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भारत में इस साल 67 हजार डेंगू के मामले रिकॉर्ड, जानें इससे बचाव के तरीके

भारत में इस साल 67 हजार डेंगू के मामले रिकॉर्ड, जानें इससे बचाव के तरीके

नेशनल वेक्टर बोर्न डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम (NVBDCP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक भारत में 67,000 से अधिक लोग डेंगू का शिकार हो चुके हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि 15 अक्टूबर तक इस बीमारी ने 48 लोगों की जान भी ले ली है।

डेंगू इस समय भारत में सबसे बड़ी स्वास्थ्य परेशानियों में से एक है। एनवीबीडीसीपी (NVBDCP) के डेटा से पता चलता है कि 2018 में एक लाख से अधिक लोगों में डेंगू डायग्नोस किया गया और लगभग 172 की डेंगू से मौत हुई। इसके अलावा एनवीबीडीसीपी(NVBDCP) के पुराने आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2017 इस मामले में और भी खराब स्थिति में रहा था। इस साल 1.88 लाख लोगों को डेंगू हुआ था और 325 लोगों की मृत्यु इस बीमारी के कारण हुई थी।

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डेंगू होने का कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू वायरस के वेक्टर के लिए देश की गर्म और उमस भरी जलवायु एडीज एजिप्टी(Aedes aegypti ) मच्छर के विकास के अनुकूल है। इस साल बिहार और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ की वजह से हुई गंदगी भी मच्छरों के लार्वा को बढ़ने का कारण बने, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारें मच्छरों की ब्रीडिंग पर जांच करती रहती हैं और बीमारी के उपचार और डायग्ननोसिस को बेहतर बनाने पर काम करती हैं, आप भी खुद को और अपने परिवार को इससे बचाने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।

डेंगू के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू वायरस के वेक्टर या वाहक देश की गर्म और उमस भरी जलवायु एडीज एजिप्टी मच्छर के पैदा होने के लिए अनुकूल है। वहीं विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इस साल बिहार और महाराष्ट्र में आई बाढ़ और उनके बाद पीछे रह गई गंदगी भी मच्छरों को लार्वा को प्रजनन के आधार को बढ़ा दिया है, जिससे इसका जोखिम और बढ़ेगा।

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डेंगू के बारे में यह जानने की है जरूरत

डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। डेंगू का मच्छर आमतौर पर दिन के दौरान काटता है और साफ पानी में ब्रीडिंग करता है। यह गर्मी और उमस की स्थितियों में पनपता है।

डेंगू के लक्षण इंफेक्शन होने के 3 से 14 दिन बाद दिखाई दे सकते हैं, जिसमें बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, चकत्ते और आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण सामान्य है।

एक बार बुखार कम हो जाने पर, कुछ लोग डेंगू हेमोरेजिक बुखार,डीएचएफ (dengue hemorrhagic fever,DHF) से ग्रसित हो जाते हैं। डीएचएफ एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके लक्षणों में पेट में दर्द, उल्टी, ब्लीडिंग के साथ कम प्लेटलेट काउंट (थ्रोम्बोसाइटोपेनिया) भी शामिल हैं। गंभीर मामलों में व्यक्ति को मानसिक भ्रम(mental confusion), लिवर में सूजन(swelling of the liver ) और सरक्यूलेट्री सिस्टम फेल्योर (circulatory system failure) भी हो सकता है।

डेंगू का कोई टीका( vaccine) नहीं है। रोकथाम के लिए मच्छर के काटने से बचना और वेक्टर की ब्रीडिंग को ही रोका जा सकता है।

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डेंगू टेस्ट

डेंगू का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट से तीन चीजें जांची जाती हैं। NS1 एंटीजन टेस्ट, एक सप्ताह के अंदर किया जाता है। जब मरीज में लक्षण दिखाना शुरू हो जाता है, तो यह डेंगू वायरस को ढ़ूढ़ता है। हमारा इम्यून सिस्टम डेंगू इंफेक्शन से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है, ये एंटीबॉडी दूसरे सप्ताह से ब्लड टेस्ट में दिखाई देने लगते हैं। तीसरा, और शायद सबसे जरुरी बात जो इस टेस्ट से पता चलती है वह है, डेंगू टेस्ट प्लेटलेट काउंट, यह आमतौर पर बीमारी की शुरुआत से तीसरे सप्ताह में किया जाता है।

डेंगू से बचाव

डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल(National Health Portal of India ) इन बातों को बताता है:

  • एडीज मच्छर रुके हुए पानी में ब्रीडिंग करते हैं, अपने आस-पास सफाई रखें और जलभराव से बचें
  • सप्ताह में कम से कम एक बार अपने कूलर, ड्रम, बाल्टी, और फूलदानों से पानी बदलें
  • सभी पानी के कंटेनरों को अच्छी तरह से ढक दें
  • मच्छर के काटने से बचने के लिए मच्छर भगाने वाले क्रीम या जाल(मच्छरदानी) का प्रयोग करें। अगर आपको किसी ऐसे क्षेत्र में जाना है जहां बीमारी ज्यादा फैली हुई है, तो डीईईटी-आधारित रिपेलेंट का उपयोग करें
  • डेंगू के मच्छर को अपने घर में घुसने से रोकने के लिए आप विंडो स्क्रीन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं
  • जब आप बाहर जाते हैं, तो अपने पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
  • पीने के पानी के लिए, टेमेफोस(Temefos ) जैसे रासायनिक लार्विसाइड का उपयोग किया जा सकता है
  • मच्छरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशक स्प्रे के साथ नियमित रूप से फॉगिंग प्रभावी है
  • दूसरों को बीमारी देने से बचने के लिए पहले सप्ताह के डेंगू के दौरान रोगियों को भी मच्छरदानी में रहना चाहिए।

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डेंगू के मरीज क्या खाएं और क्या नहीं।

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/12/2019 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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