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कोरोना के दौरान कैंसर मरीजों की देखभाल में रहना होगा अधिक सतर्क, हो सकता है खतरा

कोरोना के दौरान कैंसर मरीजों की देखभाल में रहना होगा अधिक सतर्क, हो सकता है खतरा

जैसा कि हम जानते हैं कि कोविड- 19 नोवेल कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी है, जो पिछले साल दिसंबर में शुरू हुई थी और विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे महामारी घोषित कर चुका है। ऐसा माना जाता है कि, इस वायरस का स्रोत चमगादड़ हैं, जिनसे यह संक्रमण पैंगोलिन या अन्य किसी जानवर के द्वारा मनुष्य में फैला है। हालांकि, इसकी प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन, अभी तक के शोध में यह बात भी सामने आई है कि, क्रोनिक डिजीज से ग्रसित व्यक्तियों को इस खतरनाक वायरस के संक्रमण का डर ज्यादा होता है और मृत्यु दर भी ऐसे मरीजों या बुजुर्गों में ज्यादा पाई गई है। ऐसे में कैंसर मरीजों की देखभाल में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। आइए, जानते हैं कि आप कैंसर मरीजों की देखभाल कैसे कर सकते हैं और अस्पताल द्वारा क्या तैयारियां की गई हैं।

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कोरोना के दौरान कैंसर मरीजों की देखभाल में सतर्कता क्यों जरूरी है?

आपको बता दें कि, कोरोना वायरस की बीमारी कोविड- 19 की चपेट में कैंसर जैसी क्रोनिक डिजीज के मरीजों के आने का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे मरीजों में यह वायरस गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक होता है। जानकारी के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण मामूली से गंभीर लक्षण दिख सकते हैं। जिसके बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर वेंटिलेटर की जरूरत तक हो सकती है। इसके अलावा, वायरस के संपर्क में आने पर किसी व्यक्ति में 5 से 14 दिन के भीतर लक्षण दिख सकते हैं, जिसके बाद सेल्फ आइसोलेशन किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में कैंसर मरीजों की देखभाल में अधिक सतर्कता की जरूरत है।

क्योंकि कैंसर एक क्रोनिक रोग है और इसमें मृत्यु दर अधिक है। कैंसर की बीमारी लगातार बढ़ती रहती है, बशर्ते कि इसे एक खास समय सीमा के भीतर रोका नहीं जाए। ऐसी स्थिति में रेडिएशन थेरिपी (निर्धारित समय-सीमा में) लेने वाले कैंसर मरीजों की देखभाल और उनका उपचार जारी रखने की जरूरत होती है। कैंसर के मरीजों के लिए उपचार रोकने का विकल्प नहीं होता है और ऐसे में मरीजों, उनकी देखभाल करने वालों तथा चिकित्सा कर्मियों के लिए कोविड- 19 के संक्रमण की रोकथाम करना जरूरी होता है और इस समूह के मरीजों में इस बीमारी को फैलने से रोकना जरूरी है।

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कोरोना वायरस: कैंसर मरीजों की देखभाल कैसे करें?

कैंसर मरीजों की देखभाल अधिक जरूरी है, क्योंकि कीमोथेरिपी या रेडियोथेरिपी लेने वाले पीड़ितों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसी स्थिति में उनको खतरनाक वायरस से संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। लेकिन, कुछ अधिक एहतियात और सावधानी बरतकर इस जोखिम को कम किया जा सकता है। आइए, इन सावधानियों के बारे में जानते हैं

  1. कैंसर मरीजों को गैर-जरूरी तनाव से बचने के लिए जानकारों को उनमें कोरोना वायरस के किसी भी लक्षण दिखने पर फोन या मैसेज करके बताने के लिए मना करें।
  2. लोगों से मिलना कम करें।
  3. अगर बहुत ही अधिक जरूरी है, तो मिलने वालों से पहले अच्छी तरह हाथ धोने के लिए कहें।
  4. मिलने वालों और खुद के बीच कम से कम 2 मीटर का फासला रखें।
  5. आपकी आपातकालीन स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए एक सुव्यवस्थित प्लान बनाएं, जिसमें कोरोना वायरस की चपेट में आने का खतरा बिल्कुल न हो।
  6. अपनी जरूरी दवाइयों और मेडिकल सहायता का स्टोर पूरा रखें, ताकि किसी भी वस्तु की कमी न हो।
  7. अगर संभव है, तो थोड़ा सा फिजिकली एक्टिव रहें।
  8. एक समय पर एक या दो व्यक्तियों से ज्यादा लोगों से न मिलें।
  9. मिलने वाले लोगों से हाथ न मिलाएं।
  10. दोस्त या परिवार से खुद को बिल्कुल अलग न करें। इससे दिमागी तनाव बढ़ सकता है।

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अस्पताल में कैंसर के मरीजों की देखभाल में क्या सावधानी बरती जानी चाहिए?

मेदांता मेडिसिटी के कैंसर इंस्टीट्यूट के रेडिएशन ओंकोलॉजी की प्रमुख डॉ. तेजिन्दर कटारिया के मुताबिक, ‘अस्पताल में भर्ती कैंसर के मरीज की देखभाल में पूरी सतर्कता बरती जानी चाहिए। मरीजों की प्रत्येक सप्ताह ब्लड टेस्ट की जरूरत पड़ती है, इस दौरान उनकी पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्हें उच्च प्रोटीन वाला आहार दिया जाना चाहिए और इसके अलावा अस्पताल आने वाले मरीजों को खुद की स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए और सभी निर्देशों का पालन करना चाहिए।’

उनके मुताबिक, अस्पताल में कैंसर मरीजों की देखभाल के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को बहुत ही सावधानी के साथ हाथ धोना, मास्क, ग्लोब और हॉस्पिटल स्क्रब का प्रयोग करना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों या नए मरीजों या उनकी देखभाल करने वालों की जांच थर्मल सेंसर के जरिए प्रवेश द्वार पर ही की जानी चाहिए और उनसे पिछले 15 दिन की ट्रेवल हिस्ट्री व बुखार, शारीरिक दर्द, खांसी, जुकाम आदि लक्षणों के बारे में पर्याप्त जानकारी लेनी चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो उन्हें प्रवेश द्वारा से बाहर रहने और किसी इंफेक्शन डिजीज के एक्सपर्ट से मिलने की सलाह दी जानी चाहिए।

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कोरोना वायरस: कैंसर मरीजों के अस्पताल विजिट के दौरान की सावधानी

अगर कोई कैंसर मरीज थेरिपी या अन्य जरूरी टेस्ट व ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल आता है, तो उसे अपने साथ केवल एक व्यक्ति को अस्पताल लाने के लिए कहा जाना चाहिए और दोनों को मास्क जैसी पर्सनल हाइजीन का पूरा ध्यान रखना चाहिए। रिसेप्शन के कर्मचारियों को मरीजों से अलग रखा जाना चाहिए औऱ हर मरीज के बीच तीन फीट की दूरी रखनी चाहिए। मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों को अस्पताल आने के लिए एक अनुमित पत्र दिया जाता है, जिससे वह आसानी से कैंसर मरीजों की देखभाल और उपचार के लिए अस्पताल आ सकें। सुरक्षा की दृष्टि से मरीजों और उनके साथ आए व्यक्तियों के इंतजार करने की जगह से पत्रिकाओं, पुस्तकों और समाचार पत्रों को हटा देना चाहिए और अस्पताल में परिसर और सतहों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

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पहले की महामारियों और कोरोना वायरस की स्थिति में क्या अंतर है?

दुनिया ने पहले भी बुबोनिक प्लेग और इंफ्लुएंजा जैसी महामारी का सामना किया है। पहले की तुलना में इस बार की महामारी में एक अंतर यह है कि आज डिजीटल माध्यमों के जरिए कुछ घंटों के भीतर पूरी दुनिया में जानकारियों का प्रसार हो सकता है। इस माध्यम का उपयोग सीखने तथा उन व्यवहारों को अपनाने के लिए होना चाहिए, ताकि कोविड- 19 के संक्रमण तथा इसके कारण होने वाली मौतों को कम किया जा सके।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 6/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 6/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 76 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200405-sitrep-76-covid-19.pdf?sfvrsn=6ecf0977_2 – Accessed on 6/4/2020

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Cancer Care Delivery Challenges Amidst Coronavirus Disease – 19 (COVID-19) Outbreak: Specific Precautions for Cancer Patients and Cancer Care Providers to Prevent Spread – http://journal.waocp.org/article_89005_ad3299322ce5cdc2dd295044b16505b7.pdf – Accessed on 6/4/2020

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Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/07/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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