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गर्भावस्था और काम के बीच बैलेंस बनाने में ये 7 टिप्स कर सकती हैं मदद


Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 23/09/2021

गर्भावस्था और काम के बीच बैलेंस बनाने में ये 7 टिप्स कर सकती हैं मदद

महिलाओं के जीन में मल्टीटास्किंग क्वालिटी होती है। वे एक समय में ज्यादा काम करने में निपुण होती हैं। गर्भावस्था में काम करने दौरान भी महिलाएं अपनी इसी खूबी का पूरा इस्तेमाल करती है। अगर महिला पहले भी मां बन चुकी है यानी पहले से एक बच्चे की मां है तो गर्भावस्था में काम और घर की जिम्मेदारी संभालना थोड़ा कठिन हो सकता है। अगर प्रेग्नेंट लेडीज सभी कामों को सही से मैनेज नहीं कर पाती हैं तो वे मानसिक रूप से परेशान हो सकती हैं। अगर मन अच्छा नहीं होगा तो इसका प्रभाव होने वाले बच्चे पर भी पड़ेगा। बेहतर ये रहेगा कि गर्भवस्था में काम और स्वास्थ्य पर बराबर ध्यान दिया जाए। इसके लिए प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। अगर आपका पार्टनर हेल्प करेगा तो काम ज्यादा आसान हो जाएगा। आइए जानते हैं कि गर्भावस्था में काम और घर दोनों को कैसे मैनेज किया जा सकता है।

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गर्भावस्था में काम को बैलेंस करने के टिप्स: (Tips to balance work in pregnancy)

1.ऑफिस में कुछ ऐसे करें अनाउंस

गर्भावस्था में काम करना महिला की मैनेजिंग स्किल के कारण आसान हो सकता है। प्रेग्नेंसी की बात आपको अपने ऑफिस में सबसे पहले बॉस को बतानी चाहिए। हो सकता है कि आप सोच रहीं हों कि पहले साथियों को बता दिया जाए। ऐसा न करें क्योंकि प्रेग्नेंसी की खबर अगर बॉस को किसी और से पता चलेगी तो हो सकता है कि उनको अच्छा न लगे। एक रिस्पॉन्सिबल एम्प्लॉई होने के नाते आपको सबसे पहले बॉस को प्रेग्नेंसी की खबर देनी चाहिए। फिर इसके बारे में ऑफिस के बाकी लोगों को बताना चाहिए। गर्भावस्था में काम के दौरान थकान दूसरी तिमाही से महसूस होने लगती है। हो सकता है कि गर्भावस्था में काम के दौरान आपको थकान लगे। ऐसे में बॉस का सपोर्ट मिलना जरूरी होता है। कुछ समय बाद आपको ऑफिस में छुट्टी के लिए अप्लाई कर देना चाहिए।

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2.गर्भावस्था में काम के दौरान ऑफिस बैग न रहे खाली

गर्भावस्था में काम के दौरान सिर्फ बिजी रहना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। गर्भावस्था में काम आपके लिए जरूरी है तो सही खानपान होने वाले बच्चे के लिए आवश्यक है। प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में हो सकता है कि कुछ चीजें खाने में पसंद न आ रही हो। ऑफिस की कैंटीन का खाना पसंद नहीं आ रहा है तो खुद ही ऑफिस में खाना बनाकर ले जाएं। ऑफिस के बैग में हेल्दी स्नैक्स रखना न भूलें। ऐसे समय में खाना एक साथ खाने की गलती न करें। एक से दो घंटे के अंतराल में खाना सही रहेगा। बैग में फ्रूट्स, ड्राई फ्रूट्स, गुड की चिक्की, दाल का बना हलवा आदि जरूर रखें। उल्टी लगने पर चॉकलेट का सहारा भी लिया जा सकता है। अगर आपके ऑफिस की कैंटीन में अच्छा खाना या स्नैक मिलता है तो भी आप वहां पर कुछ खा सकती हैं।

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3.जो भी महसूस हो, ऑफिस में जरूर कहें

गर्भावस्था में काम के दौरान हो सकता है कि आप पर कुछ प्रेशर क्रिएट किया जाए। ऐसे में बिना कुछ कहे काम करने से अच्छा है कि उसके बारे में जरूर कहें। अगर ऑफिस का माहौल ठीक है, लकिन फिर भी काम ज्यादा है तो अपने बॉस और कलीग से इस बारे में जरूर कहें। अपने साथियों से बताएं कि आप लगातार काम करने में सक्षम नहीं है। गर्भावस्था में काम में 100 प्रतिशत दे पाना मुश्किल होता है। सेकेंड ट्राइमेस्टर के दौरान वेट बढ़ जाने के कारण मूवमेंट करने में दिक्कत हो सकती है। साफतौर पर ऑफिस में अपनी सिचुएशन बताने पर ऑफिस से भी आपको पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलेगा।

4.गर्भावस्था में काम के बाद का प्लान

गर्भावस्था में काम करना फिर भी आसान होता है। प्रेग्नेंसी के बाद वापस काम पर आना कठिन हो सकता है। अगर आपके पास परिवार का सपोर्ट है तो दोबारा काम पर वापस आने में ज्यादा समस्या नहीं होगी। इस बारे में पहले से सोच लेना बेहतर रहेगा। आपको मैटरनिटी लीव कब तक चाहिए और उसके बाद ऑफिस जाएंगी या नहीं, इस बारे में बॉस से जरूर डिस्कस करें। अगर ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा है तो ये आपके लिए बेहतर हो सकता है। अगर हाफ टाइम का ऑप्शन चुनना चाहती हैं तो इसके लिए भी जरूर बात करें। पोस्ट प्रेग्नेंसी के बारे में पहले से डिसीजन लेकर डिस्कशन करना आपके लिए बेहतर रहेगा।

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5.अच्छे और बुरे एक्पीरियंस के लिए रहे तैयार

गर्भावस्था में काम के दौरान आपको अच्छे और बुरे एक्सपीरियंस का सामना करना पड़ सकता है। बुरे एक्सपीरियंस से मतलब मॉर्निंग सिकनेस, थकावट और जी मिचलाने से है। जब आपको अच्छा महसूस हो तो ऑफिस का टारगेट पूरा करें और फिर प्रोजेक्ट कम्प्लीट करें। ऐसा करने से आपके बॉस को भी अच्छा लगेगा। जब आप बुरे दिनों का सामना कर रही हो तो कुछ रेस्ट लेकर अपना काम जारी रखें। अगर ऑफिस में लोगों को आपकी प्रेग्नेंसी खबर पता होगी तो वो भी आपको पूरी तरह से सपोर्ट करेंगे।

 6.गर्भावस्था में काम कर रही हैं तो टाइम मैनेजमेंट हो जाता है बहुत जरूरी

बनने वाली मां के लिए टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। पार्टनर के लिए भी इसमें हिस्सा लेना जरूरी है। अगर कपल वर्किंग है तो दोनों के लिए साथ में टाइम मैनेज करना बहुत जरूरी है। कठिन समय में पार्टनर का साथ काम आसान कर देता है। दोनों लोगों को अपने काम के अनुसार बच्चे से जुड़े कामों के लिए टाइम सुनिश्चित कर लेना चाहिए। ऐसा करने से दोनों लोगों को सुविधा होगी।

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7.प्रेग्नेंसी को करें एंजॉय (Enjoy pregnancy Period)

गर्भावस्था में काम ही सब कुछ नहीं है। हो सकता है कि आप घर और ऑफिस के बीच अपने लिए समय न निकाल पा रही हो। बेहतर रहेगा कि गर्भावस्था में काम के साथ ही एंजॉय करें। प्रेग्नेंसी के दौरान बेबी के लिए शॉपिंग करें। ऑफिस में अपने कोवर्कर के साथ प्रेग्नेंसी के एक्सपीरियंस को शेयर करें। प्रेग्नेंसी में खानपान को एंजॉय करना भी बेहतर रहेगा। हेल्दी फूड और एक्सरसाइज और अपनी हॉबी के लिए समय जरूर निकालें।

गर्भावस्था में काम और स्वास्थ्य के बीच बैलेंस बनाकर चलना बहुत जरूरी है। अगर आप दोनों चीजों को बैलेंस कर पा रही हैं तो बेहतर हैं। गर्भावस्था में काम के दौरान किस तरह से स्वास्थ्य का ख्याल रखना है, इस बारे में अपने डॉक्टर से एक बार राय जरूर लें।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 23/09/2021

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