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एक्सपर्ट टिप्सः सिर्फ इन 3 नियमों से करें डेंगू का इलाज

एक्सपर्ट टिप्सः सिर्फ इन 3 नियमों से करें डेंगू का इलाज

हैलो हेल्थ टीम की डॉक्टर श्रुति श्रीधर ने तीन ऐसे मरीजों से बात की जो बीते मॉनसून के दौरान डेंगू का शिकार हुए थे। उन्होंने उनसे यह जानना चाहा कि डेंगू के दौरान उन्होंने डेंगू का इलाज करने के लिए किस तरह के तरीके अपनाएं थे। बता दें कि, डेंगू मॉनसून के दौरान पूरे भारत में होने वाली सबसे आम बीमारी होती है। यह मच्छरों से होने वाला वायरल इंफेक्शन होता है, जो फ्लू जैसी गंभीर बीमारी का भी कारण बन सकता है। डेंगू हैमरेजिक बुखार जैसी गंभीर जटिलता विकसित कर सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, पिछले 50 सालों में डेंगू के मामलों में 30 फीसदी वृद्धि हुई है और यह डराने वाली बीमारी बन गई है। इसलिए समय रहते डेंगू का इलाज करना बहुत जरूरी होता है।

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3 जरूरी नियमों से कर सकते हैं डेंगू का इलाज

डेंगू को ‘बोन ब्रेक’ फीवर भी कहा जाता है। डेंगू के लक्षणों में शामिल हैंः

  • तेज सिरदर्द होना
  • बहुत तेज बुखार होना
  • मितली आना
  • उल्टी होना
  • मांसपेशियों में गंभीर दर्द होना
  • जोड़ों में गंभीर रूप से दर्द होना
  • बहुत ज्यादा थकान महससू करना
  • पूरे शरीर पर छोटे लाल दाने निकलना, आदि।

इसके अलावा कई बार डेंगू के लक्षणों में ग्रंथियों में सूजन की भी समस्या हो सकती है। डेंगू के लक्षण दो से सात दिनों तक रहते हैं जिसके बाद मरीज थोड़ा बेहतर महसूस करने लग सकता है। अब आपको डेंगू के लक्षणों के बारे में तो पता चल गया। यहां हम तीन नियम बताने जा रहे हैं जिसे अपना कर आप आसानी से डेंगू का इलाज कर सकते हैं।

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डेंगू का इलाज करने के 3 नियमों में शामिल हैं

1. हाइड्रेटेड रहें

34 साल के मिस्टर मोहित अय्यर जो सोशल मीडिया मार्केटर हैं, उन्हें जोड़ों में दर्द के साथ ही तेज बुखार हो गया था। अगले दो दिनों में उन्हें मितली आने लगी और कमजोरी भी महसूस होने लगी थी। जिसके बाद उन्होंने अपने खून की जांच करवाई। उनके ब्लड रिपोर्ट में डेंगू NS1 एंटीजन पॉजिटिव आया। इसके साथ ही, उनके खून में प्लेटलेट काउंट भी कम था, हालांकि बाकी चीजें सामान्य थी। डॉक्टर से मिलने पर डॉ. ने उन्हें बुखार और मितली की दवा दी। साथ ही, उन्हें खूब तरल पदार्थों का सेवन करने का निर्देश भी दिया। डॉक्टर ने उनके आहार में सब्जियों का ताजा जूस, सूप आदि शामिल करने के लिए कहा। साथ ही तरबूज, कीवी, ड्रैगन फ्रूट जैसे पानी से भरपूर फल खाने की भी सलाह दी थी। जिसके अगले सात दिनों के भीतर ही मोहित ठीक हो गए और अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आएं थे।

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2. धैर्य रखें

23 साल की स्टूडेंट आर्या नाइक को माथेरन ट्रिप से लौटने के बाद शरीर में तेज दर्द होने लगा और पूरे शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने निकल आएं। डॉक्टर से मिलने पर उन्होंने बताया कि, ट्रिप के दौरान मच्छरों ने बहुत काटा था। जिसके बाद डॉक्टर ने आर्या को डेंगू होने की पुष्टि की। आर्या को शरीर पर हुए लाल दानों की चिंता हो रही थी, क्योंकि वहां बार-बार खुजली हो रही थी और शरीर का दर्द भी बढ़ता ही जा रहा था। आर्या दोबारा डॉक्टर के पास गई, तो डॉक्टर ने उन्हें शांत रहने, धैर्य रखने के साथ ही, घर का बना हेल्दी खाना खाने की सलाह दी। आर्या ने अपने डॉक्टर की सलाह पर अमल किया और मां का बनाया हेल्दी फूड ही खाती थी। कुछ ही दिनों में वह बेहतर महसूस करने लगी और अगले कुछ ही दिनों के अंदर उनके शरीर के दाने भी खत्म हो गए।

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3. खुद से दवा न लें

40 साल के बिजनेसमैन करण शाह को डेंगू हो गया था। डॉक्टर ने उनके लक्षणों के आधार पर शरीर दर्द, बुखार और मितली की समस्या को कम करने के लिए दवा की खुराक दे दी थी। जिससे उनका बुखार तो कम हो गया, लेकिन मितली की समस्या बनी हुई थी। इसके साथ ही, उनके ब्लड रिपोर्ट में प्लेटलेट काउंट कम आया, जो करण के लिए चिंता विषय बन गया था। डॉक्टर की सलाह के बिना ही वह कड़वे जूस पीने लगें। जिससे उनकी मितली की समस्या और भी ज्यादा बढ़ गई थी। उन्हें उल्टी आने लगी, जिसके बाद करण को तुरंत डॉक्टर के पास जाना पड़ा। डॉक्टर ने तुंरत इलाज शुरू किया और अपनी निगरानी में करण को कुछ खाने के लिए दिया, जिसे खाने के बाद उन्हें उल्टी नहीं हुई और वह बेहतर महसूस करने लगें। इसके बाद डॉक्टर ने सलाह दी कि बिना डॉक्टर के परामर्श के अपनी मर्जी से दवा लेने से स्थिति और बिगड़ जाती है। इसलिए डेंगू का इलाज करने के लिए कभी भी इंटरेनट या दादी-नानी के नुस्खें नहीं आजमाने चाहिए।

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डेंगू का इलाज करने के लिए इन दिशानिर्देशों का पाल करें

अगर आपको या आपके किसी पहचान वाले को डेंगू है, तो डेंगू का इलाज करने के इन दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी हो सकता है, जिसमें शामिल हो सकते हैंः

  • ऊपर बताए गए, डेंगू के किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
  • आपके डॉक्टर आपको दो भी सलाह या निर्देश देते हैं, उसे शांत होकर सुनें और उनकी बातों पर अम्ल करें।
  • किसी के भी कहने पर कोई भी घरेलू नुस्खें या दवा का सेवन न करें। ऐसा करने से आपकी समस्या और भी अधिक बढ़ सकती है। हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह से ही डेंगू का इलाज करने के लिए दवा या अन्य तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  • डेंगू का इलाज करते समय इस बात का ध्यान रखें कि डेंगू एक वायरल इंफेक्शन है, इसलिए डेंगू का इलाज करने में सिर्फ सिंपटोमैटिक ट्रीटमेंट से ही आराम मिलता है। आपके डॉक्टर आपको सिर्फ बुखार, बदन दर्द और मितली की समस्या को कम करने के लिए ही दवा की खुराक दे सकते हैं।
  • डेंगू का इलाज करने के लिए जितना हो सके उतना तरल पदार्थों का सेवन करें और घर का बना हेल्दी खाना ही खाएं।
  • डिहाइड्रेशन, मल में खून आने या लगातार उल्टी होने पर तुरंत अपने डॉक्टर को सूचित करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकली सलाह या उपचार की सिफारिश नहीं करता है। अगर डेंगू का इलाज या इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो कृपया इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Dengue Fever. https://www.nhp.gov.in/disease/musculo-skeletal-bone-joints-/dengue-fever. Accessed on 19 May, 2020.

What is dengue?. https://www.cdc.gov/dengue/index.html. Accessed on 19 May, 2020.

dengue. https://www.cdc.gov/dengue/symptoms/index.html. Accessed on 19 May, 2020.

Caring for a Child or Family Member Sick with Dengue. https://www.cdc.gov/dengue/symptoms/family.html. Accessed on 19 May, 2020.

Dengue Guidelines.cdr. http://www.pbhealth.gov.in/Dengue-National-Guidelines-2014%20Compressed.pdf. Accessed on 19 May, 2020.

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Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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