथ ही यह शरीर को कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। हेजलनट में कैलोरी काफी मात्रा में होती है। लेकिन, यह प्रोटीन, कार्ब्‍स, फाइबर, विटामिन ई, विटामिन बी 6, थियामिन, मैग्‍नीशियम, कॉपर, मैगनीज, फोलेट, फास्फोरस, पोटैशियम और जस्ता जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है।  इतना ही नहीं हेजलनट्स में ओमेगा -6 और ओमेगा -9 फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके तेल का इस्तेमाल कोलेस्ट्रॉल कम करने और एंटीऑक्सिडेंट के रूप में किया जाता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे

बीपी की समस्या यानी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को हेजलनट की मदद से आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें फैट की कम मात्रा होती है, जबकि मैग्नीशियम, पोटेशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने में मददगार होते हैं।

कैंसर के जोखिम कम करे

हेजलनट में एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं। साथ ही इसमें विटामिन्स और खनिजों की भी भरपूर मात्रा होती है। इसमें विटामिन ई और मैंगनीज की उच्च मात्रा होती है, जो कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए लाभकारी हो सकते हैं।

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यह कैसे काम करता है?

इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि इसमें तेल, प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा यह किस तरह से शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है। इस विषय में अभी कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी। इस पर काफी अध्ययन किए गए हैं। लेकिन किसी नतीजे पर पहुंच पाना अभी मुमकिन नहीं है। इसके उपयोग की अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा जरूर करें। 

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सावधानियां और चेतावनी

हेजलनट का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

अपने डॉक्टर या फार्मसिस्ट या हर्बलिस्ट से सलाह लें, अगर:

  • अगर आप प्रेग्नेंट हैं या प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं या फिर स्तनपान कराती हैं, तो इस दौरान आपको इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए। क्योंकि, इस अवस्था मे आपको डॉक्टर की बताई दवाओं का ही सेवन करना चाहिए। 
  • यदि आपको डॉक्टर को बताना चाहिए कि आप किन-किन दवाओं का सेवन कर रहे हैं और पूछना चाहिए कि क्या इनके साथ हेजलनट को खाया जा सकता है। 
  • यदि आपको किसी दवा या अन्य जड़ी-बूटी या इसकी किसी भी चीज से कोई एलर्जी है, तो भी इसके सेवन से पहले डॉक्टर से बात करें।
  • इसके अलावा अगर आपको खाने में इस्तेमाल होने वाले रंगों, खाने को सुरक्षित रखने वाले पदार्थों या किसी जानवर से एलर्जी है, तो भी इसका सेवन करने से पहले आप डॉक्टर की सलाह लें।

किसी भी हर्बल सप्लिमेंट के सेवन करने के नियम उतने ही सख्त होते हैं, जितने कि अंग्रेजी दवा के। सुरक्षा के लिहाज से अभी इसमें और अध्ययन की जरूरत है। इसके सेवन से होने वाले फायदे से पहले आपको इसके खतरों को समझ लेना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट से बात करें।

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हेजलनट कितना सुरक्षित है?

इसका सही मात्रा में सेवन करना सुरक्षित है। लेकिन, कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है। उन्हें इससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है, जो जान के लिए भी खतरा बन सकता है। इसके अलावा, हेजलनट दूषित दही में पाए जाने वाले एक खतरनाक जीवाणु बोटुलिज्म से भी जुड़ा हुआ है।

गर्भावस्था और स्तनपान :

इस दौरान, एक निश्चित मात्रा में इसे खाना सुरक्षित है। लेकिन, अभी इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं है कि इसे दवा के रूप में कितनी मात्रा में लेना चाहिए।

हेजलनट के साइड इफेक्ट्स

हेजलनट से किस तरह के नुकसान हो सकते हैं?

  • जिन लोगों को मूंगफली, मगवॉर्ट पराग, ब्राजील नट, ब्रीच पराग और मैकडामिया नट से एलर्जी है, उन्हें इससे भी एलर्जी हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी और ब्रेस्ट-फीडिंग की स्थिति में खाद्य पदार्थों में मौजूद हेजलनट की मात्रा का सेवन करना सुरक्षित माना गया है। लेकिन, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है कि दवाइयों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली हेजलनट की ज्यादा मात्रा सुरक्षित है या नहीं।
  • जरूरी नहीं कि दिए गए साइड इफेक्ट का ही आपको सामना करना पड़े। ये दूसरे प्रकार के भी हो सकते हैं, जिन्हें यहां शामिल नहीं किया गया है। अगर आपको साइड इफेक्ट को लेकर कोई शंका है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। 
  • आपकी कुछ दवाओं और मेडिकल कंडिशंस पर हेजलनट उल्टा प्रभाव भी डाल सकता है। इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

दी गई जानकारी को चिकित्सा सलाह के रूप में न लें। हमेशा दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

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डोसेज

हेजलनट के लिए सामान्य खुराक क्या है?

हेजलनट की खुराक उम्र, स्वास्थ्य जैसी कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती हैं। अभी तक इसकी खुराक के बारे में पर्याप्त वैज्ञानिक शोध नहीं हुए हैं। लेकिन हमेशा इस बात का ध्यान जरूर रखें कि हर्बल उत्पादों का सेवन करना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। इसलिए इसकी उचित खुराक जानने के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा जरूर करें।

उपलब्ध

हेजलनट किस रूप में आता है? 

हेजलनट निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

  • कच्चा हेजलनट
  • हेजलनट चाय
  • अन्य चीजें मिलाकर हेजलनट लिक्विड एक्सट्रैक्ट।

हेलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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