Nutmeg : नटमेग क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

जायफल का परिचय

जायफल (Nutmeg) एक सदाबहार वृक्ष है जो इण्डोनेशिया के मोलुकास द्वीप में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर भारतीय घरों में छोटे बच्चों के लिए किया जाता है, ताकि उनके द्वारा खाए जाने वाले खाने को आसानी से पचाया जा सके। दक्षिण भारत के कुछ घरों में इसका इस्तेमाल मसाले के तौर पर किया जाता है।

जायफल के उपयोग

जायफल का उपयोग आमतौर पर कई प्रकार की स्वास्थ्य स्थितियों के लिए किया जाता है:

  • पाचन विकारों का इलाज (दस्त, मतली, पेट में ऐंठन और दर्द, आंतों की गैस)
  • कैंसर का इलाज
  • गुर्दे की बीमारी का इलाज
  • नींद में परेशानी (अनिद्रा) का इलाज
  • मासिक धर्म का बढ़ना
  • जिससे गर्भपात हो गया
  • जोड़ों के दर्द (गठिया), मुंह के घावों और दांत दर्द में भी जायफल का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि इसके दर्द से राहत पाई जा सके।

इसका इस्तेमाल कई और बीमारियों में किया जाता है इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए।

यह भी पढ़ें : Cashew : काजू क्या है?

जायफल कैसे काम करता है?

इसमें ऐसे रसायन होते हैं जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। जायफल पर हाल ही में हुए शोध के मुताबिक, यह शरीर में पैदा होने वाले बैक्टीरिया और कवक को भी मार सकता है। इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

जायफल से जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनी 

जायफल का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

अगर आप गर्भवती हैं या फिर शिशु को स्तनपान करवा रही हैं तो इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। ऐसा इसलिए है कि गर्भावस्था में महिला को खानपान का ध्यान रखना जरूरी है, ऐसे में अगर केसर का सेवन किया जाए, तो कई बार यह नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

अगर आप कोई स्वास्थ्य संबंधी दवाई का सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन करने से बचें।

अगर आपको किसी तरह की एलर्जी या दवाई से नुकसान है तो केसर का सेवन बिना डॉक्टर के सुझाव के न करें।

आपको कोई अन्य बीमारी, विकार या कोई चिकित्सीय उपचार चल रहा है तो इसका सेवन न करें।

यदि आपको किसी तरह के खाने, जानवर या सामान से एलर्जी है तो केसर का सेवन करने से बचना चाहिए।

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

यह भी पढ़ें : Curry Leaves : करी पत्ता क्या है?

जायफल का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है?

इसपर हुए जितने भी हुए शोध में अभी तक कई बातें सामने नहीं आ पाई हैं। अगर आप गर्भवती हैं या फिर स्तनपान करवा रही हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसके साइड इफेक्ट के बारे में जरूर जानकारी प्राप्त करें।

जायफल के दुष्प्रभाव हो सकते हैं?

  • 120 मिलीग्राम या उससे अधिक जायफल खुराक में रोजाना लंबे समय तक लेने से मतिभ्रम और अन्य मानसिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
  • जायफल पर हुए शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग ज्यादा मात्रा में जायफल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें मतली, शुष्क मुंह, चक्कर आना, अनियमित धड़कन, दिमाग की क्षति और मृत्यु तक हो सकती है।
  • अगर आप जायफल का इस्तेमाल स्किन पर रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह लीजिए। शोध में जायफल त्वचा के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है या नहीं इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई है।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर आप इसका इस्तेमाल किसी तरह की दवाई के साथ कर रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर करिए।

लीवर के लिए…

शोधकर्ताओं के मुताबिक, अधिक मात्रा में जायफल का इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए। लीवर की दवाओं के साथ अगर जायफल का इस्तेमाल किया जाए तो यह दवाओं को बेसर कर सकता है। जायफल के साथ अगर लीवर की दवाएं ली जाए तो यह कई तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए।

लीवर की बीमारी में ली जाने वाली इन दवाओं में क्लोरज़ोक्साज़ोन, थियोफ़िलाइन, बुफ़्यूरोल, क्लोज़ापाइन (क्लोज़ारिल), साइक्लोबेनज़ाप्रिन (फ्लेक्सेरिल), फ्लुवोक्सामाइन (ल्यूवोक्स), हेलोपरिडोल (हल्डोल), इमीप्रामीन (टॉफ़्रेनिल), मैक्सिलम, मैक्सिकन ), पेंटाजोसिन (टैल्विन), प्रोप्रानोलोल (इंडेरल), टैक्राइन (कॉग्नेक्स), थियोफिलाइन, ज़ाइलुटोन (ज़ायलो), ज़ोलमिट्रिप्टन (ज़ोमिग) शामिल है।

जायफल की खुराक 

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

जायफल किस रूप में आता है?

जायफल निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:

जायफल का पाउडर

और पढ़ें : Fenugreek : मेथी क्या है?

सूत्र

रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 22, 2019