home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

दिल के दौरे का दिन में खतरा होता है ज्यादा, कैसे? जानिए!

दिल के दौरे का दिन में खतरा होता है ज्यादा, कैसे? जानिए!

जब भी दिल की समस्याओं की बात आती है, तो सबसे गंभीर और खतरनाक स्थिति का नाम अपने आप हमारे सामने आ जाता है। यह खतरनाक स्थिति है हार्ट अटैक की। हार्ट अटैक एक ऐसी समस्या है, जो मिनटों में व्यक्ति के लिए जान का जोखिम खड़ा कर सकती है। खास तौर पर तब, जब व्यक्ति को मेडिकल हेल्प नहीं मिलती। लेकिन हार्ट अटैक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जो एक दिन में ही नहीं, बल्कि लंबे समय से आपके दिल को प्रभावित कर रहे होते हैं। समय पर इन समस्याओं का इलाज ना होने पर हार्ट अटैक की स्थिति खड़ी हो सकती है। लेकिन आज हम हार्ट अटैक से जुड़ी एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं, जो आपको आश्चर्य में डाल सकती है। हम आपको बताने जा रहे हैं कि दिल के दौरे का दिन में खतरा किस तरह ज्यादा होता है। दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) रात के मुकाबले ज्यादा हो सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक यह बात सामने आई है कि सुबह के समय लोगों में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए दिल के दौरे का दिन में खतरा ज्यादा माना जाता है। इस बारे में अधिक जानकारी लेने से पहले आइए जानते हैं हार्ट अटैक यानी दिल के दौरे (Heart attack) से जुड़ी यह जरूरी बात।

दिल का दौरा (Heart attack) कैसे पड़ता है?

दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) ज्यादा होता है, यह बात आपने अभी जानी, लेकिन दिल का दौरा (Heart attack) कैसे पड़ता है, यह जानना भी आपके लिए बेहद जरूरी है। हार्ट अटैक एक मेडिकल कंडिशन मानी जाती है, जिसमें हार्ट में ब्लड फ्लो रुक जाता है। ज्यादातर मामलों में इस स्थिति में व्यक्ति की जान भी जा सकती है। आमतौर पर हार्ट अटैक (Heart attack) की स्थिति रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल और वसा जैसे पदार्थों के जमने की वजह से होती है। यह सभी चीजें रक्त वाहिकाओं में जमकर उसे संकरा बना देती है और इसकी वजह से खून के प्रवाह में रुकावट पैदा होती है। जिसका समय पर इलाज न कराया जाए तो यही स्थिति दिल के दौरे में तब्दील हो जाती है। आमतौर पर ह्रदय के आसपास ब्लड फ्लो के लिए जिम्मेदार मानी जाने वाली कोरोनरी आर्टरी (Coronary artery) में यह समस्या आती है। ब्लड फ्लो में रुकावट आने की वजह से दिल का काम पूरी तरह या आंशिक रूप से रुक जाता है, जो एक जानलेवा स्थिति पैदा करता है। हालांकि दिल के दौरे की स्थिति से निपटने के लिए आजकल कई तरह की के इलाज उपलब्ध हैं, लेकिन यह इलाज तभी कारगर माने जाते हैं, जब समय पर रोगी को सहायता मिले।

और पढ़ें: ज्यादा नमक खाना दे सकता है आपको हार्ट अटैक

दिल के दौरे की समस्या कितनी सामान्य है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हार्ट डिजीज से होने वाली मौतों में 80% लोगों की मृत्यु इस्केमिक हार्ड डिजीज और स्ट्रोक के कारण होती है। यह आंकड़े समय के साथ बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि दिल के दौरे से संबंधित बातों के बारे में आपको जानकारी होना चाहिए। यही वजह है कि दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) कैसे बढ़ता है, यह जानकारी आपको होई चाहिए। आइए जानते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें।

दिल के दौरे का दिन में खतरा क्यों होता है ज्यादा? (Risk of heart attack in day)

दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day)

ब्रिघम एंड विमेंस हॉस्पिटल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) ज्यादा माना जाता है। आमतौर पर सुबह 6 बजे से दोपहर के बीच पड़ने वाले दिल दौरे ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं। क्योंकि बाकी समय की तुलना में इस समय डेड मसल सेल 20% ज्यादा पाए जाते हैं। दरअसल जब आप नींद से उठते हैं, तो दिल को ज्यादा काम करने की जरूरत होती है और इस समय में हमारी धमनिया ज्यादा संकुचित होती हैं। यही वजह है कि इस दौरान रक्त में बनने वाले थक्कों को खत्म करने की क्षमता इन धमनियों में नहीं रहती। हर व्यक्ति की एक बॉडी क्लॉक होती है, जिसकी वजह से कार्डियोवैस्कुलर प्रतिक्रियाएं प्रभावित होती हैं। जब व्यक्ति नींद से उठ रहा होता है, तब यह कार्डियोवैस्कुलर प्रतिक्रियाएं (Cardiovascular reactions) प्रभावित होती हैं। आमतौर पर हार्ट अटैक (Heart attack) की स्थिति कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज की वजह से होती है, जसकी वजह से ऑक्सीजन की कमी के चलते हार्ट मसल्स काम करना बंद कर देती है। जिसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। व्यक्ति के शरीर में जो बॉडी क्लॉक होती है, उसे सर्काडियन रिदम (Circadian rhythm) के नाम से जाना जाता है, जो मस्तिष्क और शरीर की सभी कोशिकाओं द्वारा नियंत्रित की जाती है। यह सर्काडियन रिदम सिस्टम सायकोलॉजिकल पैरामीटर को रेग्यूलेट कर सकता है। यही वजह है कि यह व्यक्ति को अपने समय के मुताबिक ज्यादा संवेदनशील बना सकती है। यही सर्काडियन रिदम सिस्टम सुबह के दौरान रक्त के थक्के को खत्म करने की क्षमता नहीं रखता, जिसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

एक रिसर्च में यह पाया गया कि सुबह 6 बजे के दौरान सर्काडियन रिदम सिस्टम PAI-1 सेल्स को अधिक मात्रा में रिलीज करता है। यह सेल्स रक्त के थक्के को तोड़ने से रोकते हैं। यदि किसी व्यक्ति में यह सेल्स सुबह के समय ज्यादा मात्रा में रिलीज हो जाएं, तो उस व्यक्ति को हार्ट अटैक (Heart attack) या स्ट्रोक की समस्या हो सकती है। यही वजह है कि दिल के दौरे का दिन में खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। जैसा कि आपने जाना दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) ज्यादा बढ़ जाता है, ऐसी स्थिति में आपको इसके लक्षणों के बारे में जरूर पता होना चाहिए। आइए जानते हैं दिल के दौरे से जुड़े लक्षणों के बारे में।

दिल के दौरे के ये लक्षण पहचानने हैं जरूरी!

दिल का दौरा (Heart attack) किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए जल्द से जल्द इसके लक्षणों पर ध्यान देकर आपको मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ती है। यह लक्षण आपको अचानक व्यक्ति में दिखाई दे सकते हैं, जिसका समय पर इलाज न हो, तो व्यक्ति की लिए जान का जोखिम भी खड़ा हो सकता है। इसलिए आपको हर्ट अटैक के इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।

  • सीने और हाथ के हिस्सों में दबाव, दर्द, सनसनाहट या खिंचाव महसूस होना
  • अचानक चक्कर आना
  • सीने में जलन होना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • अचानक ज्यादा पसीना आना
  • अचानक थकावट और घबराहट का महसूस होना

जब आपको व्यक्ति में यह लक्षण दिखाई दें, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अलग-अलग लोगों में हार्ट अटैक के अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लेकिन आमतौर पर इसी तरह के लक्षण लोगों में नजर आ सकते हैं। कई स्थितियां ऐसी होती हैं, जब बिना किसी लक्षण के रोगी को हार्टअटैक हो सकता है। इसलिए यदि व्यक्ति किसी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (Cardiovascular disease) से ग्रसित है, तो उसे रेग्यूलर चेकअप की जरूरत पड़ सकती है। दिल का दौरा (Heart attack) पड़ने की स्थिति में आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए, जिससे डॉक्टर समय पर इसका इलाज शुरू कर सकें। हार्ट अटैक की स्थिति पैदा ना हो, इसलिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत पड़ सकती है। दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) बढ़ने से रोकना आपके लिए तब मुमकिन है, जब आप अपनी लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित बातों में बदलाव लेकर आते हैं। इसके अलावा आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है, आइए जानते हैं हार्ट अटैक से बचाव के क्या तरीके हो सकते हैं।

दिल के दौरे से बचाव के लिए ये तरीके हो सकते हैं कारगर!

दिल के दौरे से बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है, जिसमें से कुछ बातें आपकी लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई होती हैं। वहीं कुछ बातें कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं और इससे जुड़े कॉम्प्लिकेशन से जुड़ी हो सकती हैं। दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) टालने के लिए आपको यह बचाव के तरीके अपनाने चाहिए –

  • धूम्रपान से दूर रहें
  • ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें
  • कोलेस्ट्रॉल ना बढ़ने दें
  • रोजाना एक्सरसाइज करें
  • वजन को संतुलित बना कर रखें
  • डायबिटीज को सामान्य रखें
  • स्ट्रेस से दूर रहें
  • शराब का सेवन ना करें

यह सभी बातें दिल के दौरे का कारण बन सकती हैं। साथ ही यदि आपको कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं हैं, तो आपको रेग्यूलर चेकअप डॉक्टर से करवाना चाहिए। जिससे दिल के दौरे का दिन में खतरा टाला जा सके। दिल के दौरे का दिन में खतरा (Risk of heart attack in day) तब बढ़ता है, जब आप पूरी तरह से नींद नहीं लेते। अपनी नींद को पूरा करें और नींद ना आने की समस्या होने पर डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। अपनी सेहत का ध्यान रखकर ही आप दिल के दौरे का दिन में खतरा टाल सकते हैं और एक स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं।

health-tool-icon

बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड