बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर क्या करें

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Update Date जून 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर ये पेरेंट्स के सिर का दर्द बन सकती हैं। अगर आप भी इनको लेकर चिंतित हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। अधिकांश पेरेंट‌्स की ये चिंता होती है क्योंकि छोटे बच्चों के साथ इस तरह की पेरशानी होती ही है। शिशु के दूध और डायपर जैसी न जानें  कितनी चीजों के बारे में पेरेंट्स सोचते रहते हैं। लेकिन, शिशु की मुख्य समस्या जानने के लिए आपको कुछ सावधानी बरतने की जरूरत होती है। शिशु को दूध पिलाने के बाद या खाना खिलाने के बाद कई बार उल्टी हो जाती है। ऐसा बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने के कारण हो सकता है। दरअसल, बच्चों का पाचन-तंत्र कमजोर हो जाता है, इसलिए वे भोजन आसानी से नहीं पचा पाते हैं। इसके अलावा बच्चों को आमतौर पर डकार की भी शिकायत होने लगती है।

हैलो स्वास्थ्य के साथ बातचीत करते हुए डॉ मनीष प्रजापति (PMCH) बताते हैं कि बच्चों की पाचन संबंधी समस्याएं ज्यादा खतरनाक नहीं होती हैं। शुरुआत में बच्चों में पेट की समस्याएं उनके विकास का पूरक होती हैं। इस परेशानी को घरेलू नुस्खों से ठीक किया जा सकता है। यह जरूर ध्यान देना चाहिए कि बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं है या नहीं इसका पता लगाना आसान नहीं होता है। क्योंकि आपका शिशु आपको बता नहीं सकता है कि उसे क्या परेशान कर रहा है।

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बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं :

एसिड रिफ्लक्स

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होना बहुत आम हैं। इनमें से एक एसिड रिफ्लक्स भी है। यह खासकर नवजात शिशु को होती है। ज्यादातर शिशुओं में पाचन प्रक्रिया (Digesting System) धीमी होती है। जिससे जब तक पेट अपनी लय सीख नहीं लेता, तब तक नवजात शिशु का दूध थूक के रूप में पेट से वापस आ सकता है। पेट में एसिड बनने की वजह पोषण रहित भोजन का सेवन करना हो सकता है। इसमें खाने की नली से एसिड बाहर आने लगता है, जिसके कारण छाती के नीचे जलन और दर्द होने लगता है।

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उल्टी

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर उल्टी होना सबसे आम है। उल्टी करना वयस्कों के लिए भी असहज करने वाली स्थिति होती है। शिशुओं के लिए लगातार उल्टी होना बड़ी परेशानी बन सकती है। शिशुओं में उल्टी का सबसे आम कारण संक्रमण (Infection) होता है। यह इंफेक्शन या तो वायरल हो सकता है बैक्टीरियल। उल्टी की समस्या आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाती है।

आप क्या कर सकते हैं ?

यदि आपका शिशु लगातार अंतराल पर बिना रुके उल्टी कर रहा है, तो ये तरीके अपनाएं :

  • डिहाइड्रेशन (Dehydration) को रोकने के लिए लगातार पानी पिलाएं।

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डायरिया

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर डायरिया के लक्षण दिखना बहुत आम है, जिसमें शिशु को दिन में कई बार पानी की तरह पतले दस्त होते हैं। कई बार डायरिया के दौरान शिशु को बुखार की भी शिकायत हो सकती है। रोटा वायरस (Rotavirus) ज्यादातर शिशु में होने वाली डायरिया की समस्या का मुख्य कारण होता है। रोटा वायरस से दस्त के अधिकांश मामले सर्दियों के महीनों के दौरान होते हैं और इसमें सांस की समस्याएं भी होती हैं।

आप क्या कर सकते हैं ?

  • बच्चों की पाचन संबंधी समस्याएं होने पर यह पता लगाएं कि क्या उन्हें स्तन के दूध (Breast Milk) से एलर्जी है।
  • एक बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें और अपने बच्चे को डॉक्टर के सुझाव के अनुसार दवा दें।
  • बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर उनका तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाएं।

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 कब्ज

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर  कब्ज के लक्षण दिखना भी आम है। यह शिशु के लिए असहज हो सकता है। एक बार शिशु ठोस खाद्य पदार्थों का सेवन शुरू कर देते हैं, तो कब्ज के मामले बढ़ जाते हैं।

आप क्या कर सकते हैं

  • बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर शिशु के लिए उनके खाने-पीने के सामान्य आहार में बदलाव से कब्ज को कम करने में मदद मिल सकता है। कुछ मामलों में, डॉक्टर इसे जुलाब मानते हैं, और इसी के अनुसार दवा का सेवन करने को बोल सकते हैं। 
  • अपने बच्चे के भोजन में चावल के अनाज को काटने की कोशिश करें
  • कॉर्न सिरप या अन्य घरेलू उपचार का उपयोग करें।
  • कब्ज के लिए प्रून जूस (Prune Juice) भी एक प्रभावी उपाय है।

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गैस बनना

पेट में गैस बनना एक प्राकृतिक और सामान्य समस्या है। बच्चे कई बाहर की चीजें खाते-पीते हैं, जो उनके पेट में ज्यादा गैस बनाते हैं। सामान्य से अधिक गैस बनना या बार-बार गैस छोड़ना खराब पाचन संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि, पेट की एक सामान्य बीमारी है, लेकिन यदि यह समस्या बढ़ गई है, तो आपको चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर ये हो सकते हैं लक्षण

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर इसके कई लक्षण दिखते हैं:

लगातार हिचकी आना

बच्चो को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर उनके पेट में एसिड बनता है। यही कारण है कि बच्चों के पेट में हवा भी बढ़ जाती है, जिससे पेट में मरोड और दर्द होता है। मांसपेशियों में सिकुड़न के कारण बच्चों को हिचकी आती है, जो उनके शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है।

सांस लेने में परेशानी

पेट में एसिड की ज्यादा मात्रा के कारण बच्चों को सांस लेने में भी परेशानी होती है, जिससे बच्चों में सांस की समस्या होती है और कई बार तो यह समस्या अस्थमा का कारण भी बन जाती है। कुलमिलाकर लगातार सांस लेने में तकलीफ के कारण खांसी की समस्या बनी रहती है। समय रहते यह समस्या ठीक हो सकती है और बच्चा आराम का अनुभव कर सकता है। कभी-कभी रात को सोते समय बच्चे की नाक से आवाज भी निकलती है जो हानिकारक है।

बच्चों को पाचन संबंधी समस्याएं होने पर आप ऊपर बताए टिप्स को अपना कर अपने बच्चे को इनसे छुटकारा दिला सकते हैं। इसके अलावा अगर बच्चे को राहत नहीं मिलती है, तो आपको उसे डॉक्टर के पास ले जाने की जरूरत होगी।

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