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जीरो से पांच साल के बच्चे का विकास में पेरेंट्स काे इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए....

बचपन के पहले पांच साल बच्चे के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं, खासकर पहले तीन साल। यह समय बच्चे में सबसे ज्यादा फिजिकल ग्रोथ देखने को मिलती है। यदि इस समय बच्चे के विकास पर ध्यान न दिया जाए तो उनका विकास बाधित हो जाता है।इस उम्र में, दूसरे किसी भी समय के मुकाबले इस दौरान बच्चे तेजी से चीजों को सीखते हैं। इस दौरान शिशु को खास देखभाल, प्यार, लगाव, ध्यान देने की जरूरत होती है। बच्चे के उम्र की हर स्टेज के साथ उनके कुछ सिखने और विकास में बच्चे की मदद करनी चाहिए। इसके लिए पेरेंट्स को ही उनके साथ खेलकूद में समझाते रहना होगा। आज हम बात करेंगे जीरो से पांच साल के बच्चे के विकास (Development to 5 year child) में क्या-क्या डेवलेप्मेंट देखने को मिल सकता है। इसी के साथ ही जीरो से पांच साल के बच्चे के पेरेंटिंग (Development to 5 year child) में किन बातों का ध्यान रखना आवश्यका है।

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0 से 3 महीने (0-3 Month)

आपके बच्चे का मस्तिष्क उसके जन्म के समय से ही दिन प्रति-दिन विकसित हो रहा होता है और कितना विकास हो रहा है, यह उसके द्वारा मिले संकेतों पर निर्भर करता है। क्योंकि वे अपने आसपास के माहौल को समझना और पहचानना शुरू कर देता है। बच्चे आवाज करके और रोते हुए संवाद व अपनी प्रतिक्रिया देने की कोशिश करते हैं। जब आपका शिशु जाग रहा हो और आप उसके साथ हों, तो उसके पेट पर उसे रखना सुरक्षित है। इस महीने बच्चे की गर्दन को मजबूती मिलने लगती है और वो अपनी बाहों और पैरों का उपयोग कर के प्रतिक्रिया देने की कोशिश करते हैं। जिससे उनके शारीरिक विकास में सहायता मिलती है। उन्हें कभी-कभी पीठ के बल सोना चाहिए।

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3 से 9 महीने में (3-9 Month)

तीन से नौ महीने के शिशु में थोड़ा विकास हो गया होता है। आपका शिशु अपने आसपास के माहौल को पहचानने लगा होगा। उन्हें सबसे अधिक देखभाल और प्यार की जरूरत होती है। वे लुढ़कना, शुरूआत में बैठने की कोशिश करना और फिर बैठने लगा होगा। इसके अलावा वो खड़ा होना भी सीख चुका होगा या कोशिश कर रहा होगा। 9 वे महीने तक तो वो चलने की कोशिश भी करने लगा होगा। अगर खाने की बात करें तो 6 महीने तक में शिशु ठोस आहार खाना शुरू कर देता और यह समय खाने की अच्छी आदतें स्थापित करने का होता है। आपके बच्चे को मिलने वाला पोषण, उन्हें अच्छे स्वास्थ्य विकास में मदद करेगा। आपका शिशु बाेलने की कोशिश भी करने लगा होगा और अपनी प्रतिकाएं भी देने की भी कोशिश करता होगा।

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9 से 18 महीने में (09-18 Month)

इस महीने तक शिशु में काफी विकास हाे चुका होगा। वो नए रंगों और चीजों को देखकर उत्सुकता जाहिर करने लगते हैं। इतना ही नहीं, जो चीजें उन्हें सामने दिखने लगती है, वो मुंह में डालने लगते हैं। अब आपका शिशु अब अपने नाम को भी पहचानने लगता है। जब वह उसके आसपास के लोग बात करने करते हैं, तो वो खुद भी कोशिश करता होगा, अपनी भाषा में कुछ-कुछ बोलने का। वे शोर करना पसंद करते हैं, और साधारण चीजों को ही जीमन पर पीटना शुरू कर देते हैं। इस महीने के शिशु अपने आसपास की चीजों को समझने की कोशिश करते हैं।

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1 से 2 साल (1-2 year)

एक से दो साल के बच्चे में आपको काफी विकास देखने को मिलेगा। इस दौरान पेरेंट्स को भी बच्चाें के साथ तरह-तरह की एक्टिविटी करते हैं। बच्चे के साथ गाने और बात करने को कोशिश करें। इससे उसे शब्दों का ज्ञान होगा। उन्हें बात करना सीखने में मदद मिलेगी और यह सीखना शुरू हो जाएगा कि कैसे बारी बारी से और अन्य लोगों के साथ साझा करना है। बच्चों के लिए इनसाइड गेम्स में प्यानो बजाएं, गाना गाएं और डांस करें। इसके अलावा बच्चों के साथ टॉयए खेलें और ब्लॉक्स बनाएं। इसके अलावा इस उम्र में बच्चे यदि घर में कोई बड़े भाई या बहनों की किताबें छिनने और पढ़ने की कोशिश् करते है, उन्हें तस्वीरें देखना अच्छा लगता है। इसके अलावा इस उम्र में बच्चों को चीजें उठा कर फैकने में बड़ी मजा आती है और वो हर छोटे-बड़े समान अपने मुंह में डालने की कोशिश करते हैं।

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2 से 4 साल (2-4 year)

इस उम्र के बच्चे के सीखने को चीजों को जानने की जिज्ञासा जागने लगती है। यह सबसे अच्छा समय माना जाता है कि बच्चे में स्टोरी टैलिंग की आदत डालने के लिए। इसके लिए आप बच्चे के साथ समय बिताएं, उसे कहानियां सुनाएं और उन्हें पिक्सचर्स दिखाकर पूछें चीजों के बारे में। इस उम्र के बच्चे अपनी पसंद और न पसंद पर प्रतिक्रिया देने लगते हैं। वे अपनी भावनाओं और पसंद की चीजों के बारे में भी व्यक्त करने लगते हैं। इसी उम्र से पेरेंट्स को अपने बच्चे को सही या गलत में फ्रर्क सिखाना शुरू कर देना चाहिए। जब वे गुस्सा सा गलत तरीके से व्यवहार करें, तो पेरेंट्स को उन्हें सिखाना चाहिए कि वो खुद को कैसे नियंत्रित करें।

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5 साल (5 Year)

5 साल के बच्चे में जरूर के वो सभी मानसिक विकास हो गए होते हैं, इस उम्र तक वो चीजों को समझने लगते हैं और अपनी बात और जरूरतों को भी व्यक्त कर सकते हैं। इस उम्र में पेरेंट्स को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस उम्र के बच्चों को अच्छा व्यवहार और आदतों काे सिखाना चाहिए। क्योंकि इस उम्र जो भी बात बच्चे के दिमाग में बैठ जाती है, वो हमेशा के लिए उसे गाठ बांध लेता है। पांच साल के बच्चे के मानसिक विकास की बात करें तो वो गेम्स खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। अपनी कहानियां खुद बनाते और लोगों को सुनाते हैं। इस उम्र में वे बाहरी खेलों का आनंद लेते हैं जिनमें बगीचे में खेलना और प्राकृतिक वातावरण और भूमि की कहानियों के बारे में सीखना शामिल है।

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तो आपने जाना कि पांच साल तक बच्चे में विकास क्या-क्या होते हैं। उनमें इनके अलावा और बहुत से तरह के विकास देखने को मिलता है। बच्चों के विकास के इस समय में पेरेंट्स हर छोटी से बड़ी बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ताकि कहीं भी उनका विकास बाधित न हो। उनके डायट का भी विशेष ध्यान देना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से मिलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/10/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड