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सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट वजन करने का आसान तरीका!

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट वजन करने का आसान तरीका!

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (High Protein and low Carb diet for seniors) वजन कम करने में मददगार मानी जाती है। इसके साथ ही यह अल्जाइमर डिजीज (Alzheimer disease) के प्रोग्रेशन को धीमा करने, बॉडी को एनर्जी देने, ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को कम करने में भी प्रभावी है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये एचपीएलसी डायट (HPLC Diet) है क्या? एचपीएलसी डायट यानी हाय प्रोटीन लो कार्बोहायड्रेट डायट। इस डायट प्लान में कार्बोहायड्रेट वाले फूड्स का सेवन कम जिसमें अनाज, स्टार्ची सब्जियां और फल और हाय प्रोटीन फूड्स जैसे अंडा, नट्स, चिकन का सेवन ज्यादा किया जाता है। सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट के लिए कैसे फायदेमंद हो सकती है? सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) में किन चीजों को शामिल करना चाहिए जान लेते हैं।

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) : शामिल करें ये चीजें

सीनियर्स एचपीएलसी डायट को फॉलो कर रहे हैं तो वे अपने मील्स में निम्न चीजों को एड कर सकते हैं।

  • अंडे (Egg)
  • फिश (Fish)
  • मीट (Meat)
  • चिकन (Chicken)
  • नॉन स्टार्ची सब्जियां (Non starchy vegetables) जैसे कि आलू
  • सीड्स (Seeds)
  • सोय (Soy)
  • अधिक मीठे फल (Sugary fruits) जैसे कि केला, सेब और तरबूज

इनके अलावा कुछ फूड्स को अवॉइड भी करना होगा। वे निम्न हैं।

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) वजन कम करने और दूसरे कई फायदे प्राप्त करने का अच्छा ऑप्शन हो सकती हैं। चलिए अब इस डायट से होने वाले फायदों की बात कर ली जाए।

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सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट और वजन कम (HPLC Diet for Seniors and Lose Weight)

उम्र बढ़ने के साथ वजन कम करना मुश्किल हो सकता है। वजन कम करने के साथ ही मसल बिल्डिंग (Muscles building) और हड्डियों को स्ट्रॉन्ग रखना भी इस उम्र में जरूरी हो जाता है। 50 से 60 की उम्र में मसल मास कम होना शुरू हो जाता है, लेकिन बॉडी में फैट इक्ठ्ठा होता रहता है। ऐसे में वजन कम करने के लिए हाय प्रोटीन (High Protein) और लो कार्ब डायट (Low carb diet) बेहद फायदेमंद हो सकती है।

एचपीएलसी डायट में कार्ब का इंटेक कम कर दिया जाता है। जो कि बॉडी की एनर्जी का मुख्य सोर्स है। जब बॉडी को कार्ब्स से एनर्जी नहीं मिलती तो बॉडी फैट को कीटोन्स (Ketones) में ब्रेक डाउन करने लगती है। ऐसे में कीटोन्स बॉडी के लिए ऊर्जा का प्राइमरी सोर्स बन जाते हैं। इस प्रॉसेस को कोटोसिस (ketosis) कहा जाता है। जब बॉडी के लिए फैट एनर्जी का प्राइमरी सोर्स बन जाता है तो वजन कम करने में मदद मिल सकती है। वजन कम करने के अलावा भी इस डायट के कई फायदे हैं।

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (High Protein and low Carb diet for seniors)

ब्रेन फंक्शन में सुधार करने में करे मदद (Help improve brain function)

ब्रेन की बेहतर फंक्शनिंग, मूड कंट्रोल और हॉर्मोन रेगुलेशन के लिए बॉडी को हेल्दी फैट्स की जरूरत होती है। वहीं अनहेल्दी कार्ब्स (Unhealthy Carbs) शुरुआत में एलर्ट करने में मदद करते हैं, लेकिन जल्दी ही इनका रिएक्शन लो हो जाता है और थकान, चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है। ऐसे में एचपीएलसी डायट में कार्ब को कम करके हेल्दी प्रोटीन और फैट्स पर फोकस किया जाता है जो बेहतर ब्रेन फंक्शन में मददगार हो सकता है। इसलिए यह सीनियर्स के लिए खासी मददगार हो सकती है।

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सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) डायबिटीज और हायपरटेंशन के रिस्क को कम करने में कर सकती है मदद

ब्रूकलिन की यूनिवर्सिटी एंड्रोक्रिनोलॉजी, डायबिटीज और हायपरटेंशन डिवीजन के अनुसार हाय कार्ब्स डायट पोस्टप्रांडियल प्लाज्मा ग्लूकोज और इंसुलिन सीक्रेशन को बढ़ा देती है। जिससे डायबिटीज, हार्ट डिजीज, हायपरटेंशन और ओबेसिटी का रिस्क बढ़ जाता है। लो कार्ब डायट को डायबिटीज का नैचुरल ट्रीटमेंट माना जाता है और यह टाइप 2 डायबिटीज के प्रिवेंशन के लिए जरूरी है। ऐसे में यह डायट बुजुर्गों के लिए बेस्ट हो सकती क्योंकि इन बीमारियों का रिस्क इस उम्र में बढ़ जाता है।

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) भूख को कंट्रोल करने में करती है मदद

एचपीएलसी डायट में शुगर और कार्ब्स का इंटेक कम करके प्रोटीन्स और हेल्दी फैट्स का इंटेक बढ़ाया जाता है। जिससे पेट भरे होने और सैटिस्फाय होने का एहसास होता है। जिससे हंगरी हॉर्मोन कहे जाने वाले ग्रेलिन (Ghrelin) का सीक्रेशन कम हो जाता है। जिससे वजन कम में मदद मिलने के साथ ही मोटापा नहीं बढ़ता।

सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) पाचन में कर सकती है सुधार

शुगर का कम सेवन कई लोगों में स्टमक हेल्थ के लिए बेहतर होता है क्योंकि शुगर बैड बैक्टीरियाज को बढ़ावा देती है जो गट में विकास करते हैं। अधिक मात्रा में चीनी और कार्ब्स का सेवन केंडिडा इंफेक्शन (Candida infection) का कारण बन सकता है। इसके अलावा यह आईबीएस (IBS), लीकी गट डिसऑर्डर (Leaky gut disorder) को भी बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसे में कम और अच्छे कार्ब्स, क्वालिटी प्रोटीन और हेल्दी फैट वैक्टीरिया के विकास को कम करने में मदद करने के साथ ही गट हेल्थ को बेहतर रखने में मदद करते हैं। सीनियर्स डॉक्टर या डायटीशियन की मदद से इस डायट को अपना सकते हैं और इसके फायदे ले सकते हैं।

और पढ़ें: जानिए बुजुर्गों की भूख बढ़ाने के आसान तरीके

एचपीएलसी डायट के नुकसान (Side effects of HPLC Diet)

हाय प्रोटीन लो कार्ब डायट के फायदे तो आपने जान लिए, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं जो निम्न हैं।

हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol)

कुछ प्रोटीन सोर्स, डेयरी प्रोडक्ट्स और हाय फैट फूड्स कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। हालांकि कुछ स्टडीज में इस तरह की डायट से बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल (Bad cholesterol levels) में कमी भी देखी गई है। इस विषय पर अधिक रिसर्च की जरूरत है।

किडनी प्रॉब्लम्स (Kidney problems)

अगर आपको किडनी से संबंधित कोई बीमारी है तो प्रोटीन की अधिक मात्रा में उपयोग किडनी पर दवाब डाल सकता है और किडनी फंक्शन को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही जब आप हाय प्रोटीन डायट लेते हैं तो सामान्य की तुलना में अधिक कैल्शियम यूरिनेट होता है जिससे किडनी स्टोन (kidney stones) होने की आशंका बढ़ जाती है।

ऑस्टियोपरोसिस (Osteoporosis)

इसको लेकर विवाद चल रहा है। कुछ विशेषज्ञ सोचते हैं, हाय प्रोटीन डायट से ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार की डायट को फॉलो करने से पहले डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह जरूर लें।

अगर आप किसी भी प्रकार की हेल्थ कंडिशन का सामना कर रहे तो बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी डायट को अपनाना आपको परेशानी में डाल सकता है। साथ ही ये बात भी ध्यान रखें कि हर डायट सभी को सूट नहीं करती। इसलिए मेडिकल प्रोफेशनल से कंसल्ट करना जरूरी है।

और पढ़ें: बुजुर्गों में होने वाली 5 सबसे आम स्वास्थ्य समस्याएं

उम्मीद करते हैं कि आपको सीनियर्स के लिए एचपीएलसी डायट (HPLC diet for seniors) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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सूत्र

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/09/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड