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बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन : बच सकते हैं बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम से!

बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन : बच सकते हैं बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम से!

ग्रैंड पेरेंट्स यानि कि हमारे घर के बुजुर्ग, हमारे परिवार का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी अच्छी सेहत हमारी जिम्मेदारी है। जिसके लिए जरूरी है कि उनके वैक्सीनेशन का भी ध्यान रखा जाए, खासतौर पर तब घर पर बच्चे हों। क्योंकि बड़े और बुजुर्ग दोनों की ही इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है। जिस कारण दोनों के ही बीमार होने का और इंफेक्शन के चंगुल में आने फसने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए आज हम बात करेंगे बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन (vaccination for Elders) की। कुछ वैक्सीनेशन (vaccination), समय के साथ बहुत जरूरी होते हैं, इस बात को हम सभी कोरोना की इस महामारी के दौरान समझ ही गए होंगे। आइए जानते हैं बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन (vaccination for Elders) के बारे में।

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बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन (vaccination for Elders) : इन वैक्सीनेशन का रखें ध्यान

बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) बहुत जरूरी है। इसलिए उन्हें कब और कौन सी वैक्सीनेशन लेनी चाहिए, इस बात का भी ध्यान रखें। वैक्सीनेशन के समय, कई बातों का ध्यान भी रखना चाहिए, जैसे कि वो फिट हों, उन्हें बुखार, हाय डायबिटीज या हाय ब्लड प्रेशर जैसी समस्या न हो। आप इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें और यहां जानें बुजुर्गों के लिए वैकसीनेशन के बारे में, जो उनके लिए जरूरी है :

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बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन : इन्फ्लुएंजा वैक्सीन (Influenza vaccine)

इन्फ्लूएंजा (Influenzae) श्वसन तंत्र से संबंधित एक संक्रामक रोग है, जिसकी शुरुआती लक्षण सर्दी, खांसी, जुकाम और हल्के बुखार आदि है। इन्फ्लूएंजा वायरस हमारे शरीर में कई तरह से प्रवेश कर सकती है, जैसे कि नाक, आंख और मुंह आदि। इसके अलावा इस वायरस एक से दूसरे में बहुत जल्दी फैलने लगता है। इससे से पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने के बाद, यह दूसरे व्यक्ति को बहुत जल्दी अपने चपेट में ले लेता है। बच्चे इसके संपर्क में बहुत जल्दी आ जाते हैं। इसलिए बुजर्गों के लिए वैक्सीनेशन में इन्फ्लुएंजा वैक्सीन बहुत जरूरी है। इसे लेने से इन्फ्लूएंजा यानि की फ्लू से बचाव में मदद मिलती है। आपके शरीर में इस वायरस (Virus) के प्रवेश करने पर कई लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे कि थकान महसूस होना, कमजोरी, तनाव, सर्दी (Cold), जुकाम, खांसी (Cough)आदि। इसके अलावा, ठंड के साथ तेज बुखार (High Fever) हो सकता है। बुजर्ग रोगियों में सांस लेने की तकलीफ सबसे ज्यादा देखी जाती है।

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बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन : हेपेटाइटिस B वैक्सीन (Hepatitis B vaccine)

हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B vaccine) जिगर का एक प्रकार का संक्रमण है, जो हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होता है। यह रक्त और शरीर के तरल पदार्थों से फैलता है। यदि कोई माता हेपेटाइटिस बी का वाहक है, तो उससे शिशु को अथवा प्रसव के दौरान इस वायरस के फैलने की संभावना काफी अधिक होती है।

गंभीर हेपेटाइटिस के लक्षणों में अत्यधिक थकान महसूस होना, भूख कम लगना, उल्टी आना, दस्त लगना और त्वचा और आंखों के सफेद भाग का रंग पीला होना शामिल हैं। गंभीर संक्रमण के अधिकतर मामले पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। तथापि, कुछ लोग इसके गंभीर रुप के वाहक हो जाते है, जिनको अंत में जिगर की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे जिगर का सिरोसिस और जिगर कैंसर। हेपेटाइटिस B का टीका (HBV) हेपेटाइटिस B से और लिवर कैंसर जैसी इसकी जटिलताओं से प्रभावी रूप से बचाव कर सकता है।

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बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन : टेटिनस वैक्सीन (Tetanus Vaccination)

बुजुर्गो के लिए वैक्सीनेशन में, टेटिनस वैक्सीन भी बहुत जरूरी है। टेटिनस का टीका (Tetanus Vaccination) बच्चों से लेकर बच्चों तक सभी के लिए जरूरी होता हैऋ। बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों में चोट लगने की समस्या भी देखने को मिलती है, तो ऐसे में यह वैक्सीन उनके लिए जरूरी है। टिटनेस वैक्सीन चार अलग-लग प्रकार ( (Tetanus Vaccination Types)की होती हैं, जो टिटनेस (Tetanus Vaccination) के साथ ही अन्य बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। अब इनमें से कौन सी प्रकार की वैक्सीन किस के लिए है, यह जानना भी जरूरी है। क्योंकि किस व्यक्ति को कौन सी वैक्सीन दी जाएगी, यह उसकी उम्र और वैक्सीन की स्थिति पर निर्भर करता है।

Tdap वैक्सीन- यह बड़े बच्चों और व्यस्कों को दिया जाता है। यह डिप्थेरिया,टेटिनस और काली खांसी से बचाव करता है।

Td वैक्सीन- यह बड़े बच्चों और व्यस्कों को दिया जाने वाला बूस्टर शॉट है जो डिप्थेरिया औरटेटिनस से बचाव करती है।

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बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन : एमएमआर वैक्सीन (MMR Vaccine)

एमएमआर वैक्सीन (MMR Vaccine), तीन टीकों के इस संयोजन का उपयोग: खसरा, मम्प्स और रूबेला के रोकथाम के लिए किया जाता है। ये तीनों बीमारियों के कारण रोगी में कई गंभीर स्वास्थ्य संबंधी लक्षण देखने को मिल सकते हैं। दुर्लभ मामलों में, मृत्यु की भी स्थिति हो सकती है। यह वैक्सीन संक्रमण को रोकने के लिए सूक्ष्मजीवों के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करती है। इस इंजेक्शन के अपने कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, जैसे कि शरीर में लालिमा आना, दर्द और सूजन आदि। हालांकि, यह अस्थायी लक्षण होते हैं, जो कुछ समय के लिए होते हैं। इसलिए वैक्सीनेशन, चिकित्सक के निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करते हुए ही लेना चाहिए। एमएमआर वैक्सीन को डॉक्टर द्वारा पर्चे पर लिखे जाने के बाद बाद ही लिया जाना चाहिए।वैसे आमतौर पर, एमएमआर टीके को बहुत कम साइड इफेक्ट के साथ वैक्सीनेशन के लिए सुरक्षित माना जाता है।

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इस तरह आपने जाना बुजुर्गो के लिए वैक्सीनेशन क्यों जरूरी है और वैक्सीनेशन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। बुजर्गों कब और कौन से वैक्सीनेशन लेने है, इस बात का ध्यान रखना भी बहुत आवश्यक है। इसके लिए आप कोशिश करें कि डॉक्टर से पूरा वैक्सीनेशन का पूरा चार्ट बनवा लें और उसके बाद उसे फॉलो करें। इसी के साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि एक साथ कोई भी दो वैक्सीनेशन न करवाएं। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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डॉ. अनीता मैथ्यू द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को