Zedoary: सफेद हल्दी क्या है?

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Update Date जनवरी 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिचय

सफेद हल्दी क्या है?

सफेद हल्दी एक पौधा है जो हल्दी के परिवार Zingiberaceae से ही ताल्लुक रखती है। इसका बोटैनिकल नाम कुरूकुमा जेडोरिआ (Curcuma zedoaria) है। स्वाद में ये कड़वी होती है। औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसका प्रयोग कई दवाओं में किया जाता है। इसका इस्तेमाल मसालों में नहीं किया जाता है लेकिन, इसमें औषधिय गुण होने के कारण यह कई तरह की शारीरिक परेशानी को दूर करने के लिए किया जाता है। सफेद हल्दी भारत के अलावा इंडोनेशिया में भी आसानी से उपलब्ध है। इसके सेवन से शरीर को लाभ मिलता है। इसके सेवन से पहले हेल्थ एक्सपर्ट से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

उपयोग

सफेद हल्दी का उपयोग किस लिए किया जाता है?

घावों को भरती है

सफेद हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। चोट लगने पर या इसके पेस्ट को लगाने से आराम मिलता है। ये जख्मों को भरने का काम करती है। इसलिए घर में अगर किसी को चोट लग जाती है, इसका लेप लगाया जा सकता है। इससे जल्दी आराम मिल सकता है लेकिन, अगर इसके लगाने से घाव लंबे वक्त से ठीक नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

सेक्स संबंधित परेशानियों को करे दूर:

इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट्स महिलाओं और पुरुषों में सेक्स संबंधित परेशानियों को दूर करते हैं। महिलाओं में ये गर्भाशय की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जिससे प्रसव में आसानी होती है। इसलिए अगर आप गर्भवती हैं या प्रेग्नेंसी प्लान कर रहीं हैं तो इसके सेवन से आपको लाभ मिल सकता है। वहीं पुरुषों में ये स्तंभन दोष (erectile dysfunctions) को ठीक करता है और कामोत्तेजना बढ़ाने में मदद करता है।

खून को करे साफ:

इसका उपयोग खून को साफ करने और शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा ये इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है। इम्यून सिस्टम को सट्रॉन्ग रखने से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। यही नहीं इसके सेवन से शरीर का तापनान भी नियंत्रित रहता है। इसलिए बुखार में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है  लेकिन, बुखार ठीक न होने पर डॉक्टर से संपर्क करना सही विकल्प हो सकता है।

दर्द निवारक:

इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लमेटरी प्रॉपर्टीज दर्द और सूजन को दूर करते हैं।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन:

व्हाइट टर्मरिक के जूस का उपयोग यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और यूरीन संबंधित परेशानियों को दूर करने में लाभदायक है।

डाइजेशन संबंधित परेशानियों को करे दूर:

सफेद हल्दी पेट में दर्द, अपच, पेट में ऐंठन, भूख न लगना, पेट फूलना, दस्त आदि में फायदा करती है। ये तनाव से संबंधित अल्सर को रोकने में भी सक्षम है।

डायबिटीज रहता है कंट्रोल:

कुछ रिसर्च के अनुसार अगर आपको डायबिटीज की समस्या है, तो सफेद हल्दी काफी फायदेमंद हो सकती है। इसके सेवन से ब्लड में शुगर लेवल कंट्रोल रहता है लेकिन, इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

सांस संबंधी परेशानी होती है दूर:

लंग्स से जुड़ी बीमारी के लिए यह काफी लाभदायक होता है। इसके संतुलित मात्रा में और नियमित सेवन से सांस से जुड़ी परेशानी ठीक हो सकती है। इसका सेवन अस्थमा के मरीज के लिए भी लाभकारी हो सकता है।

इन परेशानियों में भी है फायदेमंद:

  • थकान- अगर आप अत्यधिक थक गये हैं तो इसका सेवन किया जा सकता है। इससे थकावट कम हो सकती है।
  • लिवर संबंधित परेशानियों को करे दूर
  • अल्सर की बीमारी
  • उल्टी की समस्या दूर होती है
  • कोबरा के जहर को करे बेअसर
  • श्वसन संबंधित परेशानियों को करे दूर
  • कैंसर सेल्स को बनने से रोकता है
  • डायबिटीज में लाभदायक

कैसे काम करती है सफेद हल्दी?

सफेद हल्दी में एंटी-इंफ्लमेटरी, एंटीफंगल, एंटीमाइक्रोबल, एंटी-एमोयबिक, एंटी-अल्सर, एंटी-वेनम, एनल्जेसिक, एंटी-डिजीज गुण होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का काम करते हैं। ये कोल्ड, फ्लू, डायजेस्टिव डिसऑर्डर, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल परेशानियों को दूर करने में मददगार है।

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सावधानी और चेतावनी

कितना सुरक्षित है सफेद हल्दी का उपयोग?

  • सफेद हल्दी ब्लड सर्क्यूलेशन को बेहतर करती है। पीरियड्स के दौरान इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • प्रेग्नेंट और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अगर आप खून को पतला करने की दवा ले रहे हैं तो उसके साथ इसका सेवन न करें।
  • जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है उन्हें सफेद हल्दी का तेल लगाने से पहले पैच टेस्ट कर लेना चाहिए।
  • कभी भी सफेद हल्दी के तेल को आंखों के संपर्क में न आने दें।
  • आप कोई अन्य दवा ले रहे हों। इसमें आपके द्वारा ली जा रही कोई भी दवा शामिल हो सकती है जो आप डॉक्टर से पूछे बिना ही ले रहे हों।
  • आपको कोई अन्य बीमारी, विकार या स्वास्थ्य समस्याएं हैं।

हर्बल सप्लिमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरूरत है। इस हर्बल सप्लिमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

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साइड इफेक्ट्स

सफेद हल्दी से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इससे निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे-

जरूरी नहीं सभी में ये साइड इफेक्ट्स दिखाई दें। इनसे अलग साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। अगर आपको इसकी अधिक जानकारी चाहिए तो एक बार किसी चिकित्सक या हर्बलिस्ट से कंसल्ट करें।

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डोसेज

सफेद हल्दी को लेने की सही खुराक क्या है?

आमतौर पर इसे 3 से 10 ग्राम लिया जाता है। इसके अलावा ये आपकी हेल्थ कंडिशन पर भी निरभर करता है। बहुत सारे हर्बलिस्ट इसकी चाय पीने की सलाह देते हैं जो 1 से 1.5 ग्राम क्रश और पिसी हुई सफेद हल्दी से बनाई जा सकती है।

यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में न करें। डॉक्टर या हर्बलिस्ट की राय के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं करें।

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

यह निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है। जैसे-

  • एनकैप्सूलेटेड जेडोअरी रूट
  • जेडोअरी रूट लिक्विड एक्सट्रेक्ट

अगर आप सफेद हल्दी से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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