Cardiovascular Health and Tea benefits: कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे के लिए ग्रीन टी या ब्लैक टी है बेहतर!
काम की शुरुआत हो, शाम का वक्त हो, परिवार या दोस्तों के साथ बैठें हों तो गर्मागर्म चाय की चुस्की तो बनती है, लेकिन क्या आपने कभी चाय के फायदे (Tea Benefits) को बारे में पढ़ा है? शायद आप कहेंगे कि हां एक कप चाय आपकी थकावट को दूर कर देती है। ये तो सही है, लेकिन क्या आप जानते हैं चाय के फायदे हार्ट डिजीज और स्ट्रोक की समस्या को भी कम करने में सहायक है।
नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ब्लैक टी एवं ग्रीन टी में हार्ट डिजीज एवं स्ट्रोक के खतरे को 10 से 20 प्रतिशत तक कम करने की क्षमता है। हालांकि चाय के फायदे सुनकर आप जरूरत से ज्यादा ग्रीन टी (Green Tea) या ब्लैक टी (Black Tea) का सेवन ना करें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन शरीर पर अपना बुरा प्रभाव भी डाल सकती है।
हार्ट डिजीज एवं स्ट्रोक में क्यों मिल सकते हैं चाय के फायदे?
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदेक्या-क्या हो सकते हैं?
ग्रीन टी या ब्लैक टी में कौन है फायदेमंद?
हेल्थ के लिए ग्रीन टी का सेवन रोजाना कितना है फायदेमंद?
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे के अलावा और किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
चलिए अब कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।
हार्ट डिजीज एवं स्ट्रोक: क्यों मिल सकते हैं चाय के फायदे? (Benefits of Tea)
रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार चाय के फायदे विशेष रूप से पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) की मौजूदगी को माना गया है। पॉलीफेनोल्स एक तरह का ऑर्गेनिक कम्पाउंड है, जो ब्लैक टी एवं ग्रीन टी में मौजूद होता है। पॉलीफेनोल्स खासकर फूल वाले पौधों में मौजूद होता है। यहां पॉलीफेनोल्स में फेनॉल एक तरह का अरोमा (Aroma) या खुशबू (Scent) है जो चाय पीने पर ताजगी और चाय के फायदे दोनों मिल सकते हैं। नॉर्थवेल हेल्थस सांद्रा एटलस बास हार्ट हॉस्पिटल इन न्यू यॉर्क (Northwell Health’s Sandra Atlas Bass Heart Hospital in New York) के डायरेक्टर कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ एवं लिपिडोलॉजी डॉ. गाइ एल मिंट्ज द्वारा दिए गए एक मिडिया रिपोर्ट में पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) को कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए लाभकारी बताया है।
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं? (Cardiovascular Health and Tea benefits)
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:
ब्लड वेसेल्स (Blood vessels) की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
गुड कोलेस्ट्रॉल (Good cholesterol) लेवल बढ़ना।
कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (Cardiovascular system) में होने वाले सूजन (Inflammation) को कम करना।
बॉडी में प्लेटलेट्स लेवल (Platelets level) भी बेहतर होना।
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे (Cardiovascular Health and Tea benefits) ये हो सकते हैं, लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि ग्रीन टी या ब्लैक टी का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे: ग्रीन टी या ब्लैक टी में कौन है फायदेमंद? (Green tea or Black tea: Which is Better)
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों में ही हैं, लेकिन ब्लैक टी तैयार करने के लिए इसे फर्मेंट किया जाता है और फर्मेंटेशन की वजह से पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) की मात्रा कम हो जाती है और ब्लैक टी को प्रायः लोग दूध के साथ मिलाकर पीना पसंद करते हैं। वहीं अगर ग्रीन टी की बात की जाए तो उसमें पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) की मौजूदगी कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए लाभकारी माना जाता है और ग्रीन टी को किसी भी अन्य प्रॉडक्ट्स के साथ मिलाकर सेवन नहीं किया जाता है। वहीं हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (Howard school) द्वारा पब्लिश्ड रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार दिल के लिए ग्रीन-टी फायदेमंद है। ग्रीन टी का सेवन करने से हार्ट डिजीज (Heart disease) से बचने में मदद मिल सकती है। दरअसल, ग्रीन-टी बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल (Bad cholesterol level) को कम करने में सक्षम होती है, जिससे हार्ट डिजीज या कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा भी कम होता है। यह कार्डियोवैस्कुलर बीमारी (Cardiovascular disease) के मुख्य कारण एथरोस्क्लेरोसिस को रोकने में मदद कर सकती है। इसलिए कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे में ग्रीन टी को शामिल किया जा सकता है।
नोट: कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे से जुड़े रिसर्च अभी भी जारी है। इसलिए अगर किसी व्यत्कि को हार्ट से जुड़ी कोई समस्या है, तो सबसे पहले डॉक्टर से कंसल्टेशन करना चाहिए और उनके बताये अनुसार मेडिकेशन और डायट फॉलो करना चाहिए।
हेल्थ के लिए ग्रीन टी का सेवन रोजाना कितना है फायदेमंद?
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे सुनकर अगर आपके मन में ऐसा कोई भी विचार आ रहा हो कि अब तो ग्रीन टी का सेवन ज्यादा करेंगे, तो ऐसा बिल्कुल भी ना करें। ग्रीन टी का सेवन अगर जरूरत से ज्यादा किया जाए तो इससे शरीर फायदे की बजाय साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसलिए रोजाना दो से तीन कप ग्रीन टी का सेवन कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए लाभकारी हो सकता है। पॉलीफेनोल्स के अलावा ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट की मौजूदगी भी दिल की बीमारियों और शरीर में रक्त संचार बढ़ाने में मदद करती है। ग्रीन टी के फायदे सिर्फ कार्डियोवैस्कुलर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन टी में 2 से 4प्रतिशत कैफीन होता की उपस्थिति तंत्रिका तंत्र, हृदय और मांसपेशियों को उत्तेजित करने के लिए माना जाता है, जो दिमाग में कुछ रसायनों को बाहर निकालता है, जिसको “न्यूरोट्रांसमीटर” कहा जाता है। कैफीन की मात्रा कम होने के कारण यह दिमागी विकास और कांस्ट्रेशन को बढ़ाने में मदद करती है। ग्रीन टी की सेवन से शरीर में यूरिन का उत्पादन बढ़ जाता है। शरीर से जितना यूरिन बाहर निकलता है, उतनी ही बीमारियां से भी बचने में मदद मिल सकती है।
ये टिप्स हेल्दी हार्ट (Healthy heart) के लिए बेहद कारगर माने जाते हैं। इसलिए इन ऊपर बताये टिप्स को हर लोगों को फॉलो करना चाहिए, क्योंकि हेल्दी हार्ट में ही छुपा है हेल्दी लाइफ का राज।
बाहों, बाएं कंधे, कोहनी, जबड़े या पीठ में दर्द होना।
सांस लेने में कठिनाई (Breathing problem) होना।
मतली और थकान महसूस होना।
बार-बार चक्कर आना।
ठंड लगना और पसीना आना।
अगर इनमें से कोई भी स्थिति महसूस होती है, तो देर ना करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से कंसल्ट करें।
अगर आप हार्ट डिजीज (Heart diseases) या कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए चाय के फायदे से जुड़े सवालों का जवाब तलाश कर रहें थें, तो उम्मीद करते हैं कि ये जानकारी आपके लिए लाभकारी होगी। वैसे अगर आप या आपके कोई भी करीबी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (Cardiovascular diseases) से पीड़ित हैं, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से कंसल्टेशन अत्यधिक जरूरी है। क्योंकि ये बीमारियां गंभीर बीमारियों की लिस्ट में शामिल है। अगर इनका समय पर इलाज ना करवाया जाए तो पेशेंट की स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉक्टर के संपर्क में रहने से पेशेंट की हेल्थ कंडिशन (Health Condition) और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है।
स्वस्थ रहने के लिए अपने डेली रूटीन में एक्सरसाइज या योगासन को शामिल करना चाहिए। नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक कर योगासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समझें।
डिस्क्लेमर
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Molecular and Clinical Effects of Green Tea and Fermented Papaya Preparation on Diabetes and Cardiovascular Diseases/https://clinicaltrials.gov/ct2/show/NCT01248143/Accessed on 18/04/2022