वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम दो स्थितियों का एक नाम है जो अक्सर एक साथ होती हैं। यह दो स्थितियाँ हैं वर्निक एन्सेफैलोपैथी और कोर्साकॉफ सिंड्रोम। कई डॉक्टरों का ऐसा मानना है कि यह एक ही रोग के ही विभिन्न चरण हैं। वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम शराबियों और अन्य कुपोषित लोगों में विकसित हो सकता है, वो भी आमतौर पर थायमिन (विटामिन बी 1) की कमी के कारण। दुर्लभ रूप से, यह सिंड्रोम सिर में चोट लगने से भी हो सकता है। यह सिंड्रोम तब होता है जब रोगी पर्याप्त रूप में विटामिन बी 1 न ले रहा हो। क्योंकि, विटामिन बी 1 शुगर को एनर्जी में बदलने में हमारे दिमाग की मदद करता है। जब दिमाग और हमारा नर्वस सिस्टम इसे उस मात्रा में ग्रहण नहीं कर पाता जितना उसे चाहिए होता है। तो वो अच्छे से काम करने में सक्षम नहीं होता।
यह बीमारी कभी भी एकदम से हो सकती है और इसे उसी समय उपचार की आवश्यकता होती है। यह एक लंबे समय तक चलने वाली समस्या है, जो अगर बढ़ जाए तो दिमाग के उस हिस्से को नुकसान पहुंचाती है जो यादों को संभालता है।
वर्निक एन्सेफैलोपैथी के लक्षण इस प्रकार हैं:
- दिमागी मूवमेंट्स न कर पाना, जिससे कुछ समय के बाद व्यक्ति कोमा में जा सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
- मांसपेशियों के समन्वय न हो पाना, जो पैर में कंपन का कारण बन सकता है।
- दृष्टि में परिवर्तन, जैसे आंख की गतिविधि का असामान्य होना, डबल दृष्टि या पलक झपकना आदि।
कोर्साकोफ सिंड्रोम के लक्षण इस प्रकार हैं:
- नयी यादें न बना पाना
- याददाश्त में कमी, जो गंभीर भी हो सकती है
- झूठी कहानियां बनाना (confabulation)
- ऐसी आवाज़ें सुनना या ऐसी चीज़ें देखना जो सच में नहीं हैं(hallucinations)
- वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम उन लोगों में बहुत सामान्य है जो अल्कोहल के आदि हैं। थियामिन की कमी होना अधिक और नियमित शराब के सेवन करने का एक सामान्य प्रभाव है।
- ऐसे व्यक्ति जिनके शरीर पोषक तत्वों को अच्छे से अवशोषित नहीं करते हैं, जो कुपोषित हैं, या जो लंबे समय तक उपवास करते हैं, उन्हें भी थायमिन की कमी हो सकती है। जो इस रोग का मुख्य कारण है।
- अधिक शराब पीना, लेकिन साथ में सही पोषक तत्वों को न लेना भी इसका कारण है। इसके साथ ही शराब पाचन तंत्र से पोषक तत्वों का उचित अवशोषण नहीं होने देती है। भोजन को एनर्जी में बदलने के लिए थियामिन की जरूरत होती है। यह लिवर में थोड़ी मात्रा में संग्रहीत होती है, लेकिन केवल 18 दिनों तक ही इसे स्टोर किया जा सकता है।
यह रोग थियामिन की कमी के कारण होता है और इसकी कमी निम्नलिखित कारणों से हो सकती है:
- अगर आपकी मोटापे के लिए कोई सर्जरी हुई हो
- किडनी डायलिसिस
- ह्यपेरेमेसिस, या गंभीर और लगातार उलटी होना
- एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलिमिया, और अन्य खाने के विकार
- अधिक डाइट या व्रत करना
- स्टेज-3 HIV
- पुराना संक्रमण
- कैंसर जो पूरे शरीर में फैल जाए
- वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम के जोखिम रोगी के आहार और लाइफस्टाइल से जुड़े होते हैं। वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम विकसित होने के प्रमुख जोखिम कुपोषण और शराब का अधिक सेवन है।
इसके साथ ही अन्य जोखिम इस प्रकार हैं:
- सही मेडिकल देखभाल और सही खाना न मिलना।
- किडनी डायलिसिस, जिसके कारण शरीर में विटामिन B-1 अब्सॉर्प्शन कम हो जाता है।
- AIDS, जिसके कारण विटामिन B-1 की शरीर में कमी हो जाती है।
- यह समस्या पुरुषों को महिलाओं की तुलना में अधिक होती है और 45-65 में इस रोग को होने की संभावना अधिक होती है।
- जिन लोगों के घर नहीं है या जो बुजुर्ग व वयस्क अकेले रहते हैं उनमे भी इस समस्या के होने के जोखिम अधिक होते हैं।
वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम से पीड़ित लोग मानसिक तौर पर ठीक नहीं होते और वो डॉक्टर के सवालों का भी सही जवाब नहीं दे पाते। इस रोग के निदान के लिए डॉक्टर रोगी से उनके लक्षणों आदि के बारे में जानेंगे। अगर रोगी जवाब न दे पाए या परेशान दिखे तो यह इस रोग का एक संकेत हो सकता है।
वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम के लिए टेस्ट
डॉक्टर आपको निम्नलिखित टेस्ट कराने के लिए कह सकते हैं
- ब्लड टेस्ट ताकि आपके सिस्टम में थायमिन की मात्रा का पता लगाया जाए। इसके साथ ही इससे यह भी पता चलेगा कि आपकी किडनी और लिवर कितने अच्छे से काम कर रहे हैं।
- डॉक्टर रोगी के शरीर में अल्कोहल की मात्रा को जांचेंगे। इसके लिए लिवर फंक्शन टेस्ट भी कराया जा सकता है ताकि लिवर डैमेज के बारे में जाना जा सके। लिवर डैमेज अधिक शराब पीने का पहला संकेत है।
- ट्यूमर या स्ट्रोक जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिए रोगी के दिमाग की इमेजिंग स्कैन।
- आपकी आंखों की मूवमेंट जांचने के लिए आंखों की जांच।
- दिमागी स्वास्थ्य की जांच।
- दिमाग और नर्वस सिस्टम की जांच के लिए टेस्ट।
- आपके चलने के तरीके में आये परिवर्तन को जांचने के लिए टेस्ट।
- इस रोग के उपचार का पहला चरण है बहुत अधिक विटामिन B1 लेना। इसे आपके हाथों या बाजुओं में सुई के माध्यम से सीधे ड़ाल दिया जा सकता है। यह उपचार हर दिन कई महीनों तक दोहराना पड़ता है।
- डॉक्टर आपको शराब से दूर रहने और संतुलित आहार खाने की सलाह देंगे, यह भी उपचार का हिस्सा है।
- अगर इस रोग के कारण आपकी चाल पर असर हो रहा है तो आपको फिजिकल थेरेपी भी दी जा सकती है।
- थायमिन सप्लीमेंट लेना सामान्य लक्षणों का उपचार करने का सबसे प्रभावी तरीका है जैसे देखने में समस्या, आंख को हिलाना, समन्वय में समस्या या उलझन।
- इस रोग से पूरी तरह से ठीक होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी जल्दी इसका उपचार शुरू किया है। अगर आप इसका उपचार जल्दी शुरू कर देते हैं तो आप पूरी तरह से जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं।
वेर्निक कोर्साकोफ सिंड्रोम से राहत पाने के लिए निम्नलिखित घरेलू उपाय अपनाये जा सकते हैं:
- इस रोग से बचने के लिए सबसे आवश्यक है सही, पौष्टिक और संतुलित आहार का सेवन।
- इसके साथ ही अल्कोहल के सेवन करने से बचे। जिन लोगों को शराब पीने की आदत है वो इस छोड़ दें। गलत डाइट के साथ अल्कोहल का सेवन और भी अधिक हानिकारक है।
- जिस व्यक्ति को भी कुअवशोषण (malabsorption) समस्या हैं, उन्हें थियामिन की कमी को रोकने के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
- थियामिन सप्लीमेंटस और सही डाइट इस रोग को कम करने में सहायक हैं, लेकिन यह जोखिमों को कम नहीं करते हैं।
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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