मन्ना एक पेड़ होता है जो दवाई बनाने के काम में आता है। ये एक छोटा पेड़ होता है जिसकी लंबाई 20 से 30 फीट तक होती है। इस पेड़ पर सफेद रंग के फूल निकलते हैं। ये पेड़ आमतौर पर दक्षिण यूरोप में पाया जाता है। इस पेड़ से जो जूस निकलता है उसे मन्ना कहते हैं। मन्ना पेड़ में आंशिक रूप से फफूंद से निकलता है। जो एक कीट द्वारा उत्पादित किया जाता है। साथ ही पेड़ में चीरे लगाने से मन्ना जूस बाहर की ओर निकलता है और बहुत जल्दी सूखकर कड़ा हो जाता है। सूखने के बाद इसकी कड़वाहट खत्म हो जाती है और ये सफेद रंग का हो जाता है। मन्ना को हाथ में लें तो वो हाथ की गर्मी से ही पिघलने लगता है।

इसे फ्रेक्सिनस ऑर्नस (Fraxinus ornus) या मन्ना एश (manna ash) या साउथ यूरोपियन फ्लावरिंग एश (South European flowering ash) कहा जाता है। दक्षिण यूरोपीय देशों के साथ-साथ इटली और विशेषकर सिसिली में भी औषधीय इस्तेमालों के लिए इसे उगाया जाता है। गर्मियों के मौसम शुरू होने पर इस पौधे में सफेद रंग के फूल खिलते हैं जो गुच्चों में होते हैं। इस पौधे से क्षीरी नामक ओषधि प्राप्त की जाती है। जब पौधा लगभग आठ साल का हो जाता है, तो इसके तने का व्यास कम से कम तीन इंच का हो जाता है, जिसके ही इस्तेमाल से औषधि बनाई जाती है।
इसके तने से औषधि प्राप्त करने के लिए जुलाई या अगस्त के महीने में इसके ऊपरी तने के छाल में हर दिन डेढ़ से दो इंच लंबी एक चीरा लगाया जाता है। जिसे एक तरल पदार्थ बहता है जिसे क्षीरी (Flake manna) कहते हैं। इसे पेड़ के तने पर ही सूखने दिया जाता है। इसके अगले दिन तने पर दूसरा चीरा एक या दो इंच ऊपर लगाया जाता है। इन कटे हुए स्थानों में एक टुकड़ा लगा दिया जाता है जिसके ऊपर यह क्षीरी जम जाती है जिसे औषधि के इस्तेमाल के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
इन पौधों से तनों से प्राप्त क्षीरी, पानी और एल्कोहॉल में घुलने वाली होती है। क्षीरी में 60 से 90 फीसदी की मात्रा में मैनिटोल (Mannitol) [C6H8 (OH)6], फ्रेक्सिन ग्लूकोसाइड (fluorescent glucoside), Manninotriose और Manneotetrose और श्लेष्म (Mucilage) इत्यादि पाए जाते हैं। इसका स्वाद हल्का मीठा होता है। जिसके चलते इसका इस्तेमाल बच्चों में जुलाब की समस्या दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। इसकी सबसे अधिक खपत दक्षिणी अमरीका में होती है। अन्य पौधों के रस से भी कई प्रकार की क्षीरियां बनाई जाती है, लेकिन उनमें मैनिटोल की मात्रा नहीं होती है।
कब्ज की समस्या होने पर स्टूल करने में दिक्कत होते हैं। कब्ज से पीड़ित लोगों को स्टूल दो से तीन दिन तक नहीं होता है और साथ ही स्टूल बहुत टाइट होता है। ऐसे में पेट में दर्द की समस्या भी हो सकती है। मल के सख्त और सूखा होने की वजह से पाइल्स की समस्या का खतरा भी बना रहता है। कम पानी पीने और शरीर में फाइबर की कमी होने के कारण कब्ज की समस्या हो सकती है। लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार करके कॉन्टिपेशन की समस्या से बचा जा सकता है। कब्ज की लंबे समय से समस्या होने पर डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए। कुछ दवाओं का उपयोग और जीवनशैली में बदलाव कब्ज की समस्या से राहत दिला सकता है।
इस पौधे से प्राप्त औषधि का इस्तेमाल करने से पहले निम्न स्थितियों के बारे में आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए, जिनमें शामिल हैंः
एक जड़ी बूटी के तौर पर इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत हो सकती हैं। सुरक्षा के लिहाज से इस औषधी का इस्तेमाल हमेशा अपने डॉक्टर की देखरेख में ही करें। इसका इस्तेमाल करने से पहले इससे होने वाले लाभ और दुष्प्रभावों के बारे में अपने डॉक्टर से चर्चा करें।
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कम समय के लिए इसका उपयोग करना लोगों में सुरक्षित पाया गया है।
उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको मन्ना के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो आप हर्बल एक्सपर्ट से जरूर परामर्श करें।
मन्ना का उपयोग करने से विभिन्न प्रकार के फायदे होते हैं लेकिन कुछ लोगों को मन्ना का सेवन करने से दुष्प्रभाव भी दिख सकते हैं। जब बिना हर्बल एक्सपर्ट की जानकारी के किसी जड़ी-बूटी का सेवन किया जाता है तो शरीर में दुष्प्रभाव यानी साइसइफेक्ट की संभावना बढ़ जाती है।
उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको कब्ज की समस्या है तो पहले हर्बल एक्सपर्ट से बात करें और उसके बाद ही मन्ना का सेवन करें।
मन्ना का उपयोग लैक्जेटिव के रूप में होता है। कुछ लैक्जेटिव का उपयोग करने से शरीर में पोटैशियम की मात्रा कम हो सकती है। वॉटर पिल्स (डाययूरेटिक ड्रग) भी शरीर में पोटैशियम की मात्रा को कम कर सकती हैं। मन्ना के साथ वॉटर पिल्स लेने पर पोटैशियम की कमी शरीर में हो सकती है।
मन्ना लैक्जेटिव की तरह कार्य करता है। कुछ व्यक्तियों में ये डायरिया की समस्या भी पैदा कर सकता है। अगर किसी व्यक्ति ने वारफरिन ( Warfarin ) का उपयोग किया है तो उसे मन्ना का सेवन नहीं करना चाहिए वरना शरीर में दुष्प्रभाव भी दिख सकते हैं। अगर आप किसी भी तरह की दवा या विटामिन्स का सेवन करते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।
आप मन्ना का सेवन चूरन के रूप में कर सकते हैं। आपको कच्चा मन्ना और चूरन हर्बल स्टोर से मिल सकता है।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Antioxidants in Herbs and Spices. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK92763/. Accessed on 14 May, 2020.
Comparison of Purgative Manna Drop and Phototherapy with Phototherapy Treatment of Neonatal Jaundice: A Randomized Double-Blind Clinical Trial. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6590883/. Accessed on 14 May, 2020.
Fraxinus ornus – L. https://pfaf.org/User/Plant.aspx?LatinName=Fraxinus+ornus. Accessed on 14 May, 2020.
Fraxinus ornus. https://www.rhs.org.uk/plants/7316/i-Fraxinus-ornus-i/Details. Accessed on 14 May, 2020.
Current Version
07/10/2020
Bhawana Sharma द्वारा लिखित
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. पूजा दाफळ
Updated by: Bhawana Awasthi