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गर्भावस्था में इंफेक्शन से कैसे बचें?

गर्भावस्था में इंफेक्शन से कैसे बचें?

सभी प्रेग्नेंट महिलाएं स्वस्थ बच्चे की चाहत रखती हैं। गर्भावस्था में इंफेक्शन मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। गर्भावस्था में इंफेक्शन से सीरियस इलनेस, बर्थ डिफेक्ट, लाइफलॉन्ग डिसेबिलिटी, सुनने में समस्या या सीखने की क्षमता में खराबी आ सकती है। हेल्दी च्वॉइस और कुछ बातों का ध्यान रखकर गर्भावस्था में इंफेक्शन से बचा जा सकता है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि कैसे प्रेग्नेंसी के दौरान या उससे पहले इंफेक्शंस से बचाव किया जा सकता है।

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कैसे करेंगे गर्भावस्था में इंफेक्शन से बचाव?

जीका वायरस से बचाएं खुद को

पैदा होने से पहले बच्चे और प्रेग्नेंट लेडी में जीका वायरस पहुंच सकता है। जीका वायरस के इंफेक्शन की वजह से प्रेग्नेंसी के दौरान माइक्रोकैफिलि होने की संभावना रहती है। माइक्रोकैफिलि बर्थ डिफेक्ट है जिसमें बच्चे का शरीर और ब्रेन उम्र के हिसाब से छोटा रहता है। आपको जीका वायरस से बचाव के लिए कुछ बातों पर ध्यान देना होगा जैसे-

  • ऐसे एरिया में न जाएं जहां जीका वायरस फैला हो।
  • अगर आपको कहीं बाहर जाना ही है तो पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श कर लें। डॉक्टर से पूछें कि किस तरह से मच्छरों से बचा जा सकता है।
  • अगर आपका पार्टनर ऐसी जगह में रहता है तो आपको सेक्स के समय प्रोटक्शन यूज करने की जरूरत है।
  • वायरस सेक्स के दौरान आसानी से फैलता है। आप कंसीव करने से पहले भी इस बात का ध्यान रखें। सेक्स के समय कंडोम का यूज जरूर करें।

और पढ़ें : तीसरी प्रेग्नेंसी के दौरान इन बातों का रखना चाहिए विशेष ख्याल

गर्भावस्था में इंफेक्शन से बचने के लिए सफाई का रखें ध्यान

प्रेग्नेंसी के दौरान इंफेक्शंस से बचने के लिए सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। कुछ चीजों को छूने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।

  • बाथरूम को यूज करने के बाद।
  • रॉ मीट, रॉ अंडा या बिना धुली सब्जियों को छूने के बाद हाथ साबुन से जरूर वॉश करें।
  • खाना बनाने के पहले और खाने के पहले।
  • मिट्टी छूने के बाद हाथ जरूर धोएं।
  • घर में अगर पालतू जानवर हैं तो उनको छूने के बाद भी हाथ धोएं।
  • अगर बीमार लोगों से मिलने गए हैं तो हाथों को वॉश जरूर करें।
  • डायपर बदलने के बाद हाथ साफ करें।
  • अगर हाथ में थूक गिर जाए, तो हाथ जरूर धोएं।

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इंफेक्टेड इंसान से बनाएं दूरी

अगर आपने प्रेग्नेंसी के पहले वैक्सिनेशन नहीं कराया है तो आपको ऐसे इंसानों से दूरी बनानी चाहिए जो इंफेक्शन से पीड़ित हैं। चिकनपॉक्स और रुबेला से पीड़ित लोगों से दूरी बनाएं। ये बात ध्यान रखें कि कंसीव करने से पहले वैक्सिनेशन कराना बच्चे के साथ ही आपके लिए भी बहुत उपयोगी है। गर्भावस्था में इंफेक्शन से बचने के लिए वैक्सिनेशन के बारे में जानकारी जरूर प्राप्त करें। वैसे तो इंफेक्शन से शरीर को नुकसान ही पहुंचता है लेकिन गर्भावस्था में खतरा अधिक बढ़ जाता है। भले ही आपके परिवार में किसी को बुरा लगे, लेकिन किसी को इंफेक्शन होने पर आपका उससे दरी बनाना बेहतर रहेगा। कई बार पार्टनर से इंफेक्शन की संभावना नहीं रहती है। ऐसे में आपको ही ध्यान रखना पड़ेगा कि आपके आसपास का वातावरण ठीक है या नहीं।

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लेट प्रेग्नेंसी में पता चलता है GBS

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस (जीबीएस) बैक्टीरिया का एक समूह है जो शरीर में आते और जाते हैं, लेकिन यह योनि और मलाशय में रहते हैं। वे आमतौर पर किसी लक्षण या संक्रमण का कारण नहीं बनते हैं। जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान जीबीएस है, वे होने वाले बच्चे को इसे दे पास कर सकती हैं। इसकी एक या दो प्रतिशत संभावना होती है। हो सकता है कि लेट प्रेग्नेंसी में इसका पता लगाया जा सके। ये प्रसव पूर्व केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एंटीबायोटिक्स के माध्यम से इस संक्रमण को कम किया जा सकता है। गर्भावस्था में इंफेक्शन को दूर करने के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

घर में है पालतू जानवर तो रहे सावधान

अगर आपके घर में पालतू है तो प्रेग्नेंसी के दौरान आपको सावधान रहने की जरूरत है। कुछ वायरस पालतू जानवर से भी फैल सकते हैं। आप जब भी पालतू जानवर को छुएं, हाथ अच्छे से धोएं। प्रेग्नेंसी के दौरान कोशिश करें कि पालतू की सफाई न करें। घर के किसी अन्य सदस्य को इस काम में लगाएं। गर्भावस्था में इंफेक्शन जानवरों की पॉटी को छूने की वजह से भी हो सकता है।

अनपाश्चराइज्ड मिल्क को कहें न

वैसे तो पैकेट में आना वाले दूध पाश्चराइज्ड होता है। अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान ताजा दूध मंगा रही हैं तो यूज करने से पहले उसे अच्छी तरह से पका लें। कच्चे दूध से बने किसी भी प्रोडक्ट को न यूज करें। आप साफ्ट पनीर को भी अवॉयड करें। गर्भावस्था में इंफेक्शन कच्चा दूध को पीने की वजह से भी हो सकता है।

योनि का इंफेक्शन

प्रेग्नेंसी के दौरान बैक्टीरियल वेजिनोसिस (बीवी) से योनी में संक्रमण हो जाता है। गर्भावस्था में इंफेक्शन से बचाव के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। जब बैक्टीरिया की वजह से योनि में इंफेक्शन फैलता है तो आपको कुछ लक्षण महसूस होंगे जैसे-

  • योनी में खुजली, जलन, या दर्द।
  • योनि से आने वाली गंध।
  • सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद अधिक बुरी गंध।
  • गहरे रंग का मोटा डिस्चार्ज होना।
  • अगर गर्भावस्था में इंफेक्शन का इलाज नहीं कराया जाता है तो प्रीटर्म लेबर, प्रीमैच्योर बर्थ और लोअर बर्थ बेबी का खतरा रहता है।

और पढ़ें : आईवीएफ (IVF) को लेकर मन में है सवाल तो जरूर पढ़ें ये आर्टिकल

बच्चे की यूरिन और सलाइवा से रहे दूर

कॉमन वायरस जिसे साइटोमेगालोवायरस (cytomegalovirus) कहते हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हार्म पहुंचा सकता है। आपको इससे बचने के लिए बच्चे के सलाइवा और यूरिन से दूरी बनानी होगी। आपको इससे बचने के लिए बच्चे के साथ खाना शेयर नहीं करना चाहिए। अगर बच्चे ने यूरिन कर दी है तो उसे साफ करने के बाद अच्छे से हाथ धोएं। ऐसा करने से साइटोमेगालोवायरस का रिस्क खत्म नहीं होता है, लेकिन आप इसे कम कर सकते हैं।

और पढ़ें : IUI (Intrauterine Insemination) के रिस्क क्या हैं?

इंफेक्शंस से बचाव के लिए मेडिसिन

प्रेग्नेंसी के दौरान अधिकतर वजायनल इंफेक्शन होता है। अगर आपको गर्भावस्था में इंफेक्शन होने की जरा सी भी शंका है तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें। वजायनल इंफेक्शन, बैक्टीरियल वेजिनोसिस और क्लैमाइडिया में बिना जांच के अंतर कर पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर आपको इंफेक्शन से बचाव करना है तो लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद मेडिसिन देंगे।

प्रेग्नेंसी के दौरान आपको इंफेक्शंस से बचाव के लिए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। कई बार जानकारी के अभाव में हम इंफेक्शन को न्यौता दे देते हैं। कंसीव करने के पहले आपने डॉक्टर से संपर्क करें। प्रेग्नेंसी के दौरान और पहले वैक्सिनेशन जरूर कराएं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सक सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
अपडेटेड 09/12/2019
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