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कोविड-19 और अल्जाइमर मरीजः जानिए रोगी की देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के बताए हुए उपाय

कोविड-19 और अल्जाइमर मरीजः जानिए रोगी की देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के बताए हुए उपाय

कोरोना वायरस के समय बुजुर्गों के जीवन को सबसे ज्यादा खतरा है। यही कारण है कि बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर हर घर में बहुत ही अधिक सतर्कता अपनाई जा रही है। जिस तरह विश्व में कोरोना का कहर फैला हुआ है, उसमें अधिकांश लोग यह तो जानते होंगे कि कोविड-19 के संक्रमण से बचने और बुजुर्गों को बचाने के लिए क्या-क्या उपाय करने हैं, लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि कोरोना वायरस के समय आपको किसी अल्जाइमर मरीज की सुरक्षा कैसे करनी है। हम यहां आपको बताएंगे कि कोरोना वायरस के समय आपको क्या-क्या सावधानी रखनी है और अल्जाइमर मरीज की सुरक्षा कैसे करनी है। जानिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा बताए गए उपाय।

कोविड-19 और अल्जाइमर मरीज के लिए रखें इन बातों का ध्यान

अल्जाइमर भूलने की एक बीमारी है। आपने देखा होगा कि वृद्धावस्था में कई लोगों को भूलने की बीमारी हो जाती है। इसे ही अल्जाइमर रोग कहते हैं। इस बीमारी में रोगी को पिछली बातें याद नहीं रहतीं। हालांकि अलग-अलग लोगों में बीमारी की गंभीरता अलग-अलग तरह की हो सकती है। यह भी जरूरी नहीं है कि सभी बुजुर्गों को यह बीमारी हो।

कोविड 19 लॉक डाउन में अल्झाइमर मरीजों की देखभाल - Alzheimer Patient's Care During Covid-19 lockdown

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60 साल से अधिक उम्र के लोगों को होती है बीमारी

इस रोग में बुजुर्गों की याद्दाश्त कम हो जाती है। वे उचित निर्णय नहीं ले पाते हैं। बुजुर्गों को बोलने में परेशानी होने लगती है। इस कारण वे दूसरे लोगों से कटे-कटे से रहने लगते हैं। आमतौर पर 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यह बीमारी होती है।

सोशल डिस्टेसिंग अपनाते हुए बुजुर्गों की देखभाल करना बनी चुनौती

अभी पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप फैला हुआ है, इस परिस्थिति में यह सलाह दी जाती है कि बुजुर्ग से दूरी बनाए रखें, ताकि उनका जीवन सुरक्षित रहे। इस परिस्थिति में किसी बुजुर्ग की देखभाल करना आपके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए आपको मन में यह सवाल आता होगा कि कोविड-19 के समय आप अल्जाइमर मरीज की देखभाल या इलाज कैसे करेंगे।

कोविड-19 और अल्जाइमर मरीज को लेकर सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन एजिंग एंड हेल्थ के निदेशक टॉम मेउसर ने कहा, “इस समय सभी लोगों का जीवन संकट में हैं और इसका कोई उचित समाधान अभी तक उपलब्ध नहीं है, लेकिन इस समय आपको घर के किसी डिमेंशिया रोगी की देखभाल भी करनी है। इसमें आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन अगर आप कोविड-19 के दौरान इन बातों का ध्यान रखें और इनका पूरी तरह पालन करें, तो अल्जाइमर रोगी की देखभाल अच्छे से कर सकते हैं।”

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बुजुर्गों की स्वच्छता पर दें पूरा ध्यान

अल्जाइमर एसोसिएशन के केयर एंड सपोर्ट विभाग की वाइस प्रेसिडेंट बेथ कॉलमायर ने कहा, “अल्जाइमर और इस तरह की दूसरी मानसिक बीमारियों वाले मरीजों में एक बात सामान्य रूप से देखी जाती है कि ये लोग अपने हाथों को धोना भूल सकते हैं। ऐसे में अगर आप अल्जाइमर रोगी की देखभाल कर रहे हैं, तो सबसे पहले उनकी साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान दें।”

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बुजुर्गों में 20 सेकेंड तक हाथ धोने की आदत डालें

बेथ कॉलमायर ने यह भी कहा कि घर के सदस्य ही अल्जाइमर रोगी की देखभाल कर सकते हैं। इसके लिए आप दिन भर में बुजुर्गों के हाथ धोने का टाइम निर्धारित कर लें और उसी समय पर उनसे हाथ धुलवाएं। बाथरूम या रसोई में जाने पर उन्हें 20 सेकंड तक हाथ धोने की याद दिलाएं। अगर आप लगातार बुजुर्गों को इन चीजों की याद दिलाएंगे, तो इससे उनके व्यवहार में बदलाव आएगा और वे अपनी आदत को सुधारने में सफल हो सकते हैं।

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खुद के उदाहरण से बुजुर्गों को दें ट्रेनिंग

टॉम मेउसर ने यह भी कहा, “चारो तरफ कोरोना वायरस का प्रकोप फैला हुआ है और सभी लोग इससे डरे हुए हैं, इसलिए संभव है कि इस माहौल में अल्जाइमर के मरीज घर से बाहर नहीं निकलते हों या किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में नहीं आते हों। अगर ऐसा होता है, तो मरीज को होने वाले जोखिम की संभावना कम हो जाती है। अगर ऐसे रोगी घर से बाहर जाते हैं, तो फिर ये आपके लिए चिंता की बात हो सकती है।” कोविड-19 और अल्जाइमर रोगियों की देखभाल

इस परिस्थिति में आपको बुजुर्गों में स्वच्छता की आदत डालने में काफी परेशानी हो सकती है, क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि वे आपकी बातों को सीखें और याद भी रखें। अगर ऐसा हो, तो आपको उन्हें ट्रेनिग देनी होगी। बुजुर्गों के सामने आप खुद स्वच्छता के नियम अपनाएं, ताकि वे आपको देखकर आपकी तरह करने की कोशिश करें।

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बुजुर्गों को घर से बाहर न जाने दें

एजिंग लाइफ केयर एसोसिएशन की प्रेसिडेंट लिज बारलोवी के अनुसार, “कोरोना वायरस एक भयंकर महामारी है और यह परिस्थिति हर अल्जाइमर मरीज के लिए चुनौतीपूर्ण है। इसका बड़ा कारण है कि अल्जाइमर रोगी इस स्थिति की भयावहता को ठीक से समझ नहीं सकते हैं। इसलिए मेरी सलाह है कि ऐसे मरीज के परिजन, बुजुर्गों की देखभाल के साथ-साथ उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें।” रोगी को घर से बाहर न जाने दें। जब तक बहुत जरूरी न हो, डॉक्टर के पास भी न जाने दें। ऐसा तब तक करें, जब तक कि विश्व में स्थिति पूरी तरह अनुकूल न हो जाए।

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कोविड-19 और अल्जाइमर मरीजः टेक्नोलॉजी की मदद से करें बुजुर्गों की देखभाल

अल्जाइमर एसोसिएशन के केयर एंड सपोर्ट विभाग की वाइस प्रेसिडेंट बेथ कॉलमायर ने आगे कहा, “कोरोना वायरस के समय लोग कई तरह की सुरक्षा उपाय कर रहे हैं। लोग अपने घरों में बंद हैं। घर के बाहर के लोगों से दूरी बना रहे हैं। क्वारंटाइन और आइसोलेशन में हैं। यहां तक कि घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग अपना रह रहे हैं। ऐसे में यह संभावना हो सकती है कि घर के सदस्यों की कई दिनों तक बुजुर्गों से मुलाकात भी न हो पाए। कई बुजुर्ग बेटे-बेटियों से दूर अकेले भी जीवन जी रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण सभी फंसे हुए हैं। इन लोगों की देखभाल के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए।”

कोविड-19 और अल्जाइमर मरीज - covid-19 aur Alzheimer patients

उन्होंने कहा कि अगर बुजुर्ग आपके पास रहते हैं, तो घर के एक सदस्य को बुजुर्गों की देखभाल की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर बुजुर्ग घर से दूर रहते हैं, तो एक ऐसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लें, जो हमेशा बुजुर्गों का ध्यान रख सकें। जो भी बुजुर्गों की देखभाल कर रहा हो, उसे बुजुर्गों को दी जाने वाली दवाई की पूरी जानकारी दें। डॉक्टर से उनकी देखभाल करने संबंधी सलाह लें। बुजुर्गों के मन को बहलाने के लिए उनसे बात करें। फोटो, सोशल मीडिया साइट्स और गेम आदि की लिस्ट बना लें, जिनके जरिए बुजुर्गों को बिजी रखा जा सके।

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वीडियो चैटिंग से रखें बुजुर्गों को बिजी

टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म फेलो में आईटी विभाग के प्रमुख डैन ओडोमिरोक का कहना है, “रचनात्मक तरीकों से भी बुजुर्गों को बिजी रखा जा सकता है। अगर बुजुर्ग दूर रहते हैं, तो परिवार के सदस्य उनके साथ वीडियो चैटिंग कर सकते हैं। इसके अलावा डिनर पार्टी, जन्मदिन या सालगिरह आदि का भी आयोजन कर सकते हैं। बुजुर्गों को ऑनलाइन गेम में चुनौती देकर भी बिजी रख सकते हैं। अगर बुजुर्ग अकेलापन महसूस कर रहे हैं, तो तकनीक की सहायता से उनके पुराने दोस्तों से उनकी बात कराएं।”

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कोरोना ने सीमित की बुजुर्गों की सामाजिक गतिविधियां

डैन ओडोमिरोक ने आगे कहा कि नर्सिंग होम या दूसरे लोगों की देखभाल में रहने वाले सीनियर्स ऑफ साइट ट्रिप, नाइट्स गेम, और फिटनेस क्लास जैसी जरूरी सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा नहीं बन पाते हैं। इनको अपने कमरे या अपार्टमेंट तक ही सीमित रहना पड़ सकता है। ऐसे में तकनीक के सहारे इनको बिजी रखकर दुनिया से जोड़ा जा सकता है।

बुजुर्गों को नोवल कोरोना वायरस महामारी के बारे में बताएं

बेथ कॉलमायर यह भी कहती हैं, “दुनिया में फैले कोरोना वायरस के कहर के बारे में अल्जाइमर मरीज को बताएं, ताकि वे परिस्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकें। अगर मरीज की बीमारी बहुत गंभीर नहीं है, तो वे इस स्थिति को समझ सकते हैं। उनको समझाने के लिए आसान तरीका अपनाएं। उनसे बोलें कि सभी को घर में ही रहना है क्योंकि यही जीवन को बचाने का सबसे सुरक्षित उपाय है। उनको यह भी समझाएं कि आप उनके साथ हैं और सब धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा।”

कोविड-19 और अल्जाइमर मरीज

आप अपने प्रियजन के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं और अगर आप उनको समझाएंगे, तो संभव है कि वे समझा जाएं और परेशान न करें।

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अपने तनाव को ऐसे करें दूर

बेथ कॉलमायर ने आगे बताया, “कोविड-19 के कारण सभी लोगों का जीवन तनावपूर्ण स्थिति में बीत रहा है और जो लोग अल्जाइमर मरीज की देखभाल कर रहे हैं, वे दूसरे व्यक्ति की तुलना में अधिक तनावग्रस्त हो सकते हैं। इसलिए इन लोगों को अपना ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि ये लोग स्वस्थ होंगे, तभी बुजुर्गों का ध्यान रख पाएंगे।” अल्जाइमर एसोसिएशन द्वारा महामारी की चिंता को कम करने के इन तरीकों को अपनाकर आप अपना तनाव कम कर सकते हैंः-

  • अपने स्ट्रेस लेवल का ध्यान रखें
  • तनाव को कम करने के लिए घर के कामों में हाथ बटाएं। कपड़े को ठीक करें, खाना बनाएं। इन कामों में ध्यान बंटाकर मन बहला सकते हैं।
  • अगर सोशल मीडिया आपको तनावग्रस्त कर रहा है, तो इससे दूर रहें।
  • न्यूज पर कम से कम ध्यान दें।

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बुजुर्गों के साथ कम्प्यूटर पर खेलें गेम

सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन एजिंग एंड हेल्थ के निदेशक टॉम मेउसर ने यह भी सलाह दी, “आप ऑनलाइन माध्यम (Zoom, Google Hangout या Skype) का उपयोग करके भी अपने आपको और घर के दूसरे सदस्यों को भी बिजी रख सकते हैं। आप उनको अपने साथ कंप्यूटर पर कहानी सुनाने या खेल आदि में व्यस्त रखें। अगर आपके घर में एक से अधिक सदस्य हैं, तो सभी 30-30 मिनट तक बुजुर्गों के साथ समय बिताने का उपाय करके उनके अकेलेपन को दूर कर सकते हैं।”

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उम्मीद है कि ये सभी उपाय आपके काम आएंगे। आप कोविड-19 के समय इनका पालन करेंगे और अल्जाइमर मरीज की अच्छे से देखभाल कर पाएंगे।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

All accessed on 04/05/2020

1.Caring for Someone with Alzheimer’s During the COVID-19 Outbreak: 5 Tips-https://www.healthline.com/health-news/caring-for-people-with-alzheimers-during-covid-outbreak 2.Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus- 3.Coronavirus disease (COVID-19) Pandemic –https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019 4.India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-2019 5.#IndiaFightsCorona COVID-19 –https://www.mygov.in/covid-19

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Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/09/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड