पीरियड्स में डायट का रखें खास ख्याल, दर्द होगा कम

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Update Date मई 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बहुत सी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द होता है जबकि कुछ को कम दर्द होता है। पीरियड्स में डायट में कुछ बदलाव करके आप दर्द को कम कर सकते हैं।

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सवाल

पीरियड्स के दौरान मुझे किस प्रकार की चीजें नहीं खानी चाहिए?

जवाब

पीरियड्स के दौरान बहुत सी महिलाओं को दर्द, पीरियड्स क्रैंप, हैवी ब्लीडिंग या कम ब्लीडिंग, सिरदर्द, पीठ दर्द जैसी समस्याएं होती है। यह ज्यादातर नैचुरली होता है पर कई बार आप पीरियड्स के दौरान क्या खाते है इसपर भी निर्भर करता है।

पीरियड्स में डायट का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। कुछ चीजें, जो हमें पीरियड्स के दौरान अवॉयड करनी चाहिए उसमें शामिल हैंः

  • मसालेदार खानाः अगर आपको पीरियड्स के दौरान क्रैंम्प और हैवी ब्लीडिंग होती है, तो ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपको पेट की समस्या जैसे गैस की परेशानी बढ़ सकती है।
  • वसायुक्त खाना: पीरियड्स में महिलाओं को ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन का परहेज करना चाहिए, जिनमें अत्यधिक मात्रा में वसा पाई जाती है। वसायुक्त मांस का सेवन न करें। इनमें सैचूरेटेड फैट्स बहुत ही अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।
  • कैफीनः जिन चीजों में ज्यादा कैफीन होता है उसे पीना अवॉयड करें।
  • एल्कोहॉलः पीरियड्स में आपका ब्लड प्रेशर कम होता है, अगर उस दौरान आप एल्कोहॉल लेते हैं एल्कोहॉल से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • प्रोसेस्ड फूड: इस दौरान प्रोसेस्ड फूड खाने से भी परहेज करना चाहिए। चिप्स और डिब्बों में बंद खाद्य पदार्थ के सेवन से पेट में दर्द होने की संभावना रहती है।
  • फास्ट फूड और पैक फूडः महिलाओं को अपने मासिक स्राव के दौरान पैक फूड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसमें कैमिकल होते हैं जिससे आपको परेशानी हो सकती है।
  • बेक प्रोडक्ट: बेक किए हुए खाद्य पदार्थ जैसे केक और पेस्ट्री का भी सेवन एवॉइड करें। इनमें ट्रांसफैट बहुत ही अधिक मात्रा में पाया जाता है। ये खाद्य पदार्थ महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन के लेवल को बढ़ा देते हैं। इससे गर्भाशय में दर्द पहले से ज्यादा हो सकता है।
  • डेयरी प्रोडक्टः जी हां, डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, चीज, क्रीम, पेट में गैस को बढ़ा देता है, जिससे आपको परेशानी हो सकती है। इसके अलावा पीरियड्स में डायट में बटरमिल्क यानि छांछ को एड कर सकते हैं।
  • फ्राइड फूडः फ्राइ़ फूड आपकी बॉडी के अंदर एस्ट्रोजन हॉर्मोन को बढ़ा सकता है, जिससे आपको मूड स्विंग हो सकता है।
  • कैफीन युक्त चीजों से दूरी बनाएं:  पीरियड्स में कैफीन युक्त चीजें जैसे चाय और कॉफी को भी नजरअंदाज करना चाहिए। यह दर्द को बढ़ाने के साथ मूड स्विंग को बढ़ाता है।
  • शुगर प्रोडक्ट्स:  जिन चीजों में शुगर अधिक मात्रा में हो उन्हें भी लेने से बचें। शुगर युक्त चीजों को लेने से दर्द पहले से ज्यादा हो सकता है। इसकी बजाय आप मीठे फलों का सेवन कर सकते हैं।

पीरियड्स में डायट का ख्याल रखकर आप खुद को शांत रखने की कोशिश करें, आप मेडिटेशन या आसान एक्सरसाइज भी कर सकते हैं, जिससे आपको अच्छा महसूस होगा।

पीरियड्स में डायट का ध्यान रखना क्यों है जरूरी?

ज्यादातर महिलाएं पीरियड्स में डायट पर ज्यादा ध्यान नहीं देती हैं। इस दौरान उनका जो मन करता है वो उस चीज का सेवन कर लेती हैं। लेकिन शायद वह इस बात से अंजान हैं कि इससे उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। पीरियड्स साइकिल हर महिला के स्वास्थ्य का एक अहम हिस्सा है। पीरियड्स में पेट में ऐंठन होना आम बात है लेकिन इस लापरवाही की वजह से ये कष्टदायी हो सकती है। इसलिए पीरियड्स में डायट को लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरतें।

पीरियड्स में डायट का ऐसे रखें ख्याल:

पानी:

जितना हो सके पानी पीएं। पानी हमारे लिए अति आवश्यक है। पीरियड्स के दौरान हाइड्रेट रहना चाहिए। इससे डिहाइड्रेशन और सिरदर्द होने की संभावना कम होती है। भरपूर पानी पीने से आपके शरीर में पानी बरकरार रहेगा। साथ ही आप सूजन से बच सकते हैं।

फलों को करें डायट में शामिल:

पानी युक्त फल जैसे तरबूज और खीरा आपको हाइड्रेट रखता है। मीठे फल आपके मीठा खाने की क्रेविंग को शांत करेंगे।

चिकन:

पीरियड्स में डायट में आप चिकन को शामिल कर सकते हैं। चिकन भी आयरन और प्रोटिन युक्त होता है। इसलिए पीरियड्स के दौरान आप इसे भी डायट में शामिल कर सकते हैं। प्रोटीन को लेना आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। इसके सेवन से आप पेट भरा महसूस करते हैं जिससे आपको दूसरी चीजों की क्रेविंग भी नहीं होती है।

हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें:

पीरियड्स के दौरान आयरन युक्त चीजों को लें खासतौर पर अगर आपको हैवी ब्लीडिंग हो रही हो। ऐसा इसलिए क्योंकि अत्यधिक ब्लीडिंग से थकान, शारीरिक दर्द और चक्कर की शिकायत हो सकती है। हरी पत्तेदार सब्जियों आप केल और पालक को शामिल कर सकते हैं। पालक आयरन के साथ-साथ मैग्नीशियम से भरपूर होती है।

अदरक:

एक कप गर्म अदरक की चाय पीने से पीरियड्स में होने वाले लक्षणों को कम किया जा सकता है। अदरक में एंटी-इन्फलामेटरी गुण होते हैं जो मांसपेशियों में दर्द से राहत प्रदान कर सकते हैं। हालांकि अदरक को बहुत ज्यादा भी न लें। दिनभर में 4 ग्राम से ज्यादा अदरक लेने से सीने में जलन या पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।

हल्दी:
हल्दी में एंटी-इन्फलामेटरी गुण होते हैं। प्राचीनकाल से इसे पीरियड्स के लिए एक बेहतरीन औषधि के रूप में जाना जाता है। मासिक धर्म के दौरान ये दर्द और मूड स्विंग्स से लड़ने में मदद करती है।

मछली:
मछली में आयरन, प्रोटिन और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं। पीरियड्स में आयरन के स्तर के मेंटेन करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है। इसके अलावा इसमें ओमेगा-3 होता है जो दर्द से राहत दिला सकता है। 2012 के एक शोध के अनुसार, पीरियड्स में होने वाले दर्द से ओमेगा-3 सप्लीमेंट राहत दिलाते हैं। 2014 में की गई एक स्टडी में पाया गया ओमेगा-3 डिप्रेशन को कम करता है। तो जो लोग पीरियड्स में मूड स्विंग और डिप्रेशन फेस करते हैं उनके लिए ये मददगार हो सकता है।

नट्स:
ज्यादातर नट्स ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। इसके साथ ही ये प्रोटिन का भी अच्छा स्त्रोत है। इनमें बहुत सारे विटामिन और मैग्नीशियम भी होता है। यदि आप नट्स नहीं खाते तो आप इन्हें स्मूदी या शेक में मिलाकर ले सकते हैं।

फ्लेक्सीड ऑयल:
15 मिलीलीटर फ्लेक्सीड ऑयल में 7,195 मिलीग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं।

डार्क चॉकलेट:
डार्क चॉकलेट आयरन और मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत है। 100 ग्राम बार में 70 से 85 प्रतिशत डार्क चॉकलेट होती है। इसमें 67% आयरन और 58% मैग्नीशियम होता है। मैग्नीशियम पीएमएस के लक्षण को दूर करने में उपयोगी माना जाता है।

योगर्ट:
कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान और उसके बाद यीस्ट इंफेक्शन की शिकायत होती है। अगर आपको भी ऐसी परेशानी होती है तो आप अपनी पीरियड्स में डायट में प्रोबायोटिक रिच फूड जैसे योगर्ट को शामिल करें। ये आपकी वजायना मेंअच्छे बैक्टीरिया को पोषण दे सकता है और आपको संक्रमणों से लड़ने में मदद कर सकता है। बता दें, योगर्ट मैग्नीशियम और कैल्शियम का भी अच्छा स्त्रोत है।

अगर इन उपचार से दर्द से राहत न मिलने पर डॉक्टर पीरियड्स के दर्द को दूर करने के लिए दवा लेने की सलाह दे सकते हैं। दवा का सेवन डॉक्टर से सलाह लेकर करना बेहतर होता है।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। यदि आप पीरियड्स में डायट को लेकर कोई अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं।

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