एप्कोड दवा में मायो इनोसिटोल (Myo-Insitol), मिथाइल फोलेट (Methyl Folate) और विटामिन डी 3 होते हैं। इसे मुख्य रूप से विटामिन डी 3 और फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

इस दवा को अंडाशय संबंधी विकार में उपयोग करने की सलाह दी जाती है। यह अंडाशय संबंधी विकार होने पर हार्मोनल असंतुलन को ठीक करके इलाज की प्रक्रिया में तेजी लाती है। इसके अलावा यह एक इंसुलिन प्रतिरोधक दवा है जो पीसीओएस के लक्षणों को भी कम करने में मदद करती है।
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एप्कोड सैशे की खुराक डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाती है और उसके अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए। दवा की खुराक मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और इलाज की प्रकिया पर निर्भर करती है।
दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। इसके साथ ही अगर आप चाहें तो इसकी खुराक की जानकारी लेबल पर भी पढ़ सकते हैं। आमतौर पर एक बार में एक सैशे का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर द्वारा बताई गई डोज से ज्यादा दवा का सेवन करने पर ओवरडोज की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अगर निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर या निकटतम आपातकालीन कक्ष से संपर्क करें।
ओवरडोज के कारण होने वाले सभी दुष्प्रभावों व लक्षणों के बारे में इस सूची में नहीं बताया जा सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
एप्कोड को डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर ही लेना चाहिए। हालांकि, डोज मिस होने पर भूली हुई खुराक की याद आते ही उसका सेवन करें, लेकिन यदि आपकी अगली खुराक लेने का समय हो चुका है तो भूली हुई खुराक को छोड़कर, डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए गए समय पर अगली खुराक का सेवन करें। कभी भी एक साथ दो खुराक न लें।
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एप्कोड सैशे की खुराक डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए गए तरीके व समय के अनुसार ही लें। अगर आप किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं या उसका इलाज करवा रहे हैं तो इसका उपयोग करते समय अधिक सावधानी बरतें और साथ ही डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें। ज्यादातर मामलों में यह एक सुरक्षित दवा मानी जाती है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल होने पर डॉक्टर से परामर्श करें।
आप चाहें तो इस दवा को खाना खाने के बाद या पहले भी ले सकते हैं। हालांकि, अगर आपके डॉक्टर आपको किसी अन्य समय पर खुराक लेने को सलाह देते हैं तो उनके द्वारा निर्धारित समय पर ही इसका नियमित सेवन करें। इसका उपयोग करने के लिए इसे एक गिलास पानी में मिलाएं और पिएं। अगर आपको एप्कोड की सही खुराक के बारे में नहीं पता है तो सैशे पर दिए गए निर्देश फॉलो करें।
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एप्कोड के सक्रिय घटक मायो इनोसिटोल (Myo-Insitol), मिथाइल फोलेट (Methyl Folate) और विटामिन डी 3 के अधिक या गलत इस्तेमाल से शरीर पर बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है।
इस दवा के दुष्प्रभाव व्यक्ति की उम्र, इलाज की प्रक्रिया और बीमारी की वजह व गंभीरता पर निर्भर करते हैं। निम्न कुछ सामान्य साइड इफेक्ट्स हैं जिनके लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श की जरूरत पड़ सकती है।
एप्कोड द्वारा होने वाले सभी दुष्प्रभावों की गणना यहां नहीं की जा सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार की मानसिक व शारीरिक असुविधा महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
एप्कोड दवा का सेवन करने से पहले चिकित्सक को अपनी पहले से चली आ रही दवाओं, बीमारी और इलाज या सर्जरी के बारे में बताएं। अगर आपको इसका सेवन करने से कोई असुविधा जैसे सिर दर्द, पेट दर्द, भूख न लगना या थकान महसूस होती है तो घबराएं नहीं क्योंकि ऐसे साइड इफेक्ट्स आमतौर पर अपने आप कुछ देर में चले जाते हैं। स्थिति या लक्षण में सुधार न आने पर डॉक्टर से परामर्श करें।
निम्नलिखित परिस्थितियों में अधिक सावधानी बरतें।
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गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की दवा का बिना डॉक्टरी सलाह के सेवन नहीं करना चाहिए। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के मुताबिक, कैल्सिरोल प्रेग्नेंसी रिस्क कैटेगरी में ‘N’ में है।
FDA प्रेग्नेंसी रिस्क कैटेगरी की लिस्ट नीचे दी गई है:
अगर आप गर्भधारण करने की सोच रही हैं तो इस दवा का सेवन शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें।
एक से अधिक दवा का सेवन करने से ड्रग रिएक्शन हो सकता है। अगर आप पहले से ही किसी दवा या सप्लिमेंट का सेवन करते आ रहे हैं तो इसके बारे में अपने डॉक्टर को अवश्य बताएं। निम्न कुछ ऐसे ड्रग हैं जिन्हें साथ लेने से साइड इफेक्ट्स का जोखिम बढ़ सकता है।
इनमें से किसी भी दवा के साथ दुष्प्रभाव दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
एप्कोड (Apcod) को किसी भी आहार के साथ लिया जा सकता है। आप चाहें तो इसे खाना खाने के बाद व पहले भी ले सकते हैं। बेहतर रहेगा कि आप एक नियमित समय तय कर लें। हालांकि, अगर आप किसी विशेष आहार के बारे में जानना चाहते हैं तो एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
एल्कोहॉल के एप्कोड पर होने वाले प्रभाव को लेकर फिलहाल किसी प्रकार की कोई रिसर्च नहीं की गई। इसलिए यह बता पाना बेहद मुश्किल होगा कि यह व्यक्ति को किस हद तक प्रभावित कर सकते हैं। डॉक्टर से परामर्श करें बिना शराब का सेवन न करें।
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एप्कोड की खुराक स्वास्थ्य के लिए अच्छी तो कई बार नुकसानदायी भी हो सकती है। ओवरडोज व खुराक लेने के समय में परिवर्तन करने से हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। निम्न हेल्थ कंडिशन में इस दवा का इस्तेमाल न करें।
इन स्थिति में एप्कोड का सेवन करने से हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा एप्कोड को एक सुरक्षित दवा माना जाता है जिसे परेशानी होने पर लिया जा सकता है।
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एप्कोड सैशे को कमरे के सामान्य तापमान (25 डिग्री) पर स्टोर करें। इसके साथ ही ध्यान रहे कि इस पर सूर्य की सीधे किरणें और अन्य प्रकार की हीट न पड़े। एप्कोड को बच्चों और पालतू जानवरों के संपर्क में न आने दें।
दवा के एक्सपायर व खराब हो जाने पर इसे बाथरूम और नाली में न फेंके। इसकी अधिक जानकारी के लिए कैमिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें।
एप्कोड केवल सैशे के रूप में ही उपलब्ध है।
यहां दी गई जानकारी डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए डाॅक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Management of Women With PCOS Using Myo-Inositol and Folic Acid. New Clinical Data and Review of the Literature/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/29498933/accessed on 17/06/2020
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Effects of Inositol(s) in Women with PCOS: A Systematic Review of Randomized Controlled Trials/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5097808/accessed on 17/06/2020
Current Version
18/06/2020
Shivam Rohatgi द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Manjari Khare