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Tinnitus : कान बजने की है समस्या, तो ये ट्रीटमेंट दे सकता है आपको राहत

Tinnitus : कान बजने की है समस्या, तो ये ट्रीटमेंट दे सकता है आपको राहत

टिनिटस या कान बजने की समस्या के कारण बॉडी मसल्स में बुरा प्रभाव पड़ता है। टिनिटस की समस्या के कारण कानों में आवाज को लेकर समस्या पैदा हो जाती है। इस समस्या से विश्व भर में 15 से 20 प्रतिशत लोग प्रभावित होते हैं। टिनिटस कोई हेल्थ कंडीशन नहीं है, बल्कि ये एज रिलेटेड हियरिंग लॉस (age-related hearing loss), ईयर इंजुरी (ear injury) और सर्कुलेटरी सिस्टम डिसऑर्डर (circulatory system disorder) का लक्षण है। कान बजने की समस्या या कान में आवाज आने की समस्या का सामना अक्सर लोग सुनसान या एकांत में अधिक महसूस करते हैं। भीड़-भाड़ वाली जगह में कान बजने की समस्या का अक्सर पता नहीं चल पाता है। अगर समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो समस्या गंभीर रूप भी ले सकती है। कान बजने की समस्या से राहत पाई जा सकती है। टिनिटस का होम्योपैथिक ट्रीटमेंट आपको समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। अगर आप लंबे समय से कान बजने की समस्या से परेशान हैं और इलाज के बाद भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको एक बार होम्योपैथिक ट्रीटमेंट ले कर भी देखना चाहिए। जानिए कैसे होम्योपैथिक ट्रीटमेंट के माध्यम से टिनिटस का इलाज किया जाता है।

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टिनिटस (Tinnitus) के लिए होम्योपैथिक ट्रीटमेंट संभव है?

टिनिटस की समस्या को कम किया जा सकता है लेकिन इस समस्या से पूरी तरह से निजात पाना मुश्किल है। टिनिटस की गंभीरता को कम करने के लिए होम्योपैथिक ट्रीटमेंट अपना असर दिखाता है। टिनिटस का होम्योपैथिक ट्रीटमेंट करने से पहले इस बात की जानकारी बहुत जरूरी है कि टिनिटस की समस्या किन कारणों से उत्पन्न हुई है। होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करने से काफी हद तक बीमारी के लक्षणों में राहत मिलती है। अगर इलाज को बीच में बंद कर दिया जाए, तो बीमारी के लक्षण गंभीर रूप ले लेते हैं। कुछ दवाओं से पेशेंट को साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर दवा को बदल भी सकते हैं।

टिनिटस के लिए होम्योपैथिक ट्रीटमेंट के दौरान वैसे तो कम ही दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं क्योंकि दवाओं को डायल्यूट किया जाता है। दवाओं को प्राकृतिक पदार्थों (natural substances) से बनाया जाता है। इन दवाओं में ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट (tricyclic antidepressants) होते हैं, जो गंभीर टिनिटस की समस्या का इलाज करने में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने से कुछ साइड इफेक्ट जैसे कि ब्लर्ड विजन (blurred vision), हार्ट संबंधी समस्याएं (heart problems), कब्ज की समस्या( constipation)और मुंह सूखने की समस्या(dry mouth) पैदा होती है। टिनिटस का होम्योपैथिक ट्रीटमेंट करने के दौरान अल्प्राजोलम (alprazolam) ड्रग का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा के कारण मतली (nausea) या नींद आने की समस्या (drowsiness) हो सकती है। इस दवा का सेवन करने से आपको इसकी आदत भी पड़ सकती है।

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टिनिटस के लिए होम्योपैथिक उपचार (Homeopathic Remedies for Tinnitus)

टिनिटस की समस्या से राहत पाने के लिए होम्योपैथिक ट्रीटमेंट अपनाया जा सकता है। काली मुर (Kali Mur), नेट्रम सलिसिलिकम (Natrum Salicylicum), चेनोपोडियम एंथेलमेंटिकम (Chenopodium Anthelmenticum) और चिनिनम सल्फ (Chininum Sulph) आदि दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। जानिए ये दवाएं किस तरह से काम करती हैं।

काली मुर (Kali Mur)

काली मुर ( Kali Mur) का इस्तेमाल टिनिटस के ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है। जिन लोगों के नाक या गले में बलगम ज्यादा बनने की समस्या होती है या फिर लंबे समय तक कान के डिस्चार्ज (otorrhea) की समस्या रही हो, उन्हें टिनिटल की समस्या या फिर कान बजने की समस्या हो सकती है। होम्योपैथी में इस समस्या के इलाज के लिए काली मुर दवा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। अगर समस्या का इलाज सही समय पर न कराया जाए, तो बहरेपन की समस्या भी हो सकती है।

नेट्रम सलिसिलिकम (Natrum Salicylicum)

मेनिनर्स बीमारी के कारण (Meniere’s disease) के कारण जिन लोगों को टिनिटस की समस्या होती है, उन्हें होम्योपैथी में नेट्रम सलिसिलिकम दवा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। दवा का सेवन करने से कुछ लक्षणों जैसे कि कान में आवाजें सुनाई देना, चक्कर आना, बिस्तर से उठने पर दिक्कत महसूस होना आदि लक्षणों से राहत मिलती है। वर्टिगो की समस्या से राहत पाने के लिए नेट्रम सलिसिलिकम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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चेनोपोडियम एंथेलमेंटिकम (Chenopodium Anthelmenticum)

टिनिटस की समस्या या कान बजने की समस्या के कारण अचानक से चक्कर के कारण आवजें ऊंची सुनाई देने लगती हैं। चक्कर के कारण आवजें सही से सुनाई नहीं देती हैं। कान में आवजों का गूंजना और आवाजों का सही से न सुनाई देना बेचैनी पैदा करता है। हार्टबीट के साथ ही सिंक्रोनस टिनिटस (Tinnitus synchronous) की समस्या के इलाज के लिए चेनोपोडियम एंथेलमेंटिकम दवा का इस्तेमाल किया जाता है।

ग्रेफाइट नेचुरलिस (Graphites Naturalis)

सोमेटिक टिनिटस (somatic tinnitus) के लिए ग्रेफाइट नेचुरलिस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। कान में सूखेपन का एहसास या फिर अधिक भराव महसूस होना, कानों में तेज आवाजों का गूंजना, लगातार सीटी बजना आदि समस्याओं से छुटकारे के लिए ग्रेफाइट नेचुरलिस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। आप इस बारे में होम्योपैथिक एक्सपर्ट से भी राय ले सकते हैं।

चिनिनम सल्फ (Chininum Sulph)

जब कान में अलग प्रकार की आवजे जैसे कि आवाज गूंजना, भिनभिनाने की आवाज, तेज दहाड़ जैसी आवाज आदि सुनाई देती हैं, तो चिनिनम सल्फ दवा का इस्तेमाल किया जाता है। चिनिनम सल्फ का इस्तेमाल मुख्य रूप से मेनियर की बीमारी के इलाज के लिए किया जाता है और ये प्रभावी होम्योपैथिक दवा के रूप में अपना असर दिखाती है।

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ये कारण बढ़ा सकते हैं टिनिटस (Tinnitus) की समस्या

कई हेल्थ कंडीशन टिनिटस की समस्या को बढ़ाने का काम करते हैं। कुछ कॉमन कॉज जैसे कि एज रिलेटेड हियरिंग लॉस, हाई ब्लड प्रेशर, हेड और नेक इंजुरी, कान में अधिक वैक्स बनने के कारण, ईयर इन्फेक्शन के कारण, क्रॉनिक स्ट्रेस के कारण, एल्कोहॉल का अधिक सेवन करने के कारण टिनिटस की समस्या हो सकती है। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में टिनिटस की समस्या अधिक होती है। इनर इन्फेक्शन के कारण भी कान बजने की समस्या हो सकती है। कान गूंजना कई कारणों का परिणाम हो सकता है। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

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टिनिटस से निजात के लिए लाइफस्टाइल पर भी दें ध्यान

टिनिटस की समस्या से निजात के लिए होम्योपैथिक दवाओं के साथ ही आपको लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना होगा। दवाओं का सेवन करने से आपको लक्षणों से राहत मिल सकती है लेकिन खराब लाइफस्टाइल के चलते बीमारी से आपका दोबारा सामना भी हो सकता है। जानिए लाइस्टाइल में किस तरह के सुधार की जरूरत है।

  • स्ट्रेस शरीर में कई बीमारियों को जन्म देता है। आपको स्ट्रेस से दूर रहना चाहिए। आप चाहे तो स्ट्रेस से दूर रहने के लिए मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं।
  • स्मोकिंग, एल्कोहॉल और अधिक कैफीन का सेवन टिनिटस की समस्या को अधिक बढ़ा सकती है। आपको इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।
  • अगर आपको कान में भराव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
  • किसी भी ड्रग के सेवन से पहले डॉक्टर से जानकारी जरूर लें। कई बार दवा का दुष्प्रभाव कान बजने की समस्या पैदा कर देता है।
  • ब्लड प्रेशर की समस्या टिनिटस की समस्या को पैदा कर सकती है। आपको ब्लड प्रेशर सामान्य रखने के लिए डायट के साथ ही एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना चाहिए। कान में भारीपन होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।

अगर किन्हीं कारणों से आपको कान में आवजें सुनाई देती हैं, तो इसे आम समस्या समझने की भूल न करें। टिनिटस का समय पर इलाज न करने पर आपको गंभीर समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। होम्योपैथिक दवाओं का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें। अगर आप पहले से ही किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 26/01/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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