बुजुर्गों के स्वास्थ्य के बारे में बताता है सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट

    बुजुर्गों के स्वास्थ्य के बारे में बताता है सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट

    युवा हों या फिर बुजुर्ग, फिटनेस सभी के लिए महत्वपूर्ण है। फिट शरीर न सिर्फ स्वास्थ्य समास्याओं से दूर रखता है, बल्कि मानसिक मजबूती भी प्रदान करता है। भारत जैसे देश में बुजुर्गों या सीनियर सिटीजन की फिटनेस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। जिसकी वजह से वृद्धावस्था में लोगों को काफी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग या सीनियर सिटीजन उन लोगों को कहा जाता है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे ज्यादा हो जाती है। हज या अमरनाथ यात्रा जैसे तीर्थ यात्राओं में भी सीनियर सिटीजन की फिटनेस और हेल्थ के बारे में पूर्ण जानकारी इकट्ठा की जाती है और जब कोई बुजुर्ग प्रामाणिक तौर पर फिट पाया जाता है, तभी उसे यात्रा करने की अनुमति प्रदान की जाती है। बुजुर्गों की फिटनेस या स्वास्थ्य की जांच करने के लिए कुछ मेडिकल टेस्ट या सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट किए जाते हैं। जिनकी मदद से किसी भी वृद्ध व्यक्ति की हेल्थ के बारे में अनुमान लगाया जाता है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट (Senior Citizen Fitness Test) के बारे में जरूरी बातें।

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    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट (Senior Citizen Fitness Test) क्या है?

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट में कुल सात जांच करवाई जाती हैं, जिसकी मदद से यह आंकलन किया जाता है कि क्या सीनियर सिटीजन फिट है या नहीं। इन सात जांचों में दैनिक गतिविधियों से जुड़ी एक्सरसाइज करनी होती है। इन टेस्ट की मदद से सीनियर सिटीजन की शारीरिक ताकत, मसल्स की ताकत, हड्डियों की मजबूत, स्टेमिना, सहनशीलता आदि के बारे में अनुमान लगाया जाता है। आइए, इन टेस्ट के बारे में बात करते हैं।

    30 सेकेंड चेयर स्टैंड

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट (Senior Citizen Fitness Test)

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट की इस जांच का मकसद होता है कि सीनियर सिटीजन के निचले शरीर की ताकत का अंदाजा लगाया जाए। जिससे दैनिक दिनचर्या में कुर्सी, कार, बस या बेंच से उनके उठने की क्षमता के बारे में पता लगाया जाता है। इसमें सीनियर सिटीजन को एक बिना आर्म्स वाली कुर्सी पर बैठाया जाता है और उनके पैरों को जमीन पर अच्छी तरह टिकाया जाता है। फिर उनके हाथों को छाती से लगाकर अच्छी तरह बैलेंस करवाया जाता है और कमर को सीधा करवाया जाता है। अब इसमें 30 सेकेंड के अंदर व्यक्ति को जितनी बार भी हो सके कुर्सी से पूरी तरह उठना और बैठना होता है।

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    आर्म कर्ल

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट (Senior Citizen Fitness Test)

    यह सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट व्यक्ति की अपर बॉडी की ताकत को जांचने के लिए करवाया जाता है। इस टेस्ट में व्यक्ति को कुर्सी पर बैठाकर एक निश्चित वेट हाथ में दिया जाता है। अब इस हाथ को नीचे की तरफ सीधा करके कुर्सी के पीछे की तरफ कर दिया जाता है और दूसरे हाथ को कुर्सी पर ही आराम से रखवा दिया जाता है। अब व्यक्ति को पूरी गति के साथ हाथ को वेट पकड़कर एक बार ऊपर और फिर पूरी गति के साथ पिछली अवस्था में लाना होता है। बुजुर्ग व्यक्ति को 30 सेकेंड में जितनी बार भी हो सके, यह प्रक्रिया दोहरानी होती है।

    चेयर सिट एंड रीच

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट (Senior Citizen Fitness Test)

    यह सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट व्यक्ति की कमर और हैमस्ट्रिंग मसल्स के लचीलेपन को जांचने के लिए किया जाता है। इसमें व्यक्ति को एक कुर्सी के सिरहाने पर बैठा दिया जाता है और अब उसके एक पैर को आगे की तरफ पूरा फैला दिया जाता है। इसके बाद व्यक्ति को फैले हुए पैर की तरफ वाले हाथ को पंजों की तरफ ले जाना होता है। इसमें व्यक्ति को जितना हो सके हाथ को उतना पंजों के पास लाना होता है।

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    बैक स्क्रैच

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट (Senior Citizen Fitness Test)

    इस सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट में कंधों की ताकत और लचीलापन मापा जाता है। इसमें व्यक्ति को सीधा खड़ा कर दिया जाता है और फिर उसके एक हाथ को कंधे से ऊपर कमर पर ले जाया जाता है और फिर दूसरे हाथ को नीचे की तरफ से कमर पर ले जाया जाता है। अब व्यक्ति को अपने दोनों हाथों की बीच की उंगली को मिलाना होता है और ऊपर वाले हाथ की हथेली को कमर से लगाए रखना होता है।

    6 मिनट वॉक

    यह सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट व्यक्ति की एरोबिक एंड्यूरेंस को जांचने के लिए करवाया जाता है। जिसमें, बुजुर्ग व्यक्ति को 6 मिनट तक तेज-तेज चलना होता है, लेकिन उसे भागना नहीं होता। इस टेस्ट में सीनियर सिटीजन को अपने दोनों घुटनों को चलते हुए पूरी तरह से उठाना होता है।

    2 मिनट स्टेप

    6 मिनट वॉक में ज्यादा समय लगता है, इसलिए इस सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट की जरूरत देखी गई। इस टेस्ट में भी व्यक्ति की एरोबिक एंड्यूरेंस को देखा जाता है। इस टेस्ट में व्यक्ति को दो मिनट तक पूरे-पूरे कदम के साथ चलना होता है। लेकिन, चलते हुए उसे अपने दोनों घुटनों को एक तय ऊंचाई तक लाना होता है।

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    8 फुट अप एंड गो

    इस सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट में व्यक्ति के शारीरिक संतुलन और तेजी को देखा जाता है। व्यक्ति को एक कुर्सी पर बैठा दिया जाता है और उसके तलवों को पूरी तरह जमीन पर टिका दिया जाता है। इसके साथ व्यक्ति के दोनों हाथों को उसके घुटनों के ऊपर आराम करवा दिया जाता है। अब कुर्सी से 8 फुट की दूरी पर एक मार्क कर दिया जाता है। व्यक्ति को कुर्सी से उठकर मार्क से होते हुए कुर्सी पर वापस आकर बैठना होता है। इस प्रक्रिया के दो ट्रायल करवाए जाते हैं और जो सबसे कम समय होता है उसे रिकॉर्ड कर लिया जाता है।

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट : मेडिकल टेस्ट

    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट में कुछ मेडिकल टेस्ट भी जोड़कर करवाए जाते हैं, जिससे सीनियर सिटीजन के स्वास्थ्य का बिल्कुल सही अंदाजा लगाया जा सके। इसमें, निम्नलिखित टेस्ट्स करवाए जा सकते हैं। जैसे-

    • ब्लड प्रेशर टेस्ट से सीनियर सिटीजन के रक्तचाप को मापा जाता है। क्योंकि, बुजुर्ग व्यक्ति में सबसे ज्यादा यह शारीरिक समस्या देखी जाती है।
    • सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट के साथ बुजुर्ग व्यक्ति की आंखों का टेस्ट भी करवाया जाता है। जिसमें, डॉक्टर उनकी आंखों और नजर के स्वास्थ्य का प्रमाण देता है।
    • बुजुर्ग व्यक्ति का बोन डेंसिटी स्कैन भी करवाया जाता है। क्योंकि, उम्र के साथ व्यक्ति की हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगती है और उन्हें हड्डियों से संबंधित बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
    • इसके अलावा, उनका मधुमेह की जांच भी की जाती है।

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    सीनियर सिटीजन फिटनेस टेस्ट : एक्सरसाइज

    सीनियर सिटीजन कुछ एक्सरसाइज का नियमित अभ्यास करके अपनी फिटनेस सुधार सकते हैं। आइए, सीनियर सिटीजन के लिए कुछ आसान और प्रभावशाली एक्सरसाइज के नाम जानते हैं।

    • एब्डोमिनल कॉन्ट्रैक्शन
    • वॉल पुशअप्स
    • पेल्विक टिल्ट्स
    • शोल्डर ब्लेज स्क्वीज
    • टो टैप्स
    • हील रेज
    • क्नी लिफ्ट्स
    • शोल्डर एंड अपर बैक स्ट्रेच
    • एंकल रोटेशन
    • नेक स्ट्रेच
    • सिंगल लेग बैलेंस

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    सूत्र

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    लेखक की तस्वीर badge
    Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/05/2021 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड