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क्या आपको भी है भूलने की है बीमारी? जानिए याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय

क्या आपको भी है भूलने की है बीमारी? जानिए याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय

उम्र के एक पड़ाव में आकर बातों को भूल जाना आम बात है। यह एक शारीरिक समस्या हो सकती है। कम उम्र में अगर मेमोरी वीक होने लगे, तब यह अच्छी बात नहीं है। 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ यह समस्या देखने को मिलती है। तब यह सामान्य बात है। बुढ़ापे में ज्यादातर लोगों में मेमोरी वीक की समस्या देखी जाती है। ज्यादातर 55-60 वर्ष के लोगों को चीजों को याद रखने में काफी परेशानी होती है। लेकिन, यह समस्या तब ज्यादा बड़ी हो जाती है, जब अडल्ट और बच्चों में दिखने लगता है, लेकिन यह समस्या इतनी भी बड़ी नहीं है कि इसका इलाज न किया जा सके। इसलिए आज हम आपको याद्दाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय बताएंगे।

याद्दाश्त बढ़ाने के 10 घरेलू उपाय क्या हैं?

याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय निम्नलिखित हैं। जैसे-

1. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है मैडिटेशन

याद्दाश्त कमजोर होने का कारण आपका ध्यान किसी चीज पर केंद्रित न कर पाना होता है। यदि आप सुबह उठकर आधे घंटे तक मैडिटेशन करते हैं, तो ऐसा करने से आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को आराम मिल सकता है। जिससे आपको किसी काम में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। नियमित रूप से योगा या एक्सरसाइज करने से शरीर फिट रहने के साथ-साथ याद्दाश्त भी अच्छी रहती है।

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2. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं

शरीर में पानी की कमी से भी याद्दाश्त कमजोर हो सकती है। ऐसे में आपको दिन में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पिएं (दो से तीन लीटर पानी)। पानी ज्यादा पीने से आपको हाइड्रेटेड रहने में मदद मिलती है। जिससे आप किसी भी काम में अपना ध्यान केंद्रित कर पाते हैं, और आपकी याद्दाश्त भी सही रहता है। शरीर में पानी की कमी से कई अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए रोजाना दो से तीन लीटर पानी पीने की आदत डालें।

3. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है दालचीनी

अगर आपके किचन में दालचीनी है, तो आपके लिए खुशी की बात है। दालचीनी का सेवन करने से याद्दाश्त बढ़ता है। अगर आपको दालचीनी का ज्यादा फायदा चाहिए, तो आप इसका चाय बनाकर पिएं या इसको शहद में मिलाकर इसका सेवन करें।

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4. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है पिस्ता

पिस्ता में थिआमिन काफी पाया जाता है, और याद्दाश्त कमजोर थिआमिन की कमी की वजह से होता है। इसलिए, याद्दाश्त को ठीक करने के लिए पिस्ते का सेवन करें। आधा कप पिस्ता लगभग 0.54 मिलीग्राम थिआमिन की पूर्ति करता है। लेकिन, अडल्ट लोगों को सलाह दी जाती है कि वो इससे कम पिस्ता का सेवन करें। बुजुर्ग लोग आधा कप पिस्ता खा सकते हैं। क्योंकि उन्हें ज्यादा थिआमिन की आवश्यकता होती है।

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5. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है आर्टिचोक

आर्टिचोक याद्दाश्त को बढ़ाने में काफी मदद करता है। जिन लोगों की याद्दाश्त कमजोर है, वो आर्टिचोक की पत्तियों को अलग-अलग करके एक जार में पर्याप्त पानी भरकर मिला दें। जार को कुछ देर ढक कर छोड़ दें। अब इस पानी को पैन में डालकर दो घंटे के लिए उबाल लें। फिर पत्तियों को अच्छे से निचोड़कर रस निकाल लें। इस रस को तीन से चार चम्मच में दिन में चार बार लें।

6. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है गाजर

गाजर में काफी मात्रा में कैरोटीन होता है। जो याद्दाश्त बढ़ाने में काफी ज्यादा मदद करता है। गाजर को कच्चा, पकाकर, जूस और खुबानी के साथ खाया जा सकता है। गाजर में मौजूद विटामिन-ए, विटामिन-के, पोटैशियम और विटामिन-बी 6 शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होता है। गाजर का सेवन सलाद या जूस के रूप में किया जा सकता है।

7. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है अंडा

अंडा खाने से लेसितिण मिलता है। लेसितिण हमारे मस्तिष्क में स्मृति तंत्रिका कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है। लेसितिण तत्व सोयाबीन और सूरजमुखी तेलों में भी पाया जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि जिन लोगों में आहार से 70 ग्राम लेसितिण तत्व की पूर्ति हो जाती है। उनकी याद्दाश्त हमेशा सही रहती है।

8. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है भिंडी

भिंडी अमूमन हर किसी को पसंद होता है। याद्दाश्त बढ़ाने के लिए यह सब्जी काफी उत्तम है। इसके अलावा मीठा आलू, साबूदाना और पालक जैसे खाद्य पदार्थ से याद्दाश्त बढ़ाया जा सकता है। भिंडी में विटामिन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस आदि पर्याप्त मात्रा में होते हैं। भिंडी से हमें 30% कैलोरी प्राप्त होती है। इसके साथ ही, भिंडी में मौजूद स्लाइम में ग्लाइकोप्रोटीन पाया जाता है, जिसके कारण इसके सेवन से शरीर को लाभ मिलता है।

9. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है पालक

पालक में मैग्नीशियम और पोटैशियम बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सीखने की क्षमता बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा पालक में विटामिन-बी6, ई और फोलेट भी काफी मात्रा में होती है। फोलेट की कमी से ही मेमोरी लॉस और अल्जाइमर की शिकायत होती है। दरअसल डार्क ग्रीन कलर की ये पत्तियां त्वचा से लेकर बालों और हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। ये प्रोटीन, आयरन, विटामिंस और मिनरल्स का अच्छा स्त्रोत है। औषधीय गुणों से भरपूर पालक का प्रयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। संयुक्त राज्य कृषि विभाग (USDA) के अनुसार, 100 ग्राम पालक में 28.1 माइक्रोग्राम विटामिन-सी होता है। इसलिए, इसे डायट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।

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10. याद्दाश्त बढ़ाने के उपाय में शामिल है हर्बल चाय

तेजपत्ता, रोजमेरी, मेरुआ और तुलसी की चाय कमजोर याद्दाश्त को मजबूत करती है। इस हर्बल चाय को बनाने के लिए सबसे पहले आप एक कप उबलते पानी में एक चौथाई चम्मच से ऊपर दिए हुए मिश्रण को डालें। चाय बनने के पांच मिनट बाद आप इसका इस्तेमाल करें। ध्यान रखें ज्यादा हर्बल टी, नॉर्मल टी या कॉफी का एक दिन में दो या तीन कप से ज्यादा सेवन न करें। इसका शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

आप इन घरेलू उपायों को अपनाकर भूलने की समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते हैं। लेकिन अगर आपको लगे कि समस्या ज्यादा बढ़ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करना उचित है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Sidharth Chaurasiya द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/07/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड