शिलाजीत एक सुरक्षित, फ्लुविक एसिड का मुख्य घटक है, जो आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए आम है। यह डिबेंजो-ए-पाइरोन्स, प्रोटीन जैसे 40 खनिज होते हैं। शिलाजीत हिमालय, अल्ताई और अन्य पर्वत श्रृंखलाओं की तलछटी चट्टानों में पाया जाने वाला एक काला पदार्थ होता है। यह कई औषधीय पेड़-पौधों के सड़ने के बाद तैयार होता है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। इसे आयुर्वेद में एक महाराजा (सुपर-जीवन रक्षक) माना जाता है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि शिलाजीत के सेवन से पुरुषों में प्रजनन की क्षमता को कई गुणा बढ़ाई जा सकती है। इसका इस्तेमाल शारीरिक कमजोरी को भी दूर करने में किया जा सकता है। यह मांसपेशियों की ताकत में वृद्धि करता है।

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शिलाजीत के सेवन से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ होते है जैसे,
अल्जाइमर रोग मस्तिष्क से जुड़ा एक विकार है जो स्मृति, व्यवहार और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है। हालांकि, अल्जाइमर के लक्षणों के उपचार के लिए कई तरह के ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। लेकिन इसके उपचार में शिलाजीत का इस्तेमाल घरेलू तौर पर किया जा सकता है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत अल्जाइमर के विकास को कम कर सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत ब्रेन में होने वाली सूजन को कम करके अल्जाइमर से राहत दिला सकता है।
शिलाजीत में फुल्विक एसिड होता है, जो एक मजबूत एंटीऑक्सिडेंट और एंटीइफ्लामेट्री का काम करता है। इसलिए इसके नियमित उपयोग से चेहरे और शरीर पर बढ़ती उम्र के निशानों को कम किया जा सकता है।
शिलाजीत पुरुषों में बांझपन की समस्या का उपचार कर सकता है। एक अध्ययन स्रोत में, 60 बांझ पुरुषों के एक समूह ग्रुप को भोजन के बाद 90 दिनों के लिए दिन में दो बार शिलाजीत दिया गया। 90 दिनों के बाद अध्ययन में शामिल 60 फीसदी पुरुषों में प्रजनन की क्षमता में सुधार देखा गया। उनके शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि देखी गई। जबकि, अन्य 12 प्रतिशत प्रतिभागियों में शुक्राणु की गतिशीलता में वृद्धि देखी गई।
नियमित तौर पर शिलाजीत का सेवन करना हृदय के स्वास्थ्य में भी सुधार ला सकता है। शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए एक शोध के मुताबिक दावा किया है कि इसका सेवन करने वाले कुछ चूहों को दिल की चोट देने के लिए आइसोप्रोटीनॉल इंजेक्शन लगाया गया। अध्ययन में पाया गया कि इसका सेवन करने वाले चूहों के दिल को अन्य चूहों के मुकाबले बहुत कम चोट पहुंची थी।
इसके अलावा बाझपन, कफ, चर्बी, मधुमेह, श्वास, मिर्गी, बवासीर, गठिया की सूजन, कोढ़, पथरी, पेट के कीड़े, त्वचा सम्बन्धी रोग में सुधार, स्मरण शक्ति बढ़ाने और इम्यूनिटी पॉवर को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। साथ ही, यह अन्य कई रोगों के इलाज करने के साथ-साथ काम करने की क्षमता में जबरदस्त तेजी ला सकता है ।
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शिलाजीत में मौजूद फुलविक एसिड, हमारे शरीर को खनिज पदार्थों को सोखने की ताकत देता है.
ऐसी किसी भी स्थिती होने पे तुरंत अपने डॉक्टर को सूचित करें
बताई गई किसी भी जानकारी को चिकित्सा सलाह के रूप में ना देखे । किसी भी हर्बल का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से बात करे ।
एलर्जी: यदि आपको शिलाजीत में मौजूद किसी भी मिश्रित या घटक से एलर्जी है। जिसमें मतली, चक्कर आना, दिल की दर बढ़ने, खुजली आदि शामिल हैं, तो शिलाजीत का उपयोग करना बंद कर दें।
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इसके अत्यधिक सेवन के कारण आपको निम्न साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः
जरूरी नहीं कि सभी को बताए गए साइड इफेक्ट का सामना करना पड़े । हर्बल के इस्तेमाल से कुछ दूसरे साइड इफेक्ट भी हो सकते है ।साइड इफेक्ट के विषय में ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बल एक्सपर्ट से बात करे ।
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शिलाजीत का सेवन के साथ दूसरे आयरन सप्लीमेंट लेने पर इसका साइड इफेक्ट हो सकता है क्योंकि शिलाजीत में अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है। इसके साथ अन्य आयरन सप्लीमेंट लेने पर खून में आयरन की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है। इससे ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
इस सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपनी सही खुराक के लिए फार्मासिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।
शिलाजीत कैप्सूल, चूर्ण के रूप में मिल सकता है।
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपका इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर
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Current Version
30/08/2021
Ankita mishra द्वारा लिखित
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. पूजा दाफळ
Updated by: Manjari Khare