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एक दिन में बच्‍चे का डायपर कितनी बार बदलना चाहिए

एक दिन में बच्‍चे का डायपर कितनी बार बदलना चाहिए

नए पेरेंट्स अपने शिशु की हर बात को लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं लेकिन कई ऐसी भी बातें होती हैं जो माता-पिता को कई बार परेशान भी कर सकती है। इसमें बच्चे का डायपर बदलना सबसे ऊपर आता है। आजकल के पेरेंट्स बच्चे होने से पहले ही डायपर पहनाने की प्रैक्टिस करनी शुरू कर देते हैं। हालांकि, कोई भी माता-पिता खिलौनों को डायपर पहनाने की जितनी मर्जी कोशिश कर लें असल शिशु को पहनाने पर कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

अगर आप पहली बार माता-पिता बनने जा रहे हैं या बन चुके हैं तो बता दें की आपका शिशु आपको कई बार डायपर पहनाने का अभ्यास करवाने वाला है। आपको डायपर इतनी बार बदलना पड़ सकता है की कुछ ही महीनों में आप बच्चे का डायपर बदलने में माहिर हो जाएंगे।

क्या आपके घर में भी एक नवजात शिशु है जो बहुत सारी पॉटी करता है? अगर हां तो आपको बता दें की आपको इस आर्टिकल में दी गई जानकारी की काफी जरूरत पड़ सकती है। बच्चे के डायपर गंदे या पूरी तरह से गीले होने पर उन्हें बदलने की जरूरत होती है। बच्चों के डायपर बदलना पेरेंट्स के साथ-साथ शिशु को भी देर रात परेशान कर सकता है।

माता-पिता के मन में ऐसे कई सवाल आते हैं कि वह किस तरह बच्चे के डायपर को बदलें जिससे उसे रात में दिक्कत न हो। इसके अलावा बच्चे का डायपर कैसे बदलना चाहिए, कितनी बार बदलना चाहिए और कब बदलना चाहिए। तो चलिए आज हम आपके इन सभी सवालों के जवाब दे ही देते हैं। आगे हम बताएंगे कि आपको कितनी बार बच्चे का डायपर बदलना चाहिए और किस तरह बदलना चाहिए जो रात में उसकी नींद खराब न हो।

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बच्चे का डायपर कितनी बार बदलना चाहिए?

इस बात को ध्यान में रखें की बच्चे दिन में करीब 20 से ज्यादा बार पेशाब करते है। यानी की आपको हर 2 से 3 घंटे बाद बच्चे के डायपर को बदलने की जरूरत पड़ सकती है। डायपर बदलना कई बार टाइम टेकिंग हो सकता है लेकिन ध्यान में रखें की अगर बच्चे का डायपर सही समय पर नहीं बदला गया तो उसको कूल्हों पर रैशेज और त्वचा पर जलन का खतरा बढ़ सकता है।

हम समझ सकते हैं कि आप अपने सोते हुए बच्चे को जगाना नहीं चाहते होंगे। लेकिन आपको बता दें की शिशु के लिए बेहतर यही होगा की आप सोते समय भी उसके डायपर को नियमित रूप से बदलें। इसके साथ ही बच्चे को सुलाने से पहले उसका डायपर बदलने की सलाह दी जाती है ताकि रात के समय उसकी नींद खराब न हो। अगर आपके बच्चे की त्वचा संवेदनशील है और उसके डायपर रैश होने की आशंका ज्यादा है तो आप रात के समय सोने से पहले डायपर क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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क्या मुझे रात में बच्चे का डायपर बदलना चाहिए?

रात के समय डायपर न बदलने से बच्चे और आपकी दोनों की नींद प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही रात भर बच्चे की त्वचा पेशाब में गीली रहने के कारण संक्रमित भी हो सकती है जिसके कारण बेबी रैश होने का खतरा बढ़ जाता है। डायपर रैश के कारण शिशु के कूल्हों की त्वचा पर जलन, खुजली, लालिमा और दर्द होने लगता है। इसके विपरीत अगर रात के समय आप बच्चे का डायपर बदलते हैं तो उससे डायपर रैश होने की आशंका कम हो जाती है। लेकिन इसके कारण आपकी और आपके बच्चे दोनों की नींद खराब भी हो सकती है।

यानी की यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है की आप रात के समय बच्चे के डायपर बदलना चाहते हैं या नहीं। ऐसा करने के लिए सभी फायदों और नुकसान के बारे में अच्छे से सोच लें। अगर शिशु को सोते हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है तो आप उसके डायपर को बदल सकते हैं। ज्यादातर पेरेंट्स डायपर रैशेज होने के डर से रात के समय बच्चे का डायपर जरूर बदलते हैं। अगर आप भी अपने बच्चे को बेबी रैश से बचाना चाहते हैं तो नियमित रूप से उसके डायपर को रात व दिन दोनों समय बदलते रहें।

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रात के समय बच्चे का डायपर कितनी बार बदलना चाहिए?

रात के समय बच्चे का डायपर केवल तभी बदलना चाहिए जब वह पूरी तरह से गीला या पॉटी से भर गया हो। इसके अलावा बच्चे के डायपर बदलने की अवधि इस बात पर भी निर्भर करती है की आप किस प्रकार के डायपर का इस्तेमाल कर रहे हैं। रात के समय अधिक सोखने वाले डायपर का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर होता है। इसके साथ ही बच्चे के सोने से पहले उसे फ्रेश और नया डायपर पहनाएं।

डायपर बदलने की प्रक्रिया

बच्चों के डायपर बदलना कुछ लोगों को बेहद मुश्किल लगता है। हालांकि, अगर सही तरिके से किया जाए तो यह एक आसान प्रक्रिया है। बच्चे को डायपर पहनाने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें –

  1. बच्चे को बिस्तर या जमीन पर लिटाएं।
  2. इसके बाद उसके कपड़े और खराब डायपर को उतार दें।
  3. किसी कपड़े की मदद से बच्चे के कूल्हों को साफ करें।
  4. अब नए डायपर को खोलें।
  5. बच्चे के पैरों को आराम से ऊपर उठाएं और खराब डायपर को बाहर निकाल लें।
  6. इसके बाद उसी जगह नए डायपर को रखें। ध्यान रहे की टेप (चिपकने) वाली साइड नीचे की ओर रहेगी।
  7. लोशन, बेबी पाउडर या डायपर रैश क्रीम को बच्चे के कूल्हों पर लगाएं। (बेहतर जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें)
  8. डायपर के अगले हिस्से को बच्चे के पैरों के बीच से ऊपर की ओर निकालें।
  9. दूसरे हाथ से डायपर की टेप को हटाएं और आगे की ओर से जोड़ दें। डायपर की दूसरी साइड से भी ऐसा ही करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Shivam Rohatgi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/07/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड