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कार्डियोवर्जन (Cardioversion) ट्रीटमेंट प्लान कैसे मदद करता है हार्ट पेशेंट्स की?

    कार्डियोवर्जन (Cardioversion) ट्रीटमेंट प्लान कैसे मदद करता है हार्ट पेशेंट्स की?

    हार्ट बीट इर्रेगुलर है तो इसे एरिथमिया (Arrhythmia) या एट्रिअल फाइब्रिलेशन (Atrial fibrillation) कहा जा सकता है। दिल जब बहुत तेज या असमान रूप से धड़कता है, तो यह खतरनाक हो सकता है। हो सकता है कि यह आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप न कर रहा हो। अनियमित दिल की धड़कन भी स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकती है। जब टैकीकार्डिक रिदम (Tachycardic rhythms) फार्माकोलॉजिकल ट्रीटमेंट का रिस्पॉन्ड देने में फैल हो जाते हैं तो सिंक्रनाइज कार्डियोवर्जन (Cardioversion) ट्रीटमेंट एक चॉइस बन सकता है। डॉक्टर आपको नॉर्मल रिदम को वापस लाने में मदद करने के लिए कार्डियोवर्जन ट्रीटमेंट का सुझाव दे सकते हैं। इस लेख में जानते हैं कि कार्डियोवर्जन क्या है, यह कैसे काम करता है, इसके रिस्क क्या हैं आदि।

    कार्डियोवर्जन (Cardioversion) क्या है?

    कार्डियोवर्जन एक मेडिकल प्रोसीजर है जो कुछ प्रकार के असामान्य दिल की धड़कन (अतालता) वाले लोगों में नॉर्मल हार्ट रिदम को रिस्टोर करती है। यह आमतौर पर सीने पर लगाए गए इलेक्ट्रोड के जरिए से हार्ट को इलेक्ट्रिक शॉक्स भेजकर किया जाता है। दवाओं के साथ कार्डियोवर्जन करना भी संभव है। कार्डियोवर्जन एक निर्धारित प्रक्रिया है जो हॉस्पिटल में की जाती है।

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    कार्डियोवर्जन की जरूरत क्यों होती है? (Why is cardioversion needed?)

    एरिथमिया के इलाज के लिए लोगों के पास नॉन-इमरजेंसी या इलेक्टिव कार्डियोवर्जन है। हार्टबीट को कंट्र्रोल करने वाले इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स हार्ट (एट्रियम) के अपर राइट चैम्बर में शुरू होते हैं। एट्रिअल फिब्रिलेशन में, बहुत तेज, इर्रेगुलर इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स (Irregular electrical signals) हार्ट के दोनों अपर चैम्बर से होकर गुजरते हैं। इससे हार्ट बीट तेज और अनियमित हो सकती है। कुछ लोग जिनको एट्रियल फाइब्रिलेशन होता है, वे अपने महसूस करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं देखते हैं। लेकिन दूसरों को लगता है:

    कार्डियोवर्जन अन्य प्रकार के एब्नॉर्मल हार्ट बीट्स का भी इलाज करता है, जिसमें एट्रियल स्पंदन, एट्रियल टैकीकार्डिया (Atrial tachycardia) और वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया (Ventricular tachycardia) शामिल हैं। कार्डियोवर्जन या डिफिब्रिलेशन (Defibrillation) का उपयोग आपातकालीन स्थितियों में उन लोगों के लिए भी किया जाता है जो सडन लाइफ थ्रेटनिंग एरिथमिया (Sudden life threatening arrhythmias) से पीड़ित होते हैं।

    कार्डियोवर्जन के रिस्क क्या हैं? (Cardioversion risks)

    यदि आपको एट्रियल फाइब्रिलेशन है, तो हार्ट के बाएं एट्रियम में ब्लड क्लॉट्स बन सकते हैं। कार्डियोवर्जन (Cardioversion) बाएं एट्रियम में ब्लड क्लॉट्स को ढीला कर सकता है। यदि क्लॉट (Embolus) आपके ब्रेन तक जाता है, तो यह स्ट्रोक का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए, आपका डॉक्टर आपको दवा दे सकता है (जैसे कि वार्फरिन) जिससे आपके ब्लड क्लॉटिंग की संभावना कम हो जाएगी। यदि डॉक्टर आपको दवा देता है, तो आपको प्रक्रिया से 2 से 3 सप्ताह पहले इसे लेना होगा। इस प्रक्रिया से पहले ब्लड क्लॉटिंग की उपस्थिति की जांच के लिए अक्सर ट्रांसेसोफेजियल इकोकार्डियोग्राफी (Transesophageal echocardiography) का उपयोग किया जाता है।

    यदि आपको इलेक्ट्रिकल कार्डियोवर्जन है (Electrical cardioversion) दिया जा रहा है, तो आपके चेस्ट या पीठ की स्किन जहां पैडल लगाए जाते हैं, इर्रिटेट हो सकती है। आपकी स्किन को बेहतर महसूस कराने के लिए डॉक्टर आपको क्रीम के बारे में बता सकता है। कार्डियोवर्जन (Cardioversion) हमेशा नॉर्मल रिदम वापस नहीं लाते हैं। यदि सामान्य रिदम वापस नहीं आती है, तो आपको दवाओं, पेसमेकर या इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफाइब्रिलेटर (ICD) की आवश्यकता हो सकती है।

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    आप कैसे तैयारी करते हैं?

    कार्डियोवर्जन प्रक्रियाएं आमतौर पर पहले से निर्धारित की जाती हैं। हालांकि, यदि लक्षण गंभीर हैं, तो आपको इमरजेंसी सेटिंग में कार्डियोवर्जन की आवश्यकता हो सकती है। आप आमतौर पर अपनी प्रक्रिया से लगभग आठ घंटे पहले कुछ भी नहीं खा या पी सकते हैं। डॉक्टर आपको बताएगा कि आपकी प्रक्रिया से पहले आपकी कोई भी नियमित दवा लेनी है या नहीं। यदि आप अपनी प्रक्रिया से पहले दवाएं लेते हैं, तो अपनी टैबलेट्स को निगलने के लिए केवल पर्याप्त पानी पिएं।

    कार्डियोवर्जन से पहले, आपके दिल में ब्लड क्लॉटिंग की जांच के लिए एक ट्रांसेसोफेजियल इकोकार्डियोग्राम (Transesophageal echocardiogram) नामक एक प्रक्रिया हो सकती है। कार्डियोवर्जन द्वारा रक्त के थक्के टूट सकते हैं, जिससे लाइफ थ्रेटनिंग कॉम्प्लिकेशन्स हो सकते हैं। डॉक्टर तय करेगा कि कार्डियोवर्जन से पहले आपको ट्रांससोफेजियल इकोकार्डियोग्राम की आवश्यकता है या नहीं।

    यदि आपके डॉक्टर को ब्लड क्लॉट्स मिलते हैं, तो आपकी कार्डियोवर्जन प्रक्रिया में तीन से चार सप्ताह की देरी होगी। उस समय के दौरान, आप कॉम्प्लिकेशन्स के रिस्क को कम करने के लिए ब्लड को पतला करने वाली दवाएं लेंगे।

    कार्डियोवर्जन (Cardioversion) प्रक्रिया के दौरान क्या होता है?

    प्रक्रिया के दौरान आपको सुलाने के लिए आपको IV के माध्यम से दवाएं दी जाएंगी ताकि शॉक्स से कोई दर्द महसूस न हो। डॉक्टर चेस्ट पर कई बड़े पैच लगाते हैं जिन्हें इलेक्ट्रोड कहा जाता है। इलेक्ट्रोड तारों का उपयोग करके एक कार्डियोवर्जन मशीन (डीफिब्रिलेटर) से जुड़ते हैं। मशीन आपकी हार्ट रिदम को रिकॉर्ड करती है और नॉर्मल हार्ट रिदम को रिस्टोर करने के लिए आपके हार्ट को शॉक्स देती है। यदि कार्डियोवर्जन (Cardioversion) के बाद यह बहुत धीमी गति से धड़कता है तो यह मशीन आपके हार्ट रिदम को भी ठीक कर सकती है। एक बार जब आप बेहोश हो जाते हैं, तो इलेक्ट्रिक कार्डियोवर्जन को पूरा होने में आमतौर पर केवल कुछ मिनट लगते हैं।

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    कार्डियोवर्जन (Cardioversion) प्रक्रिया के बाद क्या होता है?

    इलेक्ट्रिक कार्डियोवर्जन एक आउट पेशेंट के आधार पर किया जाता है, जिसका अर्थ है कि आप उसी दिन घर जा सकते हैं जिस दिन आपकी प्रक्रिया पूरी हो जाती है। कॉम्प्लिकेशन्स के लिए बारीकी से निगरानी किए जा रहे रिकवरी रूम में आप एक या दो घंटे बिताएंगे। अगर प्रक्रिया से पहले आपके दिल में कोई थक्का नहीं पाया गया था, तो आप नए थक्कों को बनने से रोकने के लिए अपनी प्रक्रिया के बाद कम से कम कई हफ्तों तक ब्लड थिनिंग मेडिकेशंस लेंगे।

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    कार्डियोवर्जन के रिजल्ट (Cardioversion result)

    अधिकांश लोगों के लिए कार्डियोवर्जन एक रेगुलर हार्ट बीट को जल्दी से रिस्टोर कर सकता है। यह संभव है कि नॉर्मल हार्ट बीट बनाए रखने के लिए आपको अतिरिक्त प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी। डॉक्टर आपके हार्ट हेल्थ में सुधार के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव का सुझाव दे सकता है और ऐसी स्थितियों को रोकने या उनका इलाज करने के लिए सुझाव दे सकता है जो हाई ब्लड प्रेशर जैसे एरिथमिया का कारण बन सकते हैं।

    कार्डियोवर्जन (Cardioversion) आपके केयर प्लान का केवल एक हिस्सा है। आपके लिए जरूरी है कि दवाएं समय पर लें, हार्ट-हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें और अपने फॉलो-अप अपॉइंटमेंट्स को याद रखें। यदि इस विषय से जुड़े हुए आपके पास कोई प्रश्न है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

    उम्मीद करते हैं कि आपको कार्डियोवर्जन (Cardioversion) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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    Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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